Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 31 अगस्त 2039
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 31 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 31 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: Myjava में हर तारीख़31 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 31 अगस्त
- 03:40–04:22ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:04 से
- 05:04–06:45लाभ चौघड़िया
- 06:45–08:27अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:08–11:49शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:53–18:34लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:34 के बाद
-
19:51–21:22अमृत कालश्रवण में
- 19:53–21:12शुभ चौघड़िया
- 21:12–22:31अमृत चौघड़िया
- 02:28–03:47 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:41–04:23 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:04–06:45लाभशुभ
- 06:45–08:27अमृतयमगण्ड में
- 08:27–10:08कालअशुभ
- 10:08–11:49शुभगुलिक काल में
- 11:49–13:30रोगअशुभ
- 13:30–15:11उद्वेगअशुभ
- 15:11–16:53चरसामान्य
- 16:53–18:34लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:34–19:53उद्वेगअशुभ
- 19:53–21:12शुभ
- 21:12–22:31अमृतशुभ
- 22:31–23:50चरसामान्य
- 23:50–01:09 गुरुरोगअशुभ
- 01:09–02:28 गुरुकालअशुभ
- 02:28–03:47 गुरुलाभशुभ
- 03:47–05:06 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 31 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:40–04:22, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:04–06:45
- अमृत, शुभ, 06:45–08:27
- काल, अशुभ, 08:27–10:08
- शुभ, 10:08–11:49
- रोग, अशुभ, 11:49–13:30
- उद्वेग, अशुभ, 13:30–15:11
- चर, सामान्य, 15:11–16:53
- लाभ, शुभ, 16:53–18:34
- उद्वेग, अशुभ, 18:34–19:53
- शुभ, 19:53–21:12
- अमृत, शुभ, 21:12–22:31
- चर, सामान्य, 22:31–23:50
- रोग, अशुभ, 23:50–01:09 गुरु
- काल, अशुभ, 01:09–02:28 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:28–03:47 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:47–05:06 गुरु
- यमगण्ड, 06:45–08:27, अशुभ
- गुलिक काल, 10:08–11:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:22–12:16, अशुभ
- राहु काल, 11:49–13:30, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:41–04:23 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में प्रदोष व्रत बुध 31 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 31 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 31 अगस्त को 03:10 से गुरु 1 सितंबर को 00:59 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (19:34–21:40) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 31 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 145.6° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:04। द्वादशी उससे पहले 02:10 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 23:59 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 19 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Myjava में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:58, द्वादशी की समाप्ति 06:40 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:29 गुरु को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:04, द्वादशी की समाप्ति 02:10 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
बुध 31 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:40–04:22
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:40–04:22।
मंगल 30 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:36 मंगल से सूर्योदय 05:04 तक थी, 10 घं 28 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 31 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:22–12:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:22–12:16।
यहाँ दिन, 05:04 से 18:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:22–12:16: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 31 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:04–06:45 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:04 से 18:34, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:34 से 05:06 गुरु, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 31 अगस्त को राहुकाल कब है? 11:49–13:30
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:49–13:30।
बुध 31 अगस्त को यमगंड कब है? 06:45–08:27
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:45–08:27।
बुध 31 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:08–11:49
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:08–11:49।
यहाँ दिन 05:04 से 18:34 तक है, 13 घं 30 मि। इसे 1 घं 41 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 31 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 18:34, 13 घं 30 मि का दिन।
बुध 31 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 18:34, 13 घं 30 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 31 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 278.8° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:02 को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 31 अगस्त को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 412° थे, एक चक्कर और 52°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 133.2° + 278.8° = 412°, एक पूरा चक्कर और 52°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 07:03 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
बुध 31 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 145.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 13:03 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 23:59 तक।
बुध 31 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:04, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:04 से 05:06 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 19 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 18 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
बुध 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
बुध 31 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2096 · शक 1961
विक्रम संवत 2096 24 मार्च 2039 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2039, 18:59 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 153.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2096 गिनता है; शक संवत 1961।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 31 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:55
चंद्रमा यहाँ 17:55 पर उदय होता है।
बुध 31 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:49 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:55 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:49 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:55 पर उदय हुआ; वह फिर 02:49 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।