Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 17 नवंबर 2035
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
17 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 17 नवंबर
- 05:01–06:01ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:00 से
- 08:13–09:17शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:16–11:52अभिजीत मुहूर्त
- 12:42–13:50लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 13:50–14:59अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:07 के बाद
- 16:07–17:59लाभ चौघड़िया
- 19:51–21:43शुभ चौघड़िया
-
20:17–21:43अमृत कालमृगशिरा में
- 21:43–23:34अमृत चौघड़िया
- 05:10–07:02 रविलाभ चौघड़िया
- 05:03–06:02 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:00–08:09कालअशुभ
- 08:09–09:17शुभ
- 09:17–10:25रोगअशुभ
- 10:25–11:34उद्वेगअशुभ
- 11:34–12:42चरसामान्य
- 12:42–13:50लाभयमगण्ड में
- 13:50–14:59अमृतशुभ
- 14:59–16:07कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:07–17:59लाभशुभ
- 17:59–19:51उद्वेगअशुभ
- 19:51–21:43शुभ
- 21:43–23:34अमृतशुभ
- 23:34–01:26 रविचरसामान्य
- 01:26–03:18 रविरोगअशुभ
- 03:18–05:10 रविकालअशुभ
- 05:10–07:02 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 17 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–06:01, शुभ
- काल, अशुभ, 07:00–08:09
- शुभ, 08:09–09:17
- रोग, अशुभ, 09:17–10:25
- उद्वेग, अशुभ, 10:25–11:34
- चर, सामान्य, 11:34–12:42
- लाभ, शुभ, 12:42–13:50
- अमृत, शुभ, 13:50–14:59
- काल, अशुभ, 14:59–16:07
- लाभ, शुभ, 16:07–17:59
- उद्वेग, अशुभ, 17:59–19:51
- शुभ, 19:51–21:43
- अमृत, शुभ, 21:43–23:34
- चर, सामान्य, 23:34–01:26 रवि
- रोग, अशुभ, 01:26–03:18 रवि
- काल, अशुभ, 03:18–05:10 रवि
- लाभ, शुभ, 05:10–07:02 रवि
- गुलिक काल, 07:00–08:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:00–07:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:37–08:13, अशुभ
- राहु काल, 09:17–10:25, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:16–11:52, शुभ
- यमगण्ड, 12:42–13:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:03–06:02 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 17 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 203.2° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:00। प्रतिपदा उससे पहले 11:41 शुक्र पर समाप्त हुई। द्वितीया 08:24 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 15 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
तृतीया क्षय क्यों है?
तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 08:24 को शुरू हुई और 05:09 रवि को समाप्त, 07:00 और 07:02 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को द्वितीया है और रविवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।
शनि 17 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–06:01
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–06:01।
शुक्र 16 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:08 शुक्र से सूर्योदय 07:00 तक थी, 14 घं 52 मि। इसे 59 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 17 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:16–11:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:16–11:52।
शनि 17 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:00–07:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:00–07:37 और 07:37–08:13।
शनि 17 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:37–08:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:00–07:37 और 07:37–08:13।
यहाँ दिन, 07:00 से 16:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 36 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:00–07:37 और 07:37–08:13।
शनि 17 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:00–08:09 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:00 से 16:07, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:07 से 07:02 रवि, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 17 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:17–10:25
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:17–10:25।
शनि 17 नवंबर को यमगंड कब है? 12:42–13:50
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:42–13:50।
शनि 17 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:00–08:09
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:00–08:09।
यहाँ दिन 07:00 से 16:07 तक है, 9 घं 7 मि। इसे 1 घं 8 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 17 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 16:07, 9 घं 7 मि का दिन।
शनि 17 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 16:07, 9 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 17 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 53.5° पर था: मृगशिरा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:09 रवि को निकलेगा, आर्द्रा में।
शनि 17 नवंबर को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 263.8° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 210.3° + 53.5° = 263.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 11:12 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
शनि 17 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 203.2° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 22:03 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 08:24 तक है।
शनि 17 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:00, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:00 से 07:02 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 17 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 31 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 29 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शनि 17 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
शनि 17 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957
विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 12:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 216.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 17 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:11
चंद्रमा यहाँ 18:11 पर उदय होता है।
शनि 17 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:45
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:45 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:11 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:45 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:11 पर उदय होगा।