Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग बुध 17 मई 2017
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में
17 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 17 मई
- 03:01–03:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 03:58 से
- 03:58–06:04लाभ चौघड़िया
- 06:04–08:10अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:17–12:23शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 18:41–20:47लाभ चौघड़िया
-
19:39–21:23अमृत कालश्रवण में
- सूर्यास्त 20:47 के बाद
- 21:40–22:34शुभ चौघड़िया
- 22:34–23:28अमृत चौघड़िया
- 02:09–03:03 गुरुलाभ चौघड़िया
- 02:59–03:28 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 03:58–06:04लाभशुभ
- 06:04–08:10अमृतयमगण्ड में
- 08:10–10:17कालअशुभ
- 10:17–12:23शुभगुलिक काल में
- 12:23–14:29रोगअशुभ
- 14:29–16:35उद्वेगअशुभ
- 16:35–18:41चरसामान्य
- 18:41–20:47लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:47–21:40उद्वेगअशुभ
- 21:40–22:34शुभ
- 22:34–23:28अमृतशुभ
- 23:28–00:22 गुरुचरसामान्य
- 00:22–01:15 गुरुरोगअशुभ
- 01:15–02:09 गुरुकालअशुभ
- 02:09–03:03 गुरुलाभशुभ
- 03:03–03:56 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 17 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:01–03:29, शुभ
- लाभ, शुभ, 03:58–06:04
- अमृत, शुभ, 06:04–08:10
- काल, अशुभ, 08:10–10:17
- शुभ, 10:17–12:23
- रोग, अशुभ, 12:23–14:29
- उद्वेग, अशुभ, 14:29–16:35
- चर, सामान्य, 16:35–18:41
- लाभ, शुभ, 18:41–20:47
- उद्वेग, अशुभ, 20:47–21:40
- शुभ, 21:40–22:34
- अमृत, शुभ, 22:34–23:28
- चर, सामान्य, 23:28–00:22 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:22–01:15 गुरु
- काल, अशुभ, 01:15–02:09 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:09–03:03 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:03–03:56 गुरु
- यमगण्ड, 06:04–08:10, अशुभ
- गुलिक काल, 10:17–12:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:49–12:56, अशुभ
- राहु काल, 12:23–14:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:59–03:28 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 17 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 247.3° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:58। पञ्चमी उससे पहले 12:16 मंगल पर समाप्त हुई। षष्ठी 14:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 11 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 17 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:01–03:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:01–03:29।
मंगल 16 मई की रात सूर्यास्त 20:45 मंगल से सूर्योदय 03:58 तक थी, 7 घं 13 मि। इसे 28 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 17 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:49–12:56
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:49–12:56।
यहाँ दिन, 03:58 से 20:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 7 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:49–12:56: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 17 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
03:58–06:04 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 03:58 से 20:47, 2 घं 6 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:47 से 03:56 गुरु, 53 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 17 मई को राहुकाल कब है? 12:23–14:29
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–14:29।
बुध 17 मई को यमगंड कब है? 06:04–08:10
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:04–08:10।
बुध 17 मई को गुलिक काल कब है? 10:17–12:23
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:17–12:23।
यहाँ दिन 03:58 से 20:47 तक है, 16 घं 49 मि। इसे 2 घं 6 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 17 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 03:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:58, सूर्यास्त 20:47, 16 घं 49 मि का दिन।
बुध 17 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:58, सूर्यास्त 20:47, 16 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 17 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 279.5° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 04:55 को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 17 मई को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 311.7° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 32.2° + 279.5° = 311.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 18:58 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
बुध 17 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 247.3° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 01:12 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 14:01 तक है।
बुध 17 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 03:58, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:58 से 03:56 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 17 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 26 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 25 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 17 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
बुध 17 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939
विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 05:57 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 48.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 17 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:33 गुरु
चंद्रमा यहाँ 01:33 गुरु पर उदय होता है।
बुध 17 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:22
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:22 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:33 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:22 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:33 गुरु पर उदय होगा।