Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 28 जून 2091
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 28 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 28 जून क्यों?
प्रदोष व्रत: Myjava में हर तारीख़व्रत का पारण
पद्मिनी एकादशी
28 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 जून
- 02:46–03:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 03:49 से
- 03:49–05:50शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:20–12:25अभिजीत मुहूर्त
- 11:53–13:53लाभ चौघड़िया
- 13:53–15:54अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:55–19:56शुभ चौघड़िया
-
18:33–20:02अमृत कालअनुराधा में
- सूर्यास्त 19:56 के बाद
- 19:56–20:56अमृत चौघड़िया
- 23:53–00:52 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 01:51–02:50 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 02:50–03:49 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 02:46–03:18 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 03:49–05:50शुभयमगण्ड में
- 05:50–07:51रोगअशुभ
- 07:51–09:52उद्वेगअशुभ
- 09:52–11:53चरसामान्य
- 11:53–13:53लाभशुभ
- 13:53–15:54अमृतराहु काल में
- 15:54–17:55कालअशुभ
- 17:55–19:56शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:56–20:56अमृतशुभ
- 20:56–21:55चरसामान्य
- 21:55–22:54रोगअशुभ
- 22:54–23:53कालअशुभ
- 23:53–00:52 शुक्रलाभशुभ
- 00:52–01:51 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 01:51–02:50 शुक्रशुभ
- 02:50–03:49 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 02:46–03:17, शुभ
- शुभ, 03:49–05:50
- रोग, अशुभ, 05:50–07:51
- उद्वेग, अशुभ, 07:51–09:52
- चर, सामान्य, 09:52–11:53
- लाभ, शुभ, 11:53–13:53
- अमृत, शुभ, 13:53–15:54
- काल, अशुभ, 15:54–17:55
- शुभ, 17:55–19:56
- अमृत, शुभ, 19:56–20:56
- चर, सामान्य, 20:56–21:55
- रोग, अशुभ, 21:55–22:54
- काल, अशुभ, 22:54–23:53
- लाभ, शुभ, 23:53–00:52 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 00:52–01:51 शुक्र
- शुभ, 01:51–02:50 शुक्र
- अमृत, शुभ, 02:50–03:49 शुक्र
- यमगण्ड, 03:49–05:50, अशुभ
- गुलिक काल, 07:51–09:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:11–10:16, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:20–12:25, शुभ
- राहु काल, 13:53–15:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:38–16:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 02:46–03:18 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में प्रदोष व्रत गुरु 28 जून को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 28 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 28 जून को 11:12 से शुक्र 29 जून को 08:31 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (20:56–22:31) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 28 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 140.4° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 03:49। एकादशी उससे पहले 12:56 बुध पर समाप्त हुई। द्वादशी 10:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 17 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 28 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 02:46–03:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 02:46–03:17।
बुध 27 जून की रात सूर्यास्त 19:57 बुध से सूर्योदय 03:49 तक थी, 7 घं 52 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 28 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:20–12:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:20–12:25।
गुरु 28 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 09:11–10:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:11–10:16 और 15:38–16:43।
गुरु 28 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:38–16:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:11–10:16 और 15:38–16:43।
यहाँ दिन, 03:49 से 19:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:11–10:16 और 15:38–16:43।
गुरु 28 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
03:49–05:50 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 03:49 से 19:56, 2 घं 0 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:56 से 03:49 शुक्र, 59 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 28 जून को राहुकाल कब है? 13:53–15:54
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:53–15:54।
गुरु 28 जून को यमगंड कब है? 03:49–05:50
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 03:49–05:50।
गुरु 28 जून को गुलिक काल कब है? 07:51–09:52
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 07:51–09:52।
यहाँ दिन 03:49 से 19:56 तक है, 16 घं 7 मि। इसे 2 घं 0 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 28 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 03:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:49, सूर्यास्त 19:56, 16 घं 7 मि का दिन।
गुरु 28 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 03:49, सूर्यास्त 19:56, 16 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 28 जून को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 212° पर था: विशाखा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:01 को निकलेगा, अनुराधा में।
गुरु 28 जून को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 283.6° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 71.6° + 212° = 283.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 18:56 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
गुरु 28 जून को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 140.4° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 23:34 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 10:12 तक है।
गुरु 28 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 03:49, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 03:49 से 03:49 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 28 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
17 जून और 16 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जून 03:42 रवि से 16 जुलाई 15:17 सोम तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 17 जुलाई 10:52 मंगल को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
गुरु 28 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।
गुरु 28 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2148 · शक 2013
विक्रम संवत 2148 20 मार्च 2091 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2091, 04:47 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 96.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2148 गिनता है; शक संवत 2013।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 28 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:55
चंद्रमा यहाँ 16:55 पर उदय होता है।
गुरु 28 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:37 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:55 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:37 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:55 पर उदय हुआ; वह फिर 02:37 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।