Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 24 मई 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
अपरा एकादशी
अपरा एकादशी मंगल 24 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 24 मई क्यों?
अपरा एकादशी: Myjava में हर तारीख़24 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 24 मई
- 03:50–04:24ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:57 से
- 10:49–12:46लाभ चौघड़िया
-
11:19–12:46अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · उत्तर भाद्रपद में
- 12:15–12:46अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:46–14:44अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:41–18:38शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:36 के बाद
- 21:38–22:41लाभ चौघड़िया
- 23:43–23:56शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:29–00:46 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:46–01:48 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:49–04:23 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:57–06:54रोगअशुभ
- 06:54–08:52उद्वेगअशुभ
- 08:52–10:49चरसामान्य
- 10:49–12:46लाभशुभ
- 12:46–14:44अमृतगुलिक काल में
- 14:44–16:41कालअशुभ
- 16:41–18:38शुभराहु काल में
- 18:38–20:36रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:36–21:38कालअशुभ
- 21:38–22:41लाभशुभ
- 22:41–23:43उद्वेगअशुभ
- 23:43–00:46 बुधशुभ
- 00:46–01:48 बुधअमृतशुभ
- 01:48–02:51 बुधचरसामान्य
- 02:51–03:54 बुधरोगअशुभ
- 03:54–04:56 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 24 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:50–04:24, शुभ
- रोग, अशुभ, 04:57–06:54
- उद्वेग, अशुभ, 06:54–08:52
- चर, सामान्य, 08:52–10:49
- लाभ, शुभ, 10:49–12:46
- अमृत, शुभ, 12:46–14:44
- काल, अशुभ, 14:44–16:41
- शुभ, 16:41–18:38
- रोग, अशुभ, 18:38–20:36
- काल, अशुभ, 20:36–21:38
- लाभ, शुभ, 21:38–22:41
- उद्वेग, अशुभ, 22:41–23:43
- शुभ, 23:43–00:46 बुध
- अमृत, शुभ, 00:46–01:48 बुध
- चर, सामान्य, 01:48–02:51 बुध
- रोग, अशुभ, 02:51–03:54 बुध
- काल, अशुभ, 03:54–04:56 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:05–09:07, अशुभ
- यमगण्ड, 08:52–10:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:15–13:18, शुभ
- गुलिक काल, 12:46–14:44, अशुभ
- राहु काल, 16:41–18:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:56–00:29 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:49–04:23 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में अपरा एकादशी मंगल 24 मई को क्यों है?
अपरा एकादशी मंगल 24 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 24 मई को सूर्योदय पर है, 04:57: मंगल 24 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:47 पर, उससे (03:21–04:57) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 24 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 301.2° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:57। दशमी उससे पहले 02:47 पर समाप्त हुई। एकादशी 00:09 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 14 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Myjava में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:26, दशमी की समाप्ति 06:17 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 03:39 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 04:57, दशमी की समाप्ति 02:47 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
मंगल 24 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:50–04:24
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:50–04:24।
सोम 23 मई की रात सूर्यास्त 20:35 सोम से सूर्योदय 04:57 तक थी, 8 घं 22 मि। इसे 33 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 24 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:15–13:18
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:15–13:18।
मंगल 24 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:05–09:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:05–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:56–00:29 बुध।
मंगल 24 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:56–00:29 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:05–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:56–00:29 बुध।
यहाँ दिन, 04:57 से 20:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 2 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:05–09:07 और 23:56–00:29 बुध।
मंगल 24 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:57–06:54 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:57 से 20:36, 1 घं 57 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:36 से 04:56 बुध, 1 घं 2 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 24 मई को राहुकाल कब है? 16:41–18:38
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:41–18:38।
मंगल 24 मई को यमगंड कब है? 08:52–10:49
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:52–10:49।
मंगल 24 मई को गुलिक काल कब है? 12:46–14:44
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:46–14:44।
यहाँ दिन 04:57 से 20:36 तक है, 15 घं 39 मि। इसे 1 घं 57 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 24 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:57, सूर्यास्त 20:36, 15 घं 39 मि का दिन।
मंगल 24 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:57, सूर्यास्त 20:36, 15 घं 39 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 24 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 340.2° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 340° पर उसके पद 3 में आया। वह 15:46 को निकलेगा, रेवती में।
मंगल 24 मई को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 379.2° थे, एक चक्कर और 19.2°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 39° + 340.2° = 379.2°, एक पूरा चक्कर और 19.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 16:43 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 24 मई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 301.2° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 13:29 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 00:09 बुध तक।
मंगल 24 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 04:57, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:57 से 04:56 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 29 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 28 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
मंगल 24 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 19:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 53° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 24 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:11 बुध
चंद्रमा यहाँ 03:11 बुध पर उदय होता है।
मंगल 24 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:41
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:41 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:11 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:41 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:11 बुध पर उदय होगा।