Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग बुध 11 मई 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में
11 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 11 मई
- 03:09–03:40ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:10 से
- 04:10–06:13लाभ चौघड़िया
- 06:13–08:16अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:20–12:23शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
17:31–19:05अमृत कालपुनर्वसु में
- 18:32–20:35लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:35 के बाद
- 21:32–22:28शुभ चौघड़िया
- 22:28–23:25अमृत चौघड़िया
- 02:15–03:12 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:08–03:38 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:10–06:13लाभशुभ
- 06:13–08:16अमृतयमगण्ड में
- 08:16–10:20कालअशुभ
- 10:20–12:23शुभगुलिक काल में
- 12:23–14:26रोगअशुभ
- 14:26–16:29उद्वेगअशुभ
- 16:29–18:32चरसामान्य
- 18:32–20:35लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:35–21:32उद्वेगअशुभ
- 21:32–22:28शुभ
- 22:28–23:25अमृतशुभ
- 23:25–00:22 गुरुचरसामान्य
- 00:22–01:18 गुरुरोगअशुभ
- 01:18–02:15 गुरुकालअशुभ
- 02:15–03:12 गुरुलाभशुभ
- 03:12–04:08 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 11 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:09–03:40, शुभ
- लाभ, शुभ, 04:10–06:13
- अमृत, शुभ, 06:13–08:16
- काल, अशुभ, 08:16–10:20
- शुभ, 10:20–12:23
- रोग, अशुभ, 12:23–14:26
- उद्वेग, अशुभ, 14:26–16:29
- चर, सामान्य, 16:29–18:32
- लाभ, शुभ, 18:32–20:35
- उद्वेग, अशुभ, 20:35–21:32
- शुभ, 21:32–22:28
- अमृत, शुभ, 22:28–23:25
- चर, सामान्य, 23:25–00:22 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:22–01:18 गुरु
- काल, अशुभ, 01:18–02:15 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:15–03:12 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:12–04:08 गुरु
- यमगण्ड, 06:13–08:16, अशुभ
- गुलिक काल, 10:20–12:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:50–12:55, अशुभ
- राहु काल, 12:23–14:26, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:08–03:38 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 11 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 57.8° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:10। चतुर्थी उससे पहले 10:00 मंगल पर समाप्त हुई। पञ्चमी 08:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 6 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 11 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:09–03:40
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:09–03:40।
मंगल 10 मई की रात सूर्यास्त 20:33 मंगल से सूर्योदय 04:10 तक थी, 7 घं 37 मि। इसे 30 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 11 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:50–12:55
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:50–12:55।
यहाँ दिन, 04:10 से 20:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 5 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:50–12:55: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 11 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:10–06:13 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:10 से 20:35, 2 घं 3 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:35 से 04:08 गुरु, 56 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 11 मई को राहुकाल कब है? 12:23–14:26
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–14:26।
बुध 11 मई को यमगंड कब है? 06:13–08:16
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:13–08:16।
बुध 11 मई को गुलिक काल कब है? 10:20–12:23
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:20–12:23।
यहाँ दिन 04:10 से 20:35 तक है, 16 घं 25 मि। इसे 2 घं 3 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 11 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:10, सूर्यास्त 20:35, 16 घं 25 मि का दिन।
बुध 11 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:10, सूर्यास्त 20:35, 16 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 11 मई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 84.5° पर था: पुनर्वसु, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 83°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:52 को निकलेगा, पुष्य में।
बुध 11 मई को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 111.2° थे: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 26.7° + 84.5° = 111.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 18:45 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
बुध 11 मई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 57.8° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:05 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 08:22 तक है।
बुध 11 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:10, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:10 से 04:08 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 11 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 11 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
बुध 11 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 32.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 11 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:37
चंद्रमा यहाँ 08:37 पर उदय होता है।
बुध 11 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:01 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:37 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:01 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:37 पर उदय हुआ; वह फिर 01:01 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।