Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 6 जून 2035
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
त्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत बुध 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 6 जून क्यों?
वट सावित्री व्रत: Myjava में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 6 जून क्यों?
अमावस्या: Myjava में हर तारीख़6 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 जून
- 03:44–04:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:48 से
- 04:48–06:48लाभ चौघड़िया
-
06:17–06:48अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · रोहिणी में
- 06:48–08:48अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:48–12:48शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 18:48–20:48लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:48 के बाद
- 21:48–22:48शुभ चौघड़िया
-
22:20–23:43अमृत कालमृगशिरा में
- 22:48–23:48अमृत चौघड़िया
- 02:48–03:47 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:43–04:15 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:48–06:48लाभशुभ
- 06:48–08:48अमृतयमगण्ड में
- 08:48–10:48कालअशुभ
- 10:48–12:48शुभगुलिक काल में
- 12:48–14:48रोगअशुभ
- 14:48–16:48उद्वेगअशुभ
- 16:48–18:48चरसामान्य
- 18:48–20:48लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:48–21:48उद्वेगअशुभ
- 21:48–22:48शुभ
- 22:48–23:48अमृतशुभ
- 23:48–00:48 गुरुचरसामान्य
- 00:48–01:48 गुरुरोगअशुभ
- 01:48–02:48 गुरुकालअशुभ
- 02:48–03:47 गुरुलाभशुभ
- 03:47–04:47 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:44–04:16, शुभ
- लाभ, शुभ, 04:48–06:48
- अमृत, शुभ, 06:48–08:48
- काल, अशुभ, 08:48–10:48
- शुभ, 10:48–12:48
- रोग, अशुभ, 12:48–14:48
- उद्वेग, अशुभ, 14:48–16:48
- चर, सामान्य, 16:48–18:48
- लाभ, शुभ, 18:48–20:48
- उद्वेग, अशुभ, 20:48–21:48
- शुभ, 21:48–22:48
- अमृत, शुभ, 22:48–23:48
- चर, सामान्य, 23:48–00:48 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:48–01:48 गुरु
- काल, अशुभ, 01:48–02:48 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:48–03:47 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:47–04:47 गुरु
- यमगण्ड, 06:48–08:48, अशुभ
- गुलिक काल, 10:48–12:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:16–13:20, अशुभ
- राहु काल, 12:48–14:48, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:43–04:15 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में वट सावित्री व्रत बुध 6 जून को क्यों है?
वट सावित्री व्रत बुध 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 5 जून को 09:12 से बुध 6 जून को 05:20 तक है, इसलिए वह केवल बुध 6 जून के सूर्योदय (04:48) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Myjava में अमावस्या बुध 6 जून को क्यों है?
अमावस्या बुध 6 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 5 जून को 09:12 से बुध 6 जून को 05:20 तक है, इसलिए वह केवल बुध 6 जून के सूर्योदय (04:48) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 6 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:48। चतुर्दशी उससे पहले 09:12 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 05:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 22 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 05:20 को शुरू हुई और 01:25 गुरु को समाप्त, 04:48 और 04:47 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को अमावस्या है और गुरुवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 6 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:44–04:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:44–04:16।
मंगल 5 जून की रात सूर्यास्त 20:47 मंगल से सूर्योदय 04:48 तक थी, 8 घं 1 मि। इसे 32 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 6 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:16–13:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:16–13:20।
यहाँ दिन, 04:48 से 20:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:16–13:20: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 6 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:48–06:48 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:48 से 20:48, 2 घं 0 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:48 से 04:47 गुरु, 59 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 6 जून को राहुकाल कब है? 12:48–14:48
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:48–14:48।
बुध 6 जून को यमगंड कब है? 06:48–08:48
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:48–08:48।
बुध 6 जून को गुलिक काल कब है? 10:48–12:48
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:48–12:48।
यहाँ दिन 04:48 से 20:48 तक है, 16 घं 0 मि। इसे 2 घं 0 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 6 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:48, सूर्यास्त 20:48, 16 घं 0 मि का दिन।
बुध 6 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:48, सूर्यास्त 20:48, 16 घं 0 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 6 जून को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 50.6° पर था: रोहिणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:05 को निकलेगा, मृगशिरा में।
बुध 6 जून को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 101.5° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 50.9° + 50.6° = 101.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 12:22 को समाप्त होता है, फिर शूल।
बुध 6 जून को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 359.7° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 19:17 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 05:20 तक है।
बुध 6 जून को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:48, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:48 से 04:47 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 7 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 6 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
बुध 6 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957
विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 12:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 56.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 6 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:26
चंद्रमा यहाँ 05:26 पर उदय होता है।
बुध 6 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:58
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:26 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:58 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:26 पर उदय हुआ; वह फिर 20:58 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।