tithika
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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग सोम 1 जुलाई 2019

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 00:35 मंगल तक

फिर अमावस्या · 22:16 मंगल तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:17⁠–⁠00:42 मंगल
निशीथ काल 00:17⁠–⁠00:42 मंगल

मासिक शिवरात्रि सोम 1 जुलाई को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं। सोम 1 जुलाई क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

02:41 03:29 21:29अगला सूर्योदय 03:30 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 03:29–05:44अमृतशुभ
  • 05:44–07:59कालअशुभ
  • 07:59–10:14शुभ
  • 10:14–12:29रोगअशुभ
  • 12:29–14:44उद्वेगअशुभ
  • 14:44–16:59चरसामान्य
  • 16:59–19:14लाभशुभ
  • 19:14–21:29अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:29–22:14चरसामान्य
  • 22:14–22:59रोगअशुभ
  • 22:59–23:44कालअशुभ
  • 23:44–00:30 मंगललाभशुभ
  • 00:30–01:15 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:15–02:00 मंगलशुभ
  • 02:00–02:45 मंगलअमृतशुभ
  • 02:45–03:30 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 02:41–03:05, शुभ
  • अमृत, शुभ, 03:29–05:44
  • काल, अशुभ, 05:44–07:59
  • शुभ, 07:59–10:14
  • रोग, अशुभ, 10:14–12:29
  • उद्वेग, अशुभ, 12:29–14:44
  • चर, सामान्य, 14:44–16:59
  • लाभ, शुभ, 16:59–19:14
  • अमृत, शुभ, 19:14–21:29
  • चर, सामान्य, 21:29–22:14
  • रोग, अशुभ, 22:14–22:59
  • काल, अशुभ, 22:59–23:44
  • लाभ, शुभ, 23:44–00:30 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:30–01:15 मंगल
  • शुभ, 01:15–02:00 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:00–02:45 मंगल
  • चर, सामान्य, 02:45–03:30 मंगल
  • राहु काल, 05:44–07:59, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:14–12:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:53–13:05, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:05–14:17, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:44–16:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:41–17:53, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:42–03:06 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में मासिक शिवरात्रि सोम 1 जुलाई को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि सोम 1 जुलाई को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 02:26 23:00 00:00 01:00 रवि 30 जून निशीथ काल 00:17–00:41 सोम चतुर्दशी 02:26 सोम से
त्रयोदशी 02:26 23:00 00:00 01:00 रवि 30 जून निशीथ काल 00:17–00:41 सोम चतुर्दशी 02:26 सोम से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 1 जुलाई को 02:26 से मंगल 2 जुलाई को 00:35 तक है, इसलिए वह केवल सोमवार की रात के निशीथ काल (00:17 मंगल–00:42 मंगल) को छूती है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Myshkin में हर तारीख़

सोम 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 336.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 336.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 336.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:29। त्रयोदशी उससे पहले 02:26 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 00:35 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 17 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 02:41–03:05

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 02:41–03:05।

सूर्यास्त 21:30 रवि सूर्योदय 03:29 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:30 रवि सूर्योदय 03:29 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 30 जून की रात सूर्यास्त 21:30 रवि से सूर्योदय 03:29 तक थी, 5 घं 59 मि। इसे 23 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–13:05

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–13:05।

सोम 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:05–14:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:05–14:17 और 16:41–17:53।

सोम 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:41–17:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:05–14:17 और 16:41–17:53।

सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 03:29 से 21:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 12 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:05–14:17 और 16:41–17:53।

सोम 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

03:29–05:44 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 03:29 से 21:29, 2 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:29 से 03:30 मंगल, 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 05:44–07:59

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 05:44–07:59।

सोम 1 जुलाई को यमगंड कब है? 10:14–12:29

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:14–12:29।

सोम 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 14:44–16:59

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:44–16:59।

सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 03:29 से 21:29 तक है, 18 घं 0 मि। इसे 2 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 03:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:29, सूर्यास्त 21:29, 18 घं 0 मि का दिन।

सोम 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:29, सूर्यास्त 21:29, 18 घं 0 मि का दिन।

सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:58 चंद्रोदय 03:07 मंगल
सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:58 चंद्रोदय 03:07 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 18 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 18 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 51.4° पर था: रोहिणी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 51.4° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 51.4° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:54 को निकलेगा, मृगशिरा में।

सोम 1 जुलाई को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 126.2° थे: गण्ड।

सूर्य 74.8° + चंद्रमा 51.4° = 126.2° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 74.8° + चंद्रमा 51.4° = 126.2° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 74.8° + 51.4° = 126.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 15:04 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

सोम 1 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 336.6° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 336.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 336.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 13:35 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 00:35 मंगल तक।

सोम 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 03:29, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:29 से 03:30 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 3 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 2 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

सोम 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल सोम 1 जुलाई अमावस्या 3 जून पूर्णिमा 17 जून अमावस्या 2 जुल॰ पूर्णिमा 17 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल सोम 1 जुलाई अमावस्या 3 जून पूर्णिमा 17 जून अमावस्या 2 जुल॰ पूर्णिमा 17 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

सोम 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2076 · शक 1941

विक्रम संवत 2076 5 अप्रैल 2019 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 2019 11:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 1 जुलाई सूर्य 74.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 2019 11:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 1 जुलाई सूर्य 74.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2019, 11:50 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 83.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2076 गिनता है; शक संवत 1941।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:07 मंगल

चंद्रमा यहाँ 03:07 मंगल पर उदय होता है।

सोम 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:58

सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:58 चंद्रोदय 03:07 मंगल
सूर्योदय 03:29 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:58 चंद्रोदय 03:07 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:58 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:07 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:58 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:07 मंगल पर उदय होगा।