tithika
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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग सोम 14 अगस्त 2023

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 07:55 तक

फिर चतुर्दशी · 10:13 मंगल तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:13⁠–⁠00:48 मंगल
निशीथ काल 00:13⁠–⁠00:48 मंगल

मासिक शिवरात्रि सोम 14 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 14 अगस्त क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:38 04:46 20:13अगला सूर्योदय 04:48 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:46–06:42अमृतशुभ
  • 06:42–08:38कालअशुभ
  • 08:38–10:34शुभ
  • 10:34–12:30रोगअशुभ
  • 12:30–14:25उद्वेगअशुभ
  • 14:25–16:21चरसामान्य
  • 16:21–18:17लाभशुभ
  • 18:17–20:13अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:13–21:17चरसामान्य
  • 21:17–22:22रोगअशुभ
  • 22:22–23:26कालअशुभ
  • 23:26–00:31 मंगललाभशुभ
  • 00:31–01:35 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:35–02:40 मंगलशुभ
  • 02:40–03:44 मंगलअमृतशुभ
  • 03:44–04:48 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 14 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:38–04:12, शुभ
  • अमृत, शुभ, 04:46–06:42
  • काल, अशुभ, 06:42–08:38
  • शुभ, 08:38–10:34
  • रोग, अशुभ, 10:34–12:30
  • उद्वेग, अशुभ, 12:30–14:25
  • चर, सामान्य, 14:25–16:21
  • लाभ, शुभ, 16:21–18:17
  • अमृत, शुभ, 18:17–20:13
  • चर, सामान्य, 20:13–21:17
  • रोग, अशुभ, 21:17–22:22
  • काल, अशुभ, 22:22–23:26
  • लाभ, शुभ, 23:26–00:31 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:31–01:35 मंगल
  • शुभ, 01:35–02:40 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:40–03:44 मंगल
  • चर, सामान्य, 03:44–04:48 मंगल
  • राहु काल, 06:42–08:38, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:34–12:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:59–13:00, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:00–14:02, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:25–16:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:06–17:07, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:40–04:14 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में मासिक शिवरात्रि सोम 14 अगस्त को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि सोम 14 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 रवि 13 अगस्त निशीथ काल 00:14–00:48 सोम
त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 रवि 13 अगस्त निशीथ काल 00:14–00:48 सोम
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 14 अगस्त को 07:55 से मंगल 15 अगस्त को 10:13 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (00:13 मंगल–00:48 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Myshkin में हर तारीख़

सोम 14 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 334.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 334.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 334.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:46। द्वादशी उससे पहले 05:50 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 07:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 1 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 14 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:38–04:12

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:38–04:12।

सूर्यास्त 20:15 रवि सूर्योदय 04:46 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:15 रवि सूर्योदय 04:46 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 13 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:15 रवि से सूर्योदय 04:46 तक थी, 8 घं 31 मि। इसे 34 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–13:00

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–13:00।

सोम 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 13:00–14:02

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:00–14:02 और 16:06–17:07।

सोम 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:06–17:07

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:00–14:02 और 16:06–17:07।

सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 04:46 से 20:13, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 1 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:00–14:02 और 16:06–17:07।

सोम 14 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:46–06:42 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:46 से 20:13, 1 घं 55 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:13 से 04:48 मंगल, 1 घं 4 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 14 अगस्त को राहुकाल कब है? 06:42–08:38

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:42–08:38।

सोम 14 अगस्त को यमगंड कब है? 10:34–12:30

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:34–12:30।

सोम 14 अगस्त को गुलिक काल कब है? 14:25–16:21

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:25–16:21।

सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 04:46 से 20:13 तक है, 15 घं 27 मि। इसे 1 घं 55 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 14 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 04:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:46, सूर्यास्त 20:13, 15 घं 27 मि का दिन।

सोम 14 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:46, सूर्यास्त 20:13, 15 घं 27 मि का दिन।

सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:24 चंद्रोदय 02:41 मंगल
सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:24 चंद्रोदय 02:41 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 14 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 91.4° पर था: पुनर्वसु, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 91.4° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 91.4° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:36 को निकलेगा, पुष्य में।

सोम 14 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 208.3° थे: सिद्धि।

सूर्य 116.9° + चंद्रमा 91.4° = 208.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 116.9° + चंद्रमा 91.4° = 208.3° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 116.9° + 91.4° = 208.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 14:09 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

सोम 14 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 334.6° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 334.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 334.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 18:51 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 07:55 तक है।

सोम 14 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:46, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:46 से 04:48 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)

17 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जुलाई 21:31 सोम से 16 अगस्त 12:38 बुध तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 17 अगस्त 11:02 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।

सोम 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 14 अगस्त अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 1 अग॰ अमावस्या 16 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 14 अगस्त अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 1 अग॰ अमावस्या 16 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।

सोम 14 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945

विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 20:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 अगस्त सूर्य 116.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 20:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 अगस्त सूर्य 116.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 20:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 140.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 14 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:41 मंगल

चंद्रमा यहाँ 02:41 मंगल पर उदय होता है।

सोम 14 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:24

सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:24 चंद्रोदय 02:41 मंगल
सूर्योदय 04:46 सूर्यास्त 20:13 सूर्योदय 04:48 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:24 चंद्रोदय 02:41 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:41 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:24 पर, रात में, अस्त होता है; वह फिर 02:41 मंगल पर उदय होगा।