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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग शुक्र 12 अगस्त 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

प्रतिपदा

कृष्ण पक्ष · 01:17 शनि तक

फिर द्वितीया · 22:24 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:36 04:43 20:17अगला सूर्योदय 04:45 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:43–06:39चरसामान्य
  • 06:39–08:36लाभगुलिक काल में
  • 08:36–10:33अमृतशुभ
  • 10:33–12:30कालअशुभ
  • 12:30–14:27शुभ
  • 14:27–16:23रोगअशुभ
  • 16:23–18:20उद्वेगअशुभ
  • 18:20–20:17चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 20:17–21:21रोगअशुभ
  • 21:21–22:24कालअशुभ
  • 22:24–23:27लाभशुभ
  • 23:27–00:31 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:31–01:34 शनिशुभ
  • 01:34–02:38 शनिअमृतशुभ
  • 02:38–03:41 शनिचरसामान्य
  • 03:41–04:45 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 12 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:36–04:09, शुभ
  • चर, सामान्य, 04:43–06:39
  • लाभ, शुभ, 06:39–08:36
  • अमृत, शुभ, 08:36–10:33
  • काल, अशुभ, 10:33–12:30
  • शुभ, 12:30–14:27
  • रोग, अशुभ, 14:27–16:23
  • उद्वेग, अशुभ, 16:23–18:20
  • चर, सामान्य, 18:20–20:17
  • रोग, अशुभ, 20:17–21:21
  • काल, अशुभ, 21:21–22:24
  • लाभ, शुभ, 22:24–23:27
  • उद्वेग, अशुभ, 23:27–00:31 शनि
  • शुभ, 00:31–01:34 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:34–02:38 शनि
  • चर, सामान्य, 02:38–03:41 शनि
  • रोग, अशुभ, 03:41–04:45 शनि
  • गुलिक काल, 06:39–08:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:50–08:52, अशुभ
  • राहु काल, 10:33–12:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:59–13:01, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:01–14:03, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:23–18:20, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:37–04:11 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 12 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 180.1° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 180.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 180.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:43। पूर्णिमा उससे पहले 04:35 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 01:17 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 12 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?

नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Myshkin में प्रतिपदा।

पूर्णिमा प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया शुक्र 12 अगस्त सुबह शनि 13 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Myshkin UTC+3 07:05 04:35 03:47 01:17 05:48 पूर्णिमा 05:49 द्वितीया 04:43 प्रतिपदा 04:45 द्वितीया
पूर्णिमा प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया शुक्र 12 अगस्त सुबह शनि 13 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Myshkin UTC+3 07:05 04:35 03:47 01:17 05:48 पूर्णिमा 05:49 द्वितीया 04:43 प्रतिपदा 04:45 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:48, पूर्णिमा की समाप्ति 07:05 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 03:47 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।

Myshkin · UTC+3

यहाँ सूर्योदय, 04:43, पूर्णिमा की समाप्ति 04:35 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

शुक्र 12 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:36–04:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:36–04:09।

सूर्यास्त 20:20 गुरु सूर्योदय 04:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 11 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:20 गुरु सूर्योदय 04:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 11 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 11 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:20 गुरु से सूर्योदय 04:43 तक थी, 8 घं 23 मि। इसे 33 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 12 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–13:01

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–13:01।

शुक्र 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:50–08:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:50–08:52 और 13:01–14:03।

शुक्र 12 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 13:01–14:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:50–08:52 और 13:01–14:03।

सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 04:43 से 20:17, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 2 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:50–08:52 और 13:01–14:03।

शुक्र 12 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:43–06:39 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:43 से 20:17, 1 घं 56 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:17 से 04:45 शनि, 1 घं 3 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 12 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:33–12:30

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:33–12:30।

शुक्र 12 अगस्त को यमगंड कब है? 16:23–18:20

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:23–18:20।

शुक्र 12 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:39–08:36

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:39–08:36।

सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 04:43 से 20:17 तक है, 15 घं 34 मि। इसे 1 घं 56 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 12 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 04:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:43, सूर्यास्त 20:17, 15 घं 34 मि का दिन।

शुक्र 12 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:43, सूर्यास्त 20:17, 15 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 21:06
सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 21:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 12 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 295.3° पर था: धनिष्ठा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 295.3° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 295.3° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 293°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:05 को निकलेगा, शतभिषा में।

शुक्र 12 अगस्त को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 410.5° थे, एक चक्कर और 50.5°: सौभाग्य।

सूर्य 115.2° + चंद्रमा 295.3° = 410.5° एक चक्कर + 50.5° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 115.2° + चंद्रमा 295.3° = 410.5° एक चक्कर + 50.5° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 115.2° + 295.3° = 410.5°, एक पूरा चक्कर और 50.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 09:03 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

शुक्र 12 अगस्त को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 180.1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 180.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 180.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 14:53 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 01:17 शनि तक।

शुक्र 12 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 04:43, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:43 से 04:45 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 28 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शुक्र 12 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 12 अगस्त अमावस्या 28 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰ अमावस्या 27 अग॰ पूर्णिमा 10 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 12 अगस्त अमावस्या 28 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰ अमावस्या 27 अग॰ पूर्णिमा 10 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

शुक्र 12 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 09:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 12 अगस्त सूर्य 115.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 09:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 12 अगस्त सूर्य 115.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 09:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 127.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 12 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:06

चंद्रमा यहाँ 21:06 पर उदय होता है।

सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 21:06
सूर्योदय 04:43 सूर्यास्त 20:17 सूर्योदय 04:45 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 21:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 21:06 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।