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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग मंगल 4 नवंबर 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:44 07:46 16:31अगला सूर्योदय 07:48 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:46–08:52रोगअशुभ
  • 08:52–09:57उद्वेगअशुभ
  • 09:57–11:03चरसामान्य
  • 11:03–12:09लाभशुभ
  • 12:09–13:14अमृतगुलिक काल में
  • 13:14–14:20कालअशुभ
  • 14:20–15:26शुभराहु काल में
  • 15:26–16:31रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:31–18:26कालअशुभ
  • 18:26–20:21लाभशुभ
  • 20:21–22:15उद्वेगअशुभ
  • 22:15–00:10 बुधशुभ
  • 00:10–02:04 बुधअमृतशुभ
  • 02:04–03:59 बुधचरसामान्य
  • 03:59–05:54 बुधरोगअशुभ
  • 05:54–07:48 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:44–06:45, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:46–08:52
  • उद्वेग, अशुभ, 08:52–09:57
  • चर, सामान्य, 09:57–11:03
  • लाभ, शुभ, 11:03–12:09
  • अमृत, शुभ, 12:09–13:14
  • काल, अशुभ, 13:14–14:20
  • शुभ, 14:20–15:26
  • रोग, अशुभ, 15:26–16:31
  • काल, अशुभ, 16:31–18:26
  • लाभ, शुभ, 18:26–20:21
  • उद्वेग, अशुभ, 20:21–22:15
  • शुभ, 22:15–00:10 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:10–02:04 बुध
  • चर, सामान्य, 02:04–03:59 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:59–05:54 बुध
  • काल, अशुभ, 05:54–07:48 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:31–10:06, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:57–11:03, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:51–12:26, शुभ
  • गुलिक काल, 12:09–13:14, अशुभ
  • राहु काल, 14:20–15:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:38–23:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:46–06:47 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 160.8° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 160.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 160.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:46। त्रयोदशी उससे पहले 23:36 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 20:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 21 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:44–06:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:44–06:45।

सूर्यास्त 16:34 सोम सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:34 सोम सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:34 सोम से सूर्योदय 07:46 तक थी, 15 घं 12 मि। इसे 1 घं 0 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:51–12:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:51–12:26।

मंगल 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:31–10:06

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:31–10:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:38–23:39।

मंगल 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:38–23:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:31–10:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:38–23:39।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:46 से 16:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 35 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:31–10:06 और 22:38–23:39।

मंगल 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:46–08:52 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:46 से 16:31, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:31 से 07:48 बुध, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 14:20–15:26

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:20–15:26।

मंगल 4 नवंबर को यमगंड कब है? 09:57–11:03

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:57–11:03।

मंगल 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:09–13:14

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:14।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:46 से 16:31 तक है, 8 घं 45 मि। इसे 1 घं 5 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 16:31, 8 घं 45 मि का दिन।

मंगल 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 16:31, 8 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 बुध चंद्रोदय 15:37
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 बुध चंद्रोदय 15:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 358.6° पर था: रेवती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 358.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 358.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:04 को निकलेगा, अश्विनी में।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 556.4° थे, एक चक्कर और 196.4°: वज्र।

सूर्य 197.8° + चंद्रमा 358.6° = 556.4° एक चक्कर + 196.4° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 197.8° + चंद्रमा 358.6° = 556.4° एक चक्कर + 196.4° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 197.8° + 358.6° = 556.4°, एक पूरा चक्कर और 196.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 13:12 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 160.8° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 160.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 160.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:54 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 20:06 तक।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:46, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:46 से 07:48 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 21 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 20 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 4 नवंबर पूर्णिमा 7 अक्टू॰ अमावस्या 21 अक्टू॰ पूर्णिमा 5 नव॰ अमावस्या 20 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 4 नवंबर पूर्णिमा 7 अक्टू॰ अमावस्या 21 अक्टू॰ पूर्णिमा 5 नव॰ अमावस्या 20 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 13:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 नवंबर सूर्य 197.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 13:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 नवंबर सूर्य 197.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 13:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 213° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:37

चंद्रमा यहाँ 15:37 पर उदय होता है।

मंगल 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:45 बुध

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 बुध चंद्रोदय 15:37
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 16:31 सूर्योदय 07:48 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 बुध चंद्रोदय 15:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:37 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 07:45 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:37 पर उदय हुआ; वह फिर 07:45 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।