tithika
English

Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 14 अप्रैल 2033

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 21:17 तक

फिर प्रतिपदा · 23:21 शुक्र तक

त्योहार

हनुमान जयंती

हनुमान जयंती गुरु 14 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। गुरु 14 अप्रैल क्यों?

हनुमान जयंती: Myjava में हर तारीख़

त्योहार

मेष संक्रांति

पुण्य काल
00:54
संक्रांति 00:54

मेष संक्रांति गुरु 14 अप्रैल को है: सूर्य रात में, 00:54 पर, मेष में प्रवेश करता है। गुरु 14 अप्रैल क्यों?

मेष संक्रांति: Myjava में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा गुरु 14 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। गुरु 14 अप्रैल क्यों?

पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:37 06:00 19:40अगला सूर्योदय 05:58 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:00–07:43शुभयमगण्ड में
  • 07:43–09:25रोगअशुभ
  • 09:25–11:07उद्वेगअशुभ
  • 11:07–12:50चरसामान्य
  • 12:50–14:32लाभशुभ
  • 14:32–16:15अमृतराहु काल में
  • 16:15–17:57कालअशुभ
  • 17:57–19:40शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:40–20:57अमृतशुभ
  • 20:57–22:14चरसामान्य
  • 22:14–23:32रोगअशुभ
  • 23:32–00:49 शुक्रकालअशुभ
  • 00:49–02:06 शुक्रलाभशुभ
  • 02:06–03:23 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:23–04:41 शुक्रशुभ
  • 04:41–05:58 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 14 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:19, शुभ
  • शुभ, 06:00–07:43
  • रोग, अशुभ, 07:43–09:25
  • उद्वेग, अशुभ, 09:25–11:07
  • चर, सामान्य, 11:07–12:50
  • लाभ, शुभ, 12:50–14:32
  • अमृत, शुभ, 14:32–16:15
  • काल, अशुभ, 16:15–17:57
  • शुभ, 17:57–19:40
  • अमृत, शुभ, 19:40–20:57
  • चर, सामान्य, 20:57–22:14
  • रोग, अशुभ, 22:14–23:32
  • काल, अशुभ, 23:32–00:49 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:49–02:06 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:06–03:23 शुक्र
  • शुभ, 03:23–04:41 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:41–05:58 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:00–07:43, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:25–11:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:33–11:28, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:17, शुभ
  • राहु काल, 14:32–16:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:01–16:56, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:17 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में हनुमान जयंती गुरु 14 अप्रैल को क्यों है?

हनुमान जयंती गुरु 14 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 14 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:00
पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 14 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:00
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

हनुमान जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 13 अप्रैल को 18:56 से गुरु 14 अप्रैल को 21:17 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 14 अप्रैल के सूर्योदय (06:00) पर है। हनुमान जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

हनुमान जयंती: Myjava में हर तारीख़

Myjava में मेष संक्रांति गुरु 14 अप्रैल को क्यों है?

मेष संक्रांति गुरु 14 अप्रैल को है: सूर्य रात में, 00:54 पर, मेष में प्रवेश करता है।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी; तारे स्थिर (निरयन, लाहिड़ी)। पास से: एक ही घड़ी पर (UTC+2) सूर्य का पथ: ऊपर उसकी राशि, नीचे दिन और रात। सूर्य: हर सूर्योदय पर, अपने भोगांश के साथ, और जहाँ वह प्रवेश करता है।

सूर्य 00:54 पर, सूर्यास्त (19:38 बुध) के बाद, मेष में प्रवेश करता है, इसलिए अगला दिन लिया जाता है: गुरु 14 अप्रैल। मेष संक्रांति का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; संक्रांति Tithika की परिपाटी है।

मेष संक्रांति: Myjava में हर तारीख़

Myjava में पूर्णिमा गुरु 14 अप्रैल को क्यों है?

पूर्णिमा गुरु 14 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 14 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:00
पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 14 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:00
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 13 अप्रैल को 18:56 से गुरु 14 अप्रैल को 21:17 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 14 अप्रैल के सूर्योदय (06:00) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़

गुरु 14 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 173° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 173.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 173.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:00। चतुर्दशी उससे पहले 18:56 बुध पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 21:17 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 30 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 14 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:19

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:19।

सूर्यास्त 19:38 बुध सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 13 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:38 बुध सूर्योदय 06:00 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 13 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 13 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:38 बुध से सूर्योदय 06:00 तक थी, 10 घं 22 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 14 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:17

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:17।

गुरु 14 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 10:33–11:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:33–11:28 और 16:01–16:56।

गुरु 14 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 16:01–16:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:33–11:28 और 16:01–16:56।

सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:00 से 19:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:33–11:28 और 16:01–16:56।

गुरु 14 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:00–07:43 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:00 से 19:40, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:40 से 05:58 शुक्र, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 14 अप्रैल को राहुकाल कब है? 14:32–16:15

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:32–16:15।

गुरु 14 अप्रैल को यमगंड कब है? 06:00–07:43

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:00–07:43।

गुरु 14 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 09:25–11:07

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:25–11:07।

सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:00 से 19:40 तक है, 13 घं 40 मि। इसे 1 घं 42 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 14 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:00

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 19:40, 13 घं 40 मि का दिन।

गुरु 14 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 19:40, 13 घं 40 मि का दिन।

सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:30
सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 14 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 173.2° पर था: हस्त, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 173.2° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 173.2° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 170° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:12 को निकलेगा, चित्रा में।

गुरु 14 अप्रैल को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 173.4° थे: हर्षण।

सूर्य 0.2° + चंद्रमा 173.2° = 173.4° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 0.2° + चंद्रमा 173.2° = 173.4° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 0.2° + 173.2° = 173.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 06:33 शुक्र को समाप्त होता है, फिर वज्र।

गुरु 14 अप्रैल को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 173° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 173.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 173.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 08:08 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 21:17 तक।

गुरु 14 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:00, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:00 से 05:58 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 14 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 30 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

गुरु 14 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 14 अप्रैल पूर्णिमा 16 मार्च अमावस्या 30 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल अमावस्या 29 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 14 अप्रैल पूर्णिमा 16 मार्च अमावस्या 30 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल अमावस्या 29 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

गुरु 14 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955

विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 19:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 14 अप्रैल सूर्य 0.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 19:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 14 अप्रैल सूर्य 0.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 19:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 14.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 14 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:30

चंद्रमा यहाँ 19:30 पर उदय होता है।

सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:30
सूर्योदय 06:00 सूर्यास्त 19:40 सूर्योदय 05:58 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:30
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 19:30 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।