Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग रवि 15 जून 2036
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
15 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जून
- 03:42–04:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:45 से
- 08:48–10:49लाभ चौघड़िया
- 10:49–12:50अमृत चौघड़िया
- 12:18–12:50अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:51–16:52शुभ चौघड़िया
- 19:06–20:53अमृत कालशतभिषा मेंराहु काल में
- सूर्यास्त 20:54 के बाद
- 20:54–21:53शुभ चौघड़िया
- 21:53–22:52अमृत चौघड़िया
- 01:49–02:48 सोमलाभ चौघड़िया
- 03:46–04:45 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:42–04:14 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:45–06:46उद्वेगअशुभ
- 06:46–08:48चरसामान्य
- 08:48–10:49लाभशुभ
- 10:49–12:50अमृतशुभ
- 12:50–14:51कालअशुभ
- 14:51–16:52शुभ
- 16:52–18:53रोगअशुभ
- 18:53–20:54उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:54–21:53शुभ
- 21:53–22:52अमृतशुभ
- 22:52–23:51चरसामान्य
- 23:51–00:50 सोमरोगअशुभ
- 00:50–01:49 सोमकालअशुभ
- 01:49–02:48 सोमलाभशुभ
- 02:48–03:46 सोमउद्वेगअशुभ
- 03:46–04:45 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 15 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:42–04:14, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 04:45–06:46
- चर, सामान्य, 06:46–08:48
- लाभ, शुभ, 08:48–10:49
- अमृत, शुभ, 10:49–12:50
- काल, अशुभ, 12:50–14:51
- शुभ, 14:51–16:52
- रोग, अशुभ, 16:52–18:53
- उद्वेग, अशुभ, 18:53–20:54
- शुभ, 20:54–21:53
- अमृत, शुभ, 21:53–22:52
- चर, सामान्य, 22:52–23:51
- रोग, अशुभ, 23:51–00:50 सोम
- काल, अशुभ, 00:50–01:49 सोम
- लाभ, शुभ, 01:49–02:48 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:48–03:46 सोम
- शुभ, 03:46–04:45 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:18–13:22, शुभ
- यमगण्ड, 12:50–14:51, अशुभ
- गुलिक काल, 16:52–18:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 18:45–19:50, अशुभ
- राहु काल, 18:53–20:54, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:42–04:14 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 15 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 248.6° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:45। पञ्चमी उससे पहले 09:43 शनि पर समाप्त हुई। षष्ठी 12:10 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 8 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 15 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:42–04:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:42–04:14।
शनि 14 जून की रात सूर्यास्त 20:54 शनि से सूर्योदय 04:45 तक थी, 7 घं 51 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 15 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:18–13:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:18–13:22।
रवि 15 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 18:45–19:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:45–19:50।
यहाँ दिन, 04:45 से 20:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:45–19:50।
रवि 15 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:45–06:46 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:45 से 20:54, 2 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:54 से 04:45 सोम, 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 15 जून को राहुकाल कब है? 18:53–20:54
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:53–20:54।
रवि 15 जून को यमगंड कब है? 12:50–14:51
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:50–14:51।
रवि 15 जून को गुलिक काल कब है? 16:52–18:53
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:52–18:53।
यहाँ दिन 04:45 से 20:54 तक है, 16 घं 9 मि। इसे 2 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 15 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:54, 16 घं 9 मि का दिन।
रवि 15 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:54, 16 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 15 जून को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 308.9° पर था: शतभिषा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 306°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:09 सोम को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
रवि 15 जून को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 369.1° थे, एक चक्कर और 9.1°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 60.2° + 308.9° = 369.1°, एक पूरा चक्कर और 9.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 12:40 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
रवि 15 जून को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 248.6° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 22:58 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 12:10 तक है।
रवि 15 जून को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 04:45, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:45 से 04:45 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 15 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 25 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 24 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
रवि 15 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
रवि 15 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2093 · शक 1958
विक्रम संवत 2093 27 मार्च 2036 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 2036, 21:56 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 76.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2093 गिनता है; शक संवत 1958।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 15 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:52 सोम
चंद्रमा यहाँ 00:52 सोम पर उदय होता है।
रवि 15 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:57
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:57 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:52 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:57 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:52 सोम पर उदय होगा।