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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग बुध 14 जनवरी 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 15:23 तक

फिर द्वादशी · 17:47 गुरु तक

त्योहार

मकर संक्रांति

पुण्य काल
12:37⁠–⁠04:37 गुरु

मकर संक्रांति बुध 14 जनवरी को है: सूर्य 12:37 पर, दिन में, मकर में प्रवेश करता है। बुध 14 जनवरी क्यों?

मकर संक्रांति: Myshkin में हर तारीख़

व्रत

षटतिला एकादशी

पारण समय
08:58⁠–⁠16:12 गुरु
गुरु 15 जनवरी
व्रत आरंभ
08:59

षटतिला एकादशी बुध 14 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। बुध 14 जनवरी क्यों?

षटतिला एकादशी: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:44 08:59 16:11अगला सूर्योदय 08:58 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:59–09:53लाभशुभ
  • 09:53–10:47अमृतयमगण्ड में
  • 10:47–11:41कालअशुभ
  • 11:41–12:35शुभगुलिक काल में
  • 12:35–13:29रोगअशुभ
  • 13:29–14:23उद्वेगअशुभ
  • 14:23–15:17चरसामान्य
  • 15:17–16:11लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:11–18:16उद्वेगअशुभ
  • 18:16–20:22शुभ
  • 20:22–22:28अमृतशुभ
  • 22:28–00:34 गुरुचरसामान्य
  • 00:34–02:40 गुरुरोगअशुभ
  • 02:40–04:46 गुरुकालअशुभ
  • 04:46–06:52 गुरुलाभशुभ
  • 06:52–08:58 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 14 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:44–07:52, शुभ
  • लाभ, शुभ, 08:59–09:53
  • अमृत, शुभ, 09:53–10:47
  • काल, अशुभ, 10:47–11:41
  • शुभ, 11:41–12:35
  • रोग, अशुभ, 12:35–13:29
  • उद्वेग, अशुभ, 13:29–14:23
  • चर, सामान्य, 14:23–15:17
  • लाभ, शुभ, 15:17–16:11
  • उद्वेग, अशुभ, 16:11–18:16
  • शुभ, 18:16–20:22
  • अमृत, शुभ, 20:22–22:28
  • चर, सामान्य, 22:28–00:34 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:34–02:40 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:40–04:46 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:46–06:52 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 06:52–08:58 गुरु
  • यमगण्ड, 09:53–10:47, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:41–12:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:20–12:49, अशुभ
  • राहु काल, 12:35–13:29, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:43–07:51 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में मकर संक्रांति बुध 14 जनवरी को क्यों है?

मकर संक्रांति बुध 14 जनवरी को है: सूर्य 12:37 पर, दिन में, मकर में प्रवेश करता है।

1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी; तारे स्थिर (निरयन, लाहिड़ी)। पास से: एक ही घड़ी पर (UTC+3) सूर्य का पथ: ऊपर उसकी राशि, नीचे दिन और रात। सूर्य: हर सूर्योदय पर, अपने भोगांश के साथ, और जहाँ वह प्रवेश करता है। खाना: पुण्य काल।

सूर्य 12:37 पर, सूर्योदय (08:59) और सूर्यास्त (16:11) के बीच, मकर में प्रवेश करता है। धर्मसिंधु के अनुसार पुण्य काल प्रवेश के बाद की 40 घटियाँ है, इसलिए स्नान-दान उसी दिन: बुध 14 जनवरी।

मकर संक्रांति: Myshkin में हर तारीख़

Myshkin में षटतिला एकादशी बुध 14 जनवरी को क्यों है?

षटतिला एकादशी बुध 14 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी 09:00 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 11:00 मंगल 13 जनवरी अरुणोदय 07:24–09:00
दशमी 09:00 06:00 08:00 10:00 मंगल 13 जनवरी अरुणोदय 07:24–09:00
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 14 जनवरी को सूर्योदय पर है, 08:59: बुध 14 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:48 मंगल पर, उससे (07:23–08:59) पहले, समाप्त हुई।

षटतिला एकादशी: Myshkin में हर तारीख़

बुध 14 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 309.1° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 309.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 309.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:59। दशमी उससे पहले 12:48 मंगल पर समाप्त हुई। एकादशी 15:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 3 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 14 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:44–07:52

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:44–07:52।

सूर्यास्त 16:09 मंगल सूर्योदय 08:59 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 13 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:09 मंगल सूर्योदय 08:59 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 13 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 13 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:09 मंगल से सूर्योदय 08:59 तक थी, 16 घं 50 मि। इसे 1 घं 7 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 14 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:20–12:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:20–12:49।

सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:59 से 16:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 28 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:20–12:49: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 14 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:59–09:53 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:59 से 16:11, 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:11 से 08:58 गुरु, 2 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 14 जनवरी को राहुकाल कब है? 12:35–13:29

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:35–13:29।

बुध 14 जनवरी को यमगंड कब है? 09:53–10:47

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:53–10:47।

बुध 14 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:41–12:35

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:41–12:35।

सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 08:59 से 16:11 तक है, 7 घं 12 मि। इसे 54 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 14 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:59, सूर्यास्त 16:11, 7 घं 12 मि का दिन।

बुध 14 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:59, सूर्यास्त 16:11, 7 घं 12 मि का दिन।

सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:31 चंद्रोदय 07:22 गुरु
सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:31 चंद्रोदय 07:22 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 7 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 16 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 7 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 16 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 14 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा

सूर्योदय पर चंद्रमा 219° पर था: अनुराधा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 219.0° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 219.0° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:33 गुरु को निकलेगा, ज्येष्ठा में।

बुध 14 जनवरी को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 488.8° थे, एक चक्कर और 128.8°: गण्ड।

सूर्य 269.8° + चंद्रमा 219.0° = 488.8° एक चक्कर + 128.8° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 269.8° + चंद्रमा 219.0° = 488.8° एक चक्कर + 128.8° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 269.8° + 219° = 488.8°, एक पूरा चक्कर और 128.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 17:25 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

बुध 14 जनवरी को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 309.1° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 309.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 309.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 02:06 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 15:23 तक है।

बुध 14 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 08:59, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:59 से 08:58 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 20 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 18 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

बुध 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल बुध 14 जनवरी अमावस्या 20 दिस॰ पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल बुध 14 जनवरी अमावस्या 20 दिस॰ पूर्णिमा 3 जन॰ अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 2 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

बुध 14 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 13:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 14 जनवरी सूर्य 269.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 13:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 14 जनवरी सूर्य 269.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 13:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 285° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 14 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:22 गुरु

चंद्रमा यहाँ 07:22 गुरु पर उदय होता है।

बुध 14 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:31

सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:31 चंद्रोदय 07:22 गुरु
सूर्योदय 08:59 सूर्यास्त 16:11 सूर्योदय 08:58 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:31 चंद्रोदय 07:22 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:31 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:22 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:31 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 07:22 गुरु पर उदय होगा।