Myshkin, यरोस्लावी ओब्लास्ट, रूस का पंचांग मंगल 30 जून 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय MSK में
30 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 जून
- 02:40–03:04ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 03:28 से
- 10:14–12:29लाभ चौघड़िया
- 11:53–12:29अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:29–14:44अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:59–19:14शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- 17:04–18:40अमृत कालज्येष्ठा मेंराहु काल में
- सूर्यास्त 21:30 के बाद
- 22:15–22:59लाभ चौघड़िया
- 00:29–01:14 बुधअमृत चौघड़िया
- 02:41–03:05 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 03:28–05:43रोगअशुभ
- 05:43–07:58उद्वेगअशुभ
- 07:58–10:14चरसामान्य
- 10:14–12:29लाभशुभ
- 12:29–14:44अमृतगुलिक काल में
- 14:44–16:59कालअशुभ
- 16:59–19:14शुभराहु काल में
- 19:14–21:30रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:30–22:15कालअशुभ
- 22:15–22:59लाभशुभ
- 22:59–23:44उद्वेगअशुभ
- 23:44–00:29 बुधशुभ
- 00:29–01:14 बुधअमृतशुभ
- 01:14–01:59 बुधचरसामान्य
- 01:59–02:44 बुधरोगअशुभ
- 02:44–03:29 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 02:40–03:04, शुभ
- रोग, अशुभ, 03:28–05:43
- उद्वेग, अशुभ, 05:43–07:58
- चर, सामान्य, 07:58–10:14
- लाभ, शुभ, 10:14–12:29
- अमृत, शुभ, 12:29–14:44
- काल, अशुभ, 14:44–16:59
- शुभ, 16:59–19:14
- रोग, अशुभ, 19:14–21:30
- काल, अशुभ, 21:30–22:15
- लाभ, शुभ, 22:15–22:59
- उद्वेग, अशुभ, 22:59–23:44
- शुभ, 23:44–00:29 बुध
- अमृत, शुभ, 00:29–01:14 बुध
- चर, सामान्य, 01:14–01:59 बुध
- रोग, अशुभ, 01:59–02:44 बुध
- काल, अशुभ, 02:44–03:29 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:04–08:16, अशुभ
- यमगण्ड, 07:58–10:14, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:53–13:05, शुभ
- गुलिक काल, 12:29–14:44, अशुभ
- राहु काल, 16:59–19:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:53–00:17 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:41–03:05 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 30 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 153.6° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:28। द्वादशी उससे पहले 08:33 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 08:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 30 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 02:40–03:04
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 02:40–03:04।
सोम 29 जून की रात सूर्यास्त 21:30 सोम से सूर्योदय 03:28 तक थी, 5 घं 58 मि। इसे 23 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 30 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–13:05।
मंगल 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:04–08:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:04–08:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:53–00:17 बुध।
मंगल 30 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 23:53–00:17 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:04–08:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:53–00:17 बुध।
यहाँ दिन, 03:28 से 21:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 12 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:04–08:16 और 23:53–00:17 बुध।
मंगल 30 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
03:28–05:43 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 03:28 से 21:30, 2 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:30 से 03:29 बुध, 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 30 जून को राहुकाल कब है? 16:59–19:14
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:59–19:14।
मंगल 30 जून को यमगंड कब है? 07:58–10:14
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 07:58–10:14।
मंगल 30 जून को गुलिक काल कब है? 12:29–14:44
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:29–14:44।
यहाँ दिन 03:28 से 21:30 तक है, 18 घं 2 मि। इसे 2 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 30 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 03:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:28, सूर्यास्त 21:30, 18 घं 2 मि का दिन।
मंगल 30 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:28, सूर्यास्त 21:30, 18 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 18 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 5 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 18 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 5 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 30 जून को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 227.5° पर था: ज्येष्ठा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 226°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:48 बुध को निकलेगा, मूल में।
मंगल 30 जून को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 301.4° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 73.9° + 227.5° = 301.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 12:24 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
मंगल 30 जून को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 153.6° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 20:25 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 08:07 तक है।
मंगल 30 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 03:28, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:28 से 03:29 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 16 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 17:05 मंगल से 16 जुलाई 04:24 गुरु तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 17 जुलाई 01:32 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
मंगल 30 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।
मंगल 30 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 12:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 98.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 30 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:19
चंद्रमा यहाँ 19:19 पर उदय होता है।
मंगल 30 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:20 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:19 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:20 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:19 पर उदय हुआ; वह फिर 03:20 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।