tithika
English

Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग गुरु 6 जुलाई 2017

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष · 02:44 शुक्र तक

फिर चतुर्दशी · 05:01 शनि तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
21:25⁠–⁠22:39
प्रदोष काल 21:25⁠–⁠22:39

प्रदोष व्रत गुरु 6 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 6 जुलाई क्यों?

प्रदोष व्रत: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

02:46 03:35 21:25अगला सूर्योदय 03:36 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 03:35–05:48शुभयमगण्ड में
  • 05:48–08:02रोगअशुभ
  • 08:02–10:16उद्वेगअशुभ
  • 10:16–12:30चरसामान्य
  • 12:30–14:44लाभशुभ
  • 14:44–16:58अमृतराहु काल में
  • 16:58–19:11कालअशुभ
  • 19:11–21:25शुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:25–22:11अमृतशुभ
  • 22:11–22:58चरसामान्य
  • 22:58–23:44रोगअशुभ
  • 23:44–00:31 शुक्रकालअशुभ
  • 00:31–01:17 शुक्रलाभशुभ
  • 01:17–02:03 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:03–02:50 शुक्रशुभ
  • 02:50–03:36 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 6 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 02:46–03:10, शुभ
  • शुभ, 03:35–05:48
  • रोग, अशुभ, 05:48–08:02
  • उद्वेग, अशुभ, 08:02–10:16
  • चर, सामान्य, 10:16–12:30
  • लाभ, शुभ, 12:30–14:44
  • अमृत, शुभ, 14:44–16:58
  • काल, अशुभ, 16:58–19:11
  • शुभ, 19:11–21:25
  • अमृत, शुभ, 21:25–22:11
  • चर, सामान्य, 22:11–22:58
  • रोग, अशुभ, 22:58–23:44
  • काल, अशुभ, 23:44–00:31 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:31–01:17 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:17–02:03 शुक्र
  • शुभ, 02:03–02:50 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 02:50–03:36 शुक्र
  • यमगण्ड, 03:35–05:48, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:02–10:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:31–10:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:54–13:06, शुभ
  • राहु काल, 14:44–16:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:40–17:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:46–03:11 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में प्रदोष व्रत गुरु 6 जुलाई को क्यों है?

प्रदोष व्रत गुरु 6 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 00:22 20:00 21:00 22:00 23:00 बुध 5 जुलाई प्रदोष काल 21:26–22:40 त्रयोदशी 00:22 गुरु से
द्वादशी 00:22 20:00 22:00 बुध 5 जुलाई प्रदोष काल 21:26–22:40 त्रयोदशी 00:22 गुरु से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 6 जुलाई को 00:22 से शुक्र 7 जुलाई को 02:44 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (21:25–22:39) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Myshkin में हर तारीख़

गुरु 6 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 145.5° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 145.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 145.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:35। द्वादशी उससे पहले 00:22 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 02:44 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 24 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 6 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 02:46–03:10

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 02:46–03:10।

सूर्यास्त 21:26 बुध सूर्योदय 03:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 5 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:26 बुध सूर्योदय 03:35 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 5 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 5 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:26 बुध से सूर्योदय 03:35 तक थी, 6 घं 9 मि। इसे 24 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 6 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–13:06

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–13:06।

गुरु 6 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:31–10:43

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:31–10:43 और 16:40–17:51।

गुरु 6 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:40–17:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:31–10:43 और 16:40–17:51।

सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 03:35 से 21:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 11 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:31–10:43 और 16:40–17:51।

गुरु 6 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

03:35–05:48 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 03:35 से 21:25, 2 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:25 से 03:36 शुक्र, 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 6 जुलाई को राहुकाल कब है? 14:44–16:58

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:44–16:58।

गुरु 6 जुलाई को यमगंड कब है? 03:35–05:48

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 03:35–05:48।

गुरु 6 जुलाई को गुलिक काल कब है? 08:02–10:16

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:02–10:16।

सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 03:35 से 21:25 तक है, 17 घं 50 मि। इसे 2 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 6 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 03:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:35, सूर्यास्त 21:25, 17 घं 50 मि का दिन।

गुरु 6 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:35, सूर्यास्त 21:25, 17 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:38 शुक्र चंद्रोदय 18:37
सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:38 शुक्र चंद्रोदय 18:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 6 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा

सूर्योदय पर चंद्रमा 225.5° पर था: अनुराधा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 225.5° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अनुराधा चंद्रमा 225.5° अगला: ज्येष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 223°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 05:54 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।

गुरु 6 जुलाई को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 305.6° थे: शुभ।

सूर्य 80.1° + चंद्रमा 225.5° = 305.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 80.1° + चंद्रमा 225.5° = 305.6° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 80.1° + 225.5° = 305.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 05:37 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

गुरु 6 जुलाई को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 145.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 145.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 145.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 13:33 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 02:44 शुक्र तक।

गुरु 6 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 03:35, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:35 से 03:36 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 6 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 24 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 23 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

गुरु 6 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल गुरु 6 जुलाई पूर्णिमा 9 जून अमावस्या 24 जून पूर्णिमा 9 जुल॰ अमावस्या 23 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल गुरु 6 जुलाई पूर्णिमा 9 जून अमावस्या 24 जून पूर्णिमा 9 जुल॰ अमावस्या 23 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

गुरु 6 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939

विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 05:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 6 जुलाई सूर्य 80.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 05:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 6 जुलाई सूर्य 80.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 05:57 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 96.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 6 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:37

चंद्रमा यहाँ 18:37 पर उदय होता है।

गुरु 6 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:38 शुक्र

सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:38 शुक्र चंद्रोदय 18:37
सूर्योदय 03:35 सूर्यास्त 21:25 सूर्योदय 03:36 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:38 शुक्र चंद्रोदय 18:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:37 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:38 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:37 पर उदय हुआ; वह फिर 02:38 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।