Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 30 सितंबर 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा मंगल 30 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। मंगल 30 सितंबर क्यों?
पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़30 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 सितंबर
- 05:09–05:58ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:47 से
- 11:11–12:39लाभ चौघड़िया
- 12:15–12:39अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:39–14:07अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:35–17:03शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:31 के बाद
- 20:03–21:35लाभ चौघड़िया
-
22:31–23:26अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · उत्तर भाद्रपद में
- 23:07–23:26शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:15–00:39 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:39–02:12 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:10–05:59 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:47–08:15रोगअशुभ
- 08:15–09:43उद्वेगअशुभ
- 09:43–11:11चरसामान्य
- 11:11–12:39लाभशुभ
- 12:39–14:07अमृतगुलिक काल में
- 14:07–15:35कालअशुभ
- 15:35–17:03शुभराहु काल में
- 17:03–18:31रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:31–20:03कालअशुभ
- 20:03–21:35लाभशुभ
- 21:35–23:07उद्वेगअशुभ
- 23:07–00:39 बुधशुभ
- 00:39–02:12 बुधअमृतशुभ
- 02:12–03:44 बुधचरसामान्य
- 03:44–05:16 बुधरोगअशुभ
- 05:16–06:48 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–05:58, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:47–08:15
- उद्वेग, अशुभ, 08:15–09:43
- चर, सामान्य, 09:43–11:11
- लाभ, शुभ, 11:11–12:39
- अमृत, शुभ, 12:39–14:07
- काल, अशुभ, 14:07–15:35
- शुभ, 15:35–17:03
- रोग, अशुभ, 17:03–18:31
- काल, अशुभ, 18:31–20:03
- लाभ, शुभ, 20:03–21:35
- उद्वेग, अशुभ, 21:35–23:07
- शुभ, 23:07–00:39 बुध
- अमृत, शुभ, 00:39–02:12 बुध
- चर, सामान्य, 02:12–03:44 बुध
- रोग, अशुभ, 03:44–05:16 बुध
- काल, अशुभ, 05:16–06:48 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:07–09:54, अशुभ
- यमगण्ड, 09:43–11:11, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:15–13:02, शुभ
- गुलिक काल, 12:39–14:07, अशुभ
- राहु काल, 15:35–17:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:26–00:15 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–05:59 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में पूर्णिमा मंगल 30 सितंबर को क्यों है?
पूर्णिमा मंगल 30 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 29 सितंबर को 23:02 से मंगल 30 सितंबर को 20:57 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 30 सितंबर के सूर्योदय (06:47) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 172.3° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:47। चतुर्दशी उससे पहले 23:02 सोम पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 20:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 16 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 30 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:09–05:58
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:09–05:58।
सोम 29 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:33 सोम से सूर्योदय 06:47 तक थी, 12 घं 14 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 30 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:15–13:02
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:15–13:02।
मंगल 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:07–09:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:07–09:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:26–00:15 बुध।
मंगल 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:26–00:15 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:07–09:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:26–00:15 बुध।
यहाँ दिन, 06:47 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:07–09:54 और 23:26–00:15 बुध।
मंगल 30 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:47–08:15 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:47 से 18:31, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:31 से 06:48 बुध, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 30 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:35–17:03
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:35–17:03।
मंगल 30 सितंबर को यमगंड कब है? 09:43–11:11
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:43–11:11।
मंगल 30 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:39–14:07
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:39–14:07।
यहाँ दिन 06:47 से 18:31 तक है, 11 घं 44 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 30 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 18:31, 11 घं 44 मि का दिन।
मंगल 30 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 18:31, 11 घं 44 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 334.8° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:04 बुध को निकलेगा, रेवती में।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 497.3° थे, एक चक्कर और 137.3°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 162.5° + 334.8° = 497.3°, एक पूरा चक्कर और 137.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 21:39 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 172.3° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 09:57 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 20:57 तक।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:47, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:47 से 06:48 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 16 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 16 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
मंगल 30 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 04:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 184.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 30 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:03
चंद्रमा यहाँ 18:03 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:03 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।