Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 13 अगस्त 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
त्योहार
कजरी तीज
कजरी तीज शनि 13 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है। शनि 13 अगस्त क्यों?
कजरी तीज: Myjava में हर तारीख़व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी शनि 13 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शनि 13 अगस्त क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Myjava में हर तारीख़13 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 अगस्त
- 04:23–05:01ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:39 से
- 07:35–09:16शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:25–13:22अभिजीत मुहूर्त
- 14:42–16:31लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:31–18:19अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:08 के बाद
- 20:08–21:19लाभ चौघड़िया
- 22:31–23:43शुभ चौघड़िया
- 23:43–00:54 रविअमृत चौघड़िया
- 04:29–05:41 रविलाभ चौघड़िया
-
05:32–06:59 रविअमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 04:24–05:03 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:39–07:28कालअशुभ
- 07:28–09:16शुभ
- 09:16–11:05रोगअशुभ
- 11:05–12:53उद्वेगअशुभ
- 12:53–14:42चरसामान्य
- 14:42–16:31लाभयमगण्ड में
- 16:31–18:19अमृतशुभ
- 18:19–20:08कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:08–21:19लाभशुभ
- 21:19–22:31उद्वेगअशुभ
- 22:31–23:43शुभ
- 23:43–00:54 रविअमृतशुभ
- 00:54–02:06 रविचरसामान्य
- 02:06–03:17 रविरोगअशुभ
- 03:17–04:29 रविकालअशुभ
- 04:29–05:41 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:01, शुभ
- काल, अशुभ, 05:39–07:28
- शुभ, 07:28–09:16
- रोग, अशुभ, 09:16–11:05
- उद्वेग, अशुभ, 11:05–12:53
- चर, सामान्य, 12:53–14:42
- लाभ, शुभ, 14:42–16:31
- अमृत, शुभ, 16:31–18:19
- काल, अशुभ, 18:19–20:08
- लाभ, शुभ, 20:08–21:19
- उद्वेग, अशुभ, 21:19–22:31
- शुभ, 22:31–23:43
- अमृत, शुभ, 23:43–00:54 रवि
- चर, सामान्य, 00:54–02:06 रवि
- रोग, अशुभ, 02:06–03:17 रवि
- काल, अशुभ, 03:17–04:29 रवि
- लाभ, शुभ, 04:29–05:41 रवि
- गुलिक काल, 05:39–07:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:39–06:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:37–07:35, अशुभ
- राहु काल, 09:16–11:05, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:25–13:22, शुभ
- यमगण्ड, 14:42–16:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:03 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में कजरी तीज शनि 13 अगस्त को क्यों है?
कजरी तीज शनि 13 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है।
कजरी तीज सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। तृतीया शुक्र 12 अगस्त को 14:01 से शनि 13 अगस्त को 10:54 तक है, इसलिए वह केवल शनि 13 अगस्त के सूर्योदय (05:39) पर है। कजरी तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Myjava में संकष्टी चतुर्थी शनि 13 अगस्त को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी शनि 13 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शनि 13 अगस्त को 10:54 से रवि 14 अगस्त को 07:53 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शनि 13 अगस्त को है, 21:21 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 13 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 213° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:39। द्वितीया उससे पहले 14:01 शुक्र पर समाप्त हुई। तृतीया 10:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 10 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 13 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:23–05:01
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:23–05:01।
शुक्र 12 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:09 शुक्र से सूर्योदय 05:39 तक थी, 9 घं 30 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 13 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:25–13:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:25–13:22।
शनि 13 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 05:39–06:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:39–06:37 और 06:37–07:35।
शनि 13 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:37–07:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:39–06:37 और 06:37–07:35।
यहाँ दिन, 05:39 से 20:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:39–06:37 और 06:37–07:35।
शनि 13 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:39–07:28 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:39 से 20:08, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:08 से 05:41 रवि, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 13 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:16–11:05
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:16–11:05।
शनि 13 अगस्त को यमगंड कब है? 14:42–16:31
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:42–16:31।
शनि 13 अगस्त को गुलिक काल कब है? 05:39–07:28
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:39–07:28।
यहाँ दिन 05:39 से 20:08 तक है, 14 घं 29 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 13 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 20:08, 14 घं 29 मि का दिन।
शनि 13 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 20:08, 14 घं 29 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 13 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 329.4° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 326°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:04 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
शनि 13 अगस्त को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 445.8° थे, एक चक्कर और 85.8°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 116.4° + 329.4° = 445.8°, एक पूरा चक्कर और 85.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 17:12 को समाप्त होता है, फिर धृति।
शनि 13 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 213° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 00:27 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 10:54 तक है।
शनि 13 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:39, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:39 से 05:41 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 13 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 26 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 24 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
शनि 13 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
शनि 13 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 19:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 130.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 13 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:21
चंद्रमा यहाँ 21:21 पर उदय होता है।
शनि 13 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:21 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:21 पर उदय होगा।