Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग शनि 31 मार्च 2018
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में
त्योहार
हनुमान जयंती
हनुमान जयंती शनि 31 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 31 मार्च क्यों?
हनुमान जयंती: Myshkin में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 31 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 31 मार्च क्यों?
पूर्णिमा: Myshkin में हर तारीख़31 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 31 मार्च
- 04:30–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:57 से
- 07:42–09:14शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:04–12:57अभिजीत मुहूर्त
- 14:09–15:47लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:47–17:25अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:03 के बाद
- 19:03–20:25लाभ चौघड़िया
-
21:34–23:08अमृत कालहस्त में
- 21:46–23:08शुभ चौघड़िया
- 23:08–00:29 रविअमृत चौघड़िया
- 04:33–05:55 रविलाभ चौघड़िया
- 04:28–05:11 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:57–07:36कालअशुभ
- 07:36–09:14शुभ
- 09:14–10:52रोगअशुभ
- 10:52–12:30उद्वेगअशुभ
- 12:30–14:09चरसामान्य
- 14:09–15:47लाभयमगण्ड में
- 15:47–17:25अमृतशुभ
- 17:25–19:03कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:03–20:25लाभशुभ
- 20:25–21:46उद्वेगअशुभ
- 21:46–23:08शुभ
- 23:08–00:29 रविअमृतशुभ
- 00:29–01:50 रविचरसामान्य
- 01:50–03:12 रविरोगअशुभ
- 03:12–04:33 रविकालअशुभ
- 04:33–05:55 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 31 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:14, शुभ
- काल, अशुभ, 05:57–07:36
- शुभ, 07:36–09:14
- रोग, अशुभ, 09:14–10:52
- उद्वेग, अशुभ, 10:52–12:30
- चर, सामान्य, 12:30–14:09
- लाभ, शुभ, 14:09–15:47
- अमृत, शुभ, 15:47–17:25
- काल, अशुभ, 17:25–19:03
- लाभ, शुभ, 19:03–20:25
- उद्वेग, अशुभ, 20:25–21:46
- शुभ, 21:46–23:08
- अमृत, शुभ, 23:08–00:29 रवि
- चर, सामान्य, 00:29–01:50 रवि
- रोग, अशुभ, 01:50–03:12 रवि
- काल, अशुभ, 03:12–04:33 रवि
- लाभ, शुभ, 04:33–05:55 रवि
- गुलिक काल, 05:57–07:36, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:57–06:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:50–07:42, अशुभ
- राहु काल, 09:14–10:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:04–12:57, शुभ
- यमगण्ड, 14:09–15:47, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:11 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Myshkin में हनुमान जयंती शनि 31 मार्च को क्यों है?
हनुमान जयंती शनि 31 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
हनुमान जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 30 मार्च को 17:05 से शनि 31 मार्च को 15:36 तक है, इसलिए वह केवल शनि 31 मार्च के सूर्योदय (05:57) पर है। हनुमान जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Myshkin में पूर्णिमा शनि 31 मार्च को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 31 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 30 मार्च को 17:05 से शनि 31 मार्च को 15:36 तक है, इसलिए वह केवल शनि 31 मार्च के सूर्योदय (05:57) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 31 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 174.9° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। चतुर्दशी उससे पहले 17:05 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 15:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 17 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 31 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:14।
शुक्र 30 मार्च की रात सूर्यास्त 19:01 शुक्र से सूर्योदय 05:57 तक थी, 10 घं 56 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 31 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:04–12:57
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:04–12:57।
शनि 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 05:57–06:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:57–06:50 और 06:50–07:42।
शनि 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:57–06:50 और 06:50–07:42।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:57–06:50 और 06:50–07:42।
शनि 31 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:57–07:36 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:03, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:03 से 05:55 रवि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 31 मार्च को राहुकाल कब है? 09:14–10:52
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:14–10:52।
शनि 31 मार्च को यमगंड कब है? 14:09–15:47
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:09–15:47।
शनि 31 मार्च को गुलिक काल कब है? 05:57–07:36
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:57–07:36।
यहाँ दिन 05:57 से 19:03 तक है, 13 घं 6 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 31 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:03, 13 घं 6 मि का दिन।
शनि 31 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:03, 13 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 31 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 161.1° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:26 रवि को निकलेगा, चित्रा में।
शनि 31 मार्च को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 507.3° थे, एक चक्कर और 147.3°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 346.2° + 161.1° = 507.3°, एक पूरा चक्कर और 147.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 02:41 रवि को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
शनि 31 मार्च को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 174.9° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 04:18 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 15:36 तक है।
शनि 31 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:55 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 17 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 16 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
शनि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
शनि 31 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 16:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 13.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 31 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:50
चंद्रमा यहाँ 18:50 पर उदय होता है।
शनि 31 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:27
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:27 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:50 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय दिन में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:27 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:50 पर उदय होगा।