tithika
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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग बुध 4 अक्टूबर 2017

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 23:17 तक

फिर पूर्णिमा · 21:40 गुरु तक

त्योहार

शरद पूर्णिमा

कोजागर पूजा मुहूर्त
23:49⁠–⁠00:40 गुरु
निशीथ काल 23:49⁠–⁠00:40 गुरु
चंद्रोदय
17:50

शरद पूर्णिमा बुध 4 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं। बुध 4 अक्टूबर क्यों?

शरद पूर्णिमा: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:54 06:36 17:51अगला सूर्योदय 06:38 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:36–08:00लाभशुभ
  • 08:00–09:25अमृतयमगण्ड में
  • 09:25–10:49कालअशुभ
  • 10:49–12:14शुभगुलिक काल में
  • 12:14–13:38रोगअशुभ
  • 13:38–15:02उद्वेगअशुभ
  • 15:02–16:27चरसामान्य
  • 16:27–17:51लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:51–19:27उद्वेगअशुभ
  • 19:27–21:03शुभ
  • 21:03–22:39अमृतशुभ
  • 22:39–00:15 गुरुचरसामान्य
  • 00:15–01:51 गुरुरोगअशुभ
  • 01:51–03:26 गुरुकालअशुभ
  • 03:26–05:02 गुरुलाभशुभ
  • 05:02–06:38 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 4 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:45, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:36–08:00
  • अमृत, शुभ, 08:00–09:25
  • काल, अशुभ, 09:25–10:49
  • शुभ, 10:49–12:14
  • रोग, अशुभ, 12:14–13:38
  • उद्वेग, अशुभ, 13:38–15:02
  • चर, सामान्य, 15:02–16:27
  • लाभ, शुभ, 16:27–17:51
  • उद्वेग, अशुभ, 17:51–19:27
  • शुभ, 19:27–21:03
  • अमृत, शुभ, 21:03–22:39
  • चर, सामान्य, 22:39–00:15 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:15–01:51 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:51–03:26 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:26–05:02 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:02–06:38 गुरु
  • यमगण्ड, 08:00–09:25, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:49–12:14, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:51–12:36, अशुभ
  • राहु काल, 12:14–13:38, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:47 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में शरद पूर्णिमा बुध 4 अक्टूबर को क्यों है?

शरद पूर्णिमा बुध 4 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं।

चतुर्दशी पूर्णिमा 23:17 21:00 22:00 00:00 01:00 02:00 बुध 4 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:49–00:40 गुरु
चतुर्दशी पूर्णिमा 23:17 21:00 01:00 बुध 4 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:49–00:40 गुरु
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शरद पूर्णिमा की रात की पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। पूर्णिमा बुध 4 अक्टूबर को 23:17 से गुरु 5 अक्टूबर को 21:40 तक है, इसलिए केवल बुधवार की रात का निशीथ काल (23:49–00:40 गुरु) उसके भीतर है। शरद पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

शरद पूर्णिमा: Myshkin में हर तारीख़

बुध 4 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 159.2° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 159.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 159.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:36। त्रयोदशी उससे पहले 00:19 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 23:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 20 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

बुध 4 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:54–05:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:54–05:45।

सूर्यास्त 17:54 मंगल सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 3 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:54 मंगल सूर्योदय 06:36 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 3 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 3 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:54 मंगल से सूर्योदय 06:36 तक थी, 12 घं 42 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 4 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:51–12:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:51–12:36।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:36 से 17:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:51–12:36: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 4 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:36–08:00 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:36 से 17:51, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:51 से 06:38 गुरु, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 4 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 12:14–13:38

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:38।

बुध 4 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:00–09:25

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:00–09:25।

बुध 4 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 10:49–12:14

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–12:14।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:36 से 17:51 तक है, 11 घं 15 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 4 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 15 मि का दिन।

बुध 4 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:51, 11 घं 15 मि का दिन।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:36 गुरु चंद्रोदय 17:50
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:36 गुरु चंद्रोदय 17:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 4 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 326.3° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 326.3° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 326.3° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 323°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:09 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

बुध 4 अक्टूबर को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 493.3° थे, एक चक्कर और 133.3°: गण्ड।

सूर्य 167.0° + चंद्रमा 326.3° = 493.3° एक चक्कर + 133.3° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 167.0° + चंद्रमा 326.3° = 493.3° एक चक्कर + 133.3° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 167° + 326.3° = 493.3°, एक पूरा चक्कर और 133.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 06:43 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

बुध 4 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 159.2° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 159.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 159.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 11:53 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 23:17 तक।

बुध 4 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:36, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:36 से 06:38 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 4 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 20 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 19 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 4 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 4 अक्टूबर पूर्णिमा 6 सित॰ अमावस्या 20 सित॰ पूर्णिमा 5 अक्टू॰ अमावस्या 19 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 4 अक्टूबर पूर्णिमा 6 सित॰ अमावस्या 20 सित॰ पूर्णिमा 5 अक्टू॰ अमावस्या 19 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

बुध 4 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939

विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 05:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 4 अक्टूबर सूर्य 167.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 05:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 4 अक्टूबर सूर्य 167.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 05:57 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 183.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 4 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:50

चंद्रमा यहाँ 17:50 पर उदय होता है।

बुध 4 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:36 गुरु

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:36 गुरु चंद्रोदय 17:50
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 17:51 सूर्योदय 06:38 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:36 गुरु चंद्रोदय 17:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:50 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:36 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:50 पर उदय हुआ; वह फिर 05:36 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।