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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 3 नवंबर 2032

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 06:44 तक

फिर प्रतिपदा · 07:15 गुरु तक

अमावस्या यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

त्योहार

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा मुहूर्त
06:40⁠–⁠08:37
प्रातःकाल 06:40⁠–⁠08:37

गोवर्धन पूजा बुध 3 नवंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का गुरु 4 नवंबर से अधिक भाग घेरती है। बुध 3 नवंबर क्यों?

गोवर्धन पूजा: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:40 16:25अगला सूर्योदय 06:41 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:40–07:53लाभशुभ
  • 07:53–09:06अमृतयमगण्ड में
  • 09:06–10:19कालअशुभ
  • 10:19–11:32शुभगुलिक काल में
  • 11:32–12:45रोगअशुभ
  • 12:45–13:59उद्वेगअशुभ
  • 13:59–15:12चरसामान्य
  • 15:12–16:25लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:25–18:12उद्वेगअशुभ
  • 18:12–19:59शुभ
  • 19:59–21:46अमृतशुभ
  • 21:46–23:33चरसामान्य
  • 23:33–01:20 गुरुरोगअशुभ
  • 01:20–03:07 गुरुकालअशुभ
  • 03:07–04:54 गुरुलाभशुभ
  • 04:54–06:41 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 3 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:43, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:40–07:53
  • अमृत, शुभ, 07:53–09:06
  • काल, अशुभ, 09:06–10:19
  • शुभ, 10:19–11:32
  • रोग, अशुभ, 11:32–12:45
  • उद्वेग, अशुभ, 12:45–13:59
  • चर, सामान्य, 13:59–15:12
  • लाभ, शुभ, 15:12–16:25
  • उद्वेग, अशुभ, 16:25–18:12
  • शुभ, 18:12–19:59
  • अमृत, शुभ, 19:59–21:46
  • चर, सामान्य, 21:46–23:33
  • रोग, अशुभ, 23:33–01:20 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:20–03:07 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:07–04:54 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:54–06:41 गुरु
  • यमगण्ड, 07:53–09:06, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:19–11:32, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:13–11:52, अशुभ
  • राहु काल, 11:32–12:45, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:44 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में गोवर्धन पूजा बुध 3 नवंबर को क्यों है?

गोवर्धन पूजा बुध 3 नवंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का गुरु 4 नवंबर से अधिक भाग घेरती है।

अमावस्या प्रतिपदा 06:40 06:44 05:00 06:00 08:00 09:00 10:00 बुध 3 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:40–08:37
अमावस्या प्रतिपदा 06:40 06:44 05:00 09:00 बुध 3 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:40–08:37
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा बुध 3 नवंबर को 06:44 से गुरु 4 नवंबर को 07:15 तक है, और दोनों सुबह प्रातःकाल को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका प्रातःकाल उसमें अधिक है: बुध 3 नवंबर। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

गोवर्धन पूजा: Myjava में हर तारीख़

बुध 3 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:40। चतुर्दशी उससे पहले 05:44 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 06:44 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 18 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या दो सूर्योदयों पर क्यों है?

अमावस्या यहाँ मंगल 2 और बुध 3 नवंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा मंगल 2 नवंबर सुबह बुध 3 नवंबर सुबह Myjava UTC+1 05:44 06:44 06:38 अमावस्या 06:40 अमावस्या अमावस्या इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा मंगल 2 नवंबर सुबह बुध 3 नवंबर सुबह Myjava UTC+1 05:44 06:44 06:38 अमावस्या 06:40 अमावस्या अमावस्या इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 05:44 मंगल को, सूर्योदय 06:38 मंगल से पहले, शुरू हुई और 06:44 को, अगले सूर्योदय 06:40 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अमावस्या है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

बुध 3 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:43

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:43।

सूर्यास्त 16:27 मंगल सूर्योदय 06:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 2 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:27 मंगल सूर्योदय 06:40 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 2 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 2 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:27 मंगल से सूर्योदय 06:40 तक थी, 14 घं 13 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 3 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:13–11:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:13–11:52।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:40 से 16:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:13–11:52: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 3 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:40–07:53 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:40 से 16:25, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:25 से 06:41 गुरु, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 3 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:32–12:45

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:32–12:45।

बुध 3 नवंबर को यमगंड कब है? 07:53–09:06

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:53–09:06।

बुध 3 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:19–11:32

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:19–11:32।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:40 से 16:25 तक है, 9 घं 45 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 3 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 16:25, 9 घं 45 मि का दिन।

बुध 3 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 16:25, 9 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 06:42
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 06:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 3 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 197° पर था: स्वाती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 197.0° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 197.0° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:21 को निकलेगा, विशाखा में।

बुध 3 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 394° थे, एक चक्कर और 34°: आयुष्मान्।

सूर्य 197.0° + चंद्रमा 197.0° = 394.0° एक चक्कर + 34.0° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 197.0° + चंद्रमा 197.0° = 394.0° एक चक्कर + 34.0° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 197° + 197° = 394°, एक पूरा चक्कर और 34°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 17:07 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

बुध 3 नवंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.9° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 18:18 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 06:44 तक है।

बुध 3 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:40, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:40 से 06:41 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 3 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 4 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 3 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 3 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 3 नवंबर अमावस्या 4 अक्टू॰ पूर्णिमा 18 अक्टू॰ अमावस्या 3 नव॰ पूर्णिमा 17 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 3 नवंबर अमावस्या 4 अक्टू॰ पूर्णिमा 18 अक्टू॰ अमावस्या 3 नव॰ पूर्णिमा 17 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

बुध 3 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954

विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2032 04:39 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 3 नवंबर सूर्य 197.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2032 04:39 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 3 नवंबर सूर्य 197.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 04:39 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 200.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 3 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:42

चंद्रमा यहाँ 06:42 पर उदय होता है।

बुध 3 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:40

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 06:42
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:25 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 06:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 16:40 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:42 पर उदय हुआ; वह फिर 16:40 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।