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Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग बुध 11 जनवरी 2017

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:46 09:02 16:05अगला सूर्योदय 09:01 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 09:02–09:55लाभशुभ
  • 09:55–10:48अमृतयमगण्ड में
  • 10:48–11:41कालअशुभ
  • 11:41–12:34शुभगुलिक काल में
  • 12:34–13:27रोगअशुभ
  • 13:27–14:19उद्वेगअशुभ
  • 14:19–15:12चरसामान्य
  • 15:12–16:05लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:05–18:12उद्वेगअशुभ
  • 18:12–20:19शुभ
  • 20:19–22:26अमृतशुभ
  • 22:26–00:33 गुरुचरसामान्य
  • 00:33–02:40 गुरुरोगअशुभ
  • 02:40–04:47 गुरुकालअशुभ
  • 04:47–06:54 गुरुलाभशुभ
  • 06:54–09:01 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 11 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:46–07:54, शुभ
  • लाभ, शुभ, 09:02–09:55
  • अमृत, शुभ, 09:55–10:48
  • काल, अशुभ, 10:48–11:41
  • शुभ, 11:41–12:34
  • रोग, अशुभ, 12:34–13:27
  • उद्वेग, अशुभ, 13:27–14:19
  • चर, सामान्य, 14:19–15:12
  • लाभ, शुभ, 15:12–16:05
  • उद्वेग, अशुभ, 16:05–18:12
  • शुभ, 18:12–20:19
  • अमृत, शुभ, 20:19–22:26
  • चर, सामान्य, 22:26–00:33 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:33–02:40 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:40–04:47 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:47–06:54 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 06:54–09:01 गुरु
  • यमगण्ड, 09:55–10:48, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:41–12:34, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:20–12:48, अशुभ
  • राहु काल, 12:34–13:27, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:46–07:53 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

बुध 11 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 163.2° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 163.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 163.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 09:02। त्रयोदशी उससे पहले 20:24 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 17:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 29 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

बुध 11 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:46–07:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:46–07:54।

सूर्यास्त 16:03 मंगल सूर्योदय 09:02 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:03 मंगल सूर्योदय 09:02 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 10 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:03 मंगल से सूर्योदय 09:02 तक थी, 16 घं 59 मि। इसे 1 घं 7 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 11 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:20–12:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:20–12:48।

सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 09:02 से 16:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 28 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:20–12:48: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 11 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

09:02–09:55 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 09:02 से 16:05, 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:05 से 09:01 गुरु, 2 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 11 जनवरी को राहुकाल कब है? 12:34–13:27

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:34–13:27।

बुध 11 जनवरी को यमगंड कब है? 09:55–10:48

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:55–10:48।

बुध 11 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:41–12:34

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:41–12:34।

सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 09:02 से 16:05 तक है, 7 घं 3 मि। इसे 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 11 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 09:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 09:02, सूर्यास्त 16:05, 7 घं 3 मि का दिन।

बुध 11 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 09:02, सूर्यास्त 16:05, 7 घं 3 मि का दिन।

सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:24 गुरु चंद्रोदय 15:26
सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:24 गुरु चंद्रोदय 15:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 7 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 16 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 7 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 16 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 11 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 70.4° पर था: आर्द्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 70.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 70.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 00:47 गुरु को निकलेगा, पुनर्वसु में।

बुध 11 जनवरी को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 337.5° थे: इन्द्र।

सूर्य 267.1° + चंद्रमा 70.4° = 337.5° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 267.1° + चंद्रमा 70.4° = 337.5° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 267.1° + 70.4° = 337.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 23:05 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

बुध 11 जनवरी को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 163.2° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 163.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 163.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 06:51 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 17:21 तक है।

बुध 11 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 09:02, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 09:02 से 09:01 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 11 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 29 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 28 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

बुध 11 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल बुध 11 जनवरी पूर्णिमा 14 दिस॰ अमावस्या 29 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 28 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल बुध 11 जनवरी पूर्णिमा 14 दिस॰ अमावस्या 29 दिस॰ पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 28 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

बुध 11 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938

विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 जनवरी सूर्य 267.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 जनवरी सूर्य 267.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 273.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 11 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:26

चंद्रमा यहाँ 15:26 पर उदय होता है।

बुध 11 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:24 गुरु

सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:24 गुरु चंद्रोदय 15:26
सूर्योदय 09:02 सूर्यास्त 16:05 सूर्योदय 09:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:24 गुरु चंद्रोदय 15:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:26 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 08:24 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:26 पर उदय हुआ; वह फिर 08:24 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।