tithika
English

Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग शुक्र 1 जुलाई 2016

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 21:53 तक

फिर त्रयोदशी · 19:03 शनि तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
21:29⁠–⁠22:41
प्रदोष काल 21:29⁠–⁠22:41

प्रदोष व्रत शुक्र 1 जुलाई को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 1 जुलाई क्यों?

प्रदोष व्रत: Myshkin में हर तारीख़

व्रत का पारण

योगिनी एकादशी

पारण शुक्र 1 जुलाई, 06:01 से सूर्यास्त 21:29 तक
योगिनी एकादशी: Myshkin में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

02:42 03:30 21:29अगला सूर्योदय 03:30 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 03:30–05:44चरसामान्य
  • 05:44–07:59लाभगुलिक काल में
  • 07:59–10:14अमृतशुभ
  • 10:14–12:29कालअशुभ
  • 12:29–14:44शुभ
  • 14:44–16:59रोगअशुभ
  • 16:59–19:14उद्वेगअशुभ
  • 19:14–21:29चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 21:29–22:14रोगअशुभ
  • 22:14–22:59कालअशुभ
  • 22:59–23:44लाभशुभ
  • 23:44–00:30 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:30–01:15 शनिशुभ
  • 01:15–02:00 शनिअमृतशुभ
  • 02:00–02:45 शनिचरसामान्य
  • 02:45–03:30 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 02:42–03:06, शुभ
  • चर, सामान्य, 03:30–05:44
  • लाभ, शुभ, 05:44–07:59
  • अमृत, शुभ, 07:59–10:14
  • काल, अशुभ, 10:14–12:29
  • शुभ, 12:29–14:44
  • रोग, अशुभ, 14:44–16:59
  • उद्वेग, अशुभ, 16:59–19:14
  • चर, सामान्य, 19:14–21:29
  • रोग, अशुभ, 21:29–22:14
  • काल, अशुभ, 22:14–22:59
  • लाभ, शुभ, 22:59–23:44
  • उद्वेग, अशुभ, 23:44–00:30 शनि
  • शुभ, 00:30–01:15 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:15–02:00 शनि
  • चर, सामान्य, 02:00–02:45 शनि
  • रोग, अशुभ, 02:45–03:30 शनि
  • गुलिक काल, 05:44–07:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:05–08:17, अशुभ
  • राहु काल, 10:14–12:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:53–13:05, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:05–14:17, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:59–19:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:42–03:06 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Myshkin में प्रदोष व्रत शुक्र 1 जुलाई को क्यों है?

प्रदोष व्रत शुक्र 1 जुलाई को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी त्रयोदशी 21:53 19:00 20:00 21:00 23:00 00:00 शुक्र 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 21:29–22:41
द्वादशी त्रयोदशी 21:53 19:00 21:00 23:00 शुक्र 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 21:29–22:41
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 1 जुलाई को 21:53 से शनि 2 जुलाई को 19:03 तक है, इसलिए वह केवल शुक्रवार के प्रदोष काल (21:29–22:41) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Myshkin में हर तारीख़

शुक्र 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 313.6° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 313.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 313.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:30। एकादशी उससे पहले 00:44 पर समाप्त हुई। द्वादशी 21:53 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 20 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 02:42–03:06

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 02:42–03:06।

सूर्यास्त 21:29 गुरु सूर्योदय 03:30 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:29 गुरु सूर्योदय 03:30 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 30 जून की रात सूर्यास्त 21:29 गुरु से सूर्योदय 03:30 तक थी, 6 घं 1 मि। इसे 24 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–13:05

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–13:05।

शुक्र 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:05–08:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:05–08:17 और 13:05–14:17।

शुक्र 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:05–14:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:05–08:17 और 13:05–14:17।

सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 03:30 से 21:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 11 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:05–08:17 और 13:05–14:17।

शुक्र 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

03:30–05:44 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 03:30 से 21:29, 2 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:29 से 03:30 शनि, 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 10:14–12:29

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:14–12:29।

शुक्र 1 जुलाई को यमगंड कब है? 16:59–19:14

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:59–19:14।

शुक्र 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 05:44–07:59

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 05:44–07:59।

सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 03:30 से 21:29 तक है, 17 घं 59 मि। इसे 2 घं 14 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 03:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:30, सूर्यास्त 21:29, 17 घं 59 मि का दिन।

शुक्र 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 03:30, सूर्यास्त 21:29, 17 घं 59 मि का दिन।

सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 02:17 शनि
सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 02:17 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 29.1° पर था: कृत्तिका, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 29.1° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 29.1° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 21:28 को निकलेगा, रोहिणी में।

शुक्र 1 जुलाई को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 104.6° थे: धृति।

सूर्य 75.5° + चंद्रमा 29.1° = 104.6° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 75.5° + चंद्रमा 29.1° = 104.6° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 75.5° + 29.1° = 104.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 06:40 को समाप्त होता है, फिर शूल।

शुक्र 1 जुलाई को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 313.6° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 313.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 313.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 11:19 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 21:53 तक।

शुक्र 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 03:30, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:30 से 03:30 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 5 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

शुक्र 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शुक्र 1 जुलाई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 20 जून अमावस्या 4 जुल॰ पूर्णिमा 20 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शुक्र 1 जुलाई अमावस्या 5 जून पूर्णिमा 20 जून अमावस्या 4 जुल॰ पूर्णिमा 20 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

शुक्र 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938

विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 1 जुलाई सूर्य 75.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 14:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 1 जुलाई सूर्य 75.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 81.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:17 शनि

चंद्रमा यहाँ 02:17 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:32

सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 02:17 शनि
सूर्योदय 03:30 सूर्यास्त 21:29 सूर्योदय 03:30 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 02:17 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:17 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:17 शनि पर उदय होगा।