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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग शनि 28 मार्च 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 06:16 तक

फिर एकादशी · 05:16 रवि तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

कामदा एकादशी

पारण समय
11:07⁠–⁠18:59 रवि
रवि 29 मार्च
व्रत आरंभ
06:06

स्मार्त परंपरा में कामदा एकादशी शनि 28 मार्च को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव रवि 29 मार्च को व्रत रखते हैं। शनि 28 मार्च क्यों?

कामदा एकादशी: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:36 06:06 18:57अगला सूर्योदय 06:03 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:06–07:42कालअशुभ
  • 07:42–09:18शुभ
  • 09:18–10:55रोगअशुभ
  • 10:55–12:31उद्वेगअशुभ
  • 12:31–14:08चरसामान्य
  • 14:08–15:44लाभयमगण्ड में
  • 15:44–17:21अमृतशुभ
  • 17:21–18:57कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:57–20:20लाभशुभ
  • 20:20–21:43उद्वेगअशुभ
  • 21:43–23:07शुभ
  • 23:07–00:30 रविअमृतशुभ
  • 00:30–01:53 रविचरसामान्य
  • 01:53–03:16 रविरोगअशुभ
  • 03:16–04:40 रविकालअशुभ
  • 04:40–06:03 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 28 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:21, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:06–07:42
  • शुभ, 07:42–09:18
  • रोग, अशुभ, 09:18–10:55
  • उद्वेग, अशुभ, 10:55–12:31
  • चर, सामान्य, 12:31–14:08
  • लाभ, शुभ, 14:08–15:44
  • अमृत, शुभ, 15:44–17:21
  • काल, अशुभ, 17:21–18:57
  • लाभ, शुभ, 18:57–20:20
  • उद्वेग, अशुभ, 20:20–21:43
  • शुभ, 21:43–23:07
  • अमृत, शुभ, 23:07–00:30 रवि
  • चर, सामान्य, 00:30–01:53 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:53–03:16 रवि
  • काल, अशुभ, 03:16–04:40 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:40–06:03 रवि
  • गुलिक काल, 06:06–07:42, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:06–06:57, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:57–07:48, अशुभ
  • राहु काल, 09:18–10:55, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:06–12:57, शुभ
  • यमगण्ड, 14:08–15:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:18 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में कामदा एकादशी शनि 28 मार्च को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में कामदा एकादशी शनि 28 मार्च को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव रवि 29 मार्च को व्रत रखते हैं।

दशमी एकादशी 06:06 06:16 03:00 04:00 05:00 07:00 08:00 शनि 28 मार्च स्मार्त अरुणोदय 04:30–06:06
दशमी एकादशी 06:06 06:16 03:00 05:00 शनि 28 मार्च स्मार्त अरुणोदय 04:30–06:06
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह शनि 28 मार्च को 06:16 पर, उस सूर्योदय (06:06) के बाद, लगती है और रवि 29 मार्च को 05:16 पर, अगले सूर्योदय (06:03 रवि) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: शनि 28 मार्च।

कामदा एकादशी: Myshkin में हर तारीख़

शनि 28 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.9° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:06। नवमी उससे पहले 07:37 शुक्र पर समाप्त हुई। दशमी 06:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 19 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शनि 28 मार्च सुबह रवि 29 मार्च सुबह Myshkin UTC+3 06:16 05:16 06:06 दशमी 06:03 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शनि 28 मार्च सुबह रवि 29 मार्च सुबह Myshkin UTC+3 06:16 05:16 06:06 दशमी 06:03 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:16 को शुरू हुई और 05:16 रवि को समाप्त, 06:06 और 06:03 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को दशमी है और रविवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

शनि 28 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:36–05:21

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:36–05:21।

सूर्यास्त 18:55 शुक्र सूर्योदय 06:06 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 27 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:55 शुक्र सूर्योदय 06:06 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 27 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 27 मार्च की रात सूर्यास्त 18:55 शुक्र से सूर्योदय 06:06 तक थी, 11 घं 11 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 28 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:06–12:57

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:06–12:57।

शनि 28 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 06:06–06:57

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:06–06:57 और 06:57–07:48।

शनि 28 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 06:57–07:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:06–06:57 और 06:57–07:48।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:06 से 18:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:06–06:57 और 06:57–07:48।

शनि 28 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:06–07:42 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:06 से 18:57, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:57 से 06:03 रवि, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 28 मार्च को राहुकाल कब है? 09:18–10:55

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:55।

शनि 28 मार्च को यमगंड कब है? 14:08–15:44

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:08–15:44।

शनि 28 मार्च को गुलिक काल कब है? 06:06–07:42

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:06–07:42।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:06 से 18:57 तक है, 12 घं 51 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 28 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:57, 12 घं 51 मि का दिन।

शनि 28 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:57, 12 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:22 रवि चंद्रोदय 12:41
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:22 रवि चंद्रोदय 12:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 28 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 103.1° पर था: पुष्य, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 103.1° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 103.1° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 100° पर उसके पद 3 में आया। वह 12:20 को निकलेगा, अश्लेशा में।

शनि 28 मार्च को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 446.3° थे, एक चक्कर और 86.3°: सुकर्मा।

सूर्य 343.2° + चंद्रमा 103.1° = 446.3° एक चक्कर + 86.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 343.2° + चंद्रमा 103.1° = 446.3° एक चक्कर + 86.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 343.2° + 103.1° = 446.3°, एक पूरा चक्कर और 86.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 17:36 को समाप्त होता है, फिर धृति।

शनि 28 मार्च को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.9° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 18:54 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 06:16 तक है।

शनि 28 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:06, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:06 से 06:03 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 28 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 19 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शनि 28 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 28 मार्च पूर्णिमा 3 मार्च अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 28 मार्च पूर्णिमा 3 मार्च अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

शनि 28 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 28 मार्च सूर्य 343.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 28 मार्च सूर्य 343.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 04:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 28 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:41

चंद्रमा यहाँ 12:41 पर उदय होता है।

शनि 28 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:22 रवि

सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:22 रवि चंद्रोदय 12:41
सूर्योदय 06:06 सूर्यास्त 18:57 सूर्योदय 06:03 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:22 रवि चंद्रोदय 12:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:22 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:41 पर उदय हुआ; वह फिर 05:22 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।