Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 2 जुलाई 2032
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
2 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 2 जुलाई
- 03:48–04:19ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:51 से
- 06:51–08:52लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:08–10:53अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:53–13:25अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:53–13:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 14:30–14:54शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 20:55 के बाद
- 22:54–23:54लाभ चौघड़िया
- 00:53–01:53 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:53–02:53 शनिअमृत चौघड़िया
-
02:46–04:23 शनिअमृत कालभरणी में
- 03:48–04:20 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:51–06:51चरसामान्य
- 06:51–08:52लाभगुलिक काल में
- 08:52–10:53अमृतशुभ
- 10:53–12:53कालअशुभ
- 12:53–14:54शुभ
- 14:54–16:54रोगअशुभ
- 16:54–18:55उद्वेगअशुभ
- 18:55–20:55चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 20:55–21:55रोगअशुभ
- 21:55–22:54कालअशुभ
- 22:54–23:54लाभशुभ
- 23:54–00:53 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:53–01:53 शनिशुभ
- 01:53–02:53 शनिअमृतशुभ
- 02:53–03:52 शनिचरसामान्य
- 03:52–04:52 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 2 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:48–04:19, शुभ
- चर, सामान्य, 04:51–06:51
- लाभ, शुभ, 06:51–08:52
- अमृत, शुभ, 08:52–10:53
- काल, अशुभ, 10:53–12:53
- शुभ, 12:53–14:54
- रोग, अशुभ, 14:54–16:54
- उद्वेग, अशुभ, 16:54–18:55
- चर, सामान्य, 18:55–20:55
- रोग, अशुभ, 20:55–21:55
- काल, अशुभ, 21:55–22:54
- लाभ, शुभ, 22:54–23:54
- उद्वेग, अशुभ, 23:54–00:53 शनि
- शुभ, 00:53–01:53 शनि
- अमृत, शुभ, 01:53–02:53 शनि
- चर, सामान्य, 02:53–03:52 शनि
- रोग, अशुभ, 03:52–04:52 शनि
- गुलिक काल, 06:51–08:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:04–09:08, अशुभ
- राहु काल, 10:53–12:53, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:21–13:25, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:25–14:30, अशुभ
- यमगण्ड, 16:54–18:55, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:48–04:20 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 2 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 295.5° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:51। नवमी उससे पहले 14:15 गुरु पर समाप्त हुई। दशमी 13:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 23 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 2 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:48–04:19
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:48–04:19।
गुरु 1 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:56 गुरु से सूर्योदय 04:51 तक थी, 7 घं 55 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 2 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:21–13:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:21–13:25।
शुक्र 2 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:04–09:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–09:08 और 13:25–14:30।
शुक्र 2 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:25–14:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:04–09:08 और 13:25–14:30।
यहाँ दिन, 04:51 से 20:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:04–09:08 और 13:25–14:30।
शुक्र 2 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:51–06:51 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:51 से 20:55, 2 घं 0 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:55 से 04:52 शनि, 59 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 2 जुलाई को राहुकाल कब है? 10:53–12:53
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:53।
शुक्र 2 जुलाई को यमगंड कब है? 16:54–18:55
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:54–18:55।
शुक्र 2 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:51–08:52
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:51–08:52।
यहाँ दिन 04:51 से 20:55 तक है, 16 घं 4 मि। इसे 2 घं 0 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 2 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:51, सूर्यास्त 20:55, 16 घं 4 मि का दिन।
शुक्र 2 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:51, सूर्यास्त 20:55, 16 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 2 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 12° पर था: अश्विनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 10° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:14 को निकलेगा, भरणी में।
शुक्र 2 जुलाई को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 88.5° थे: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 76.5° + 12° = 88.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 13:02 को समाप्त होता है, फिर धृति।
शुक्र 2 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 295.5° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 01:52 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 13:35 तक है।
शुक्र 2 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 04:51, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:51 से 04:52 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 8 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 7 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शुक्र 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
शुक्र 2 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 04:39 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 80° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 2 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:48 शनि
चंद्रमा यहाँ 01:48 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 2 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:56
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:48 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:48 शनि पर उदय होगा।