Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 26 अगस्त 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
26 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 26 अगस्त
- 04:36–05:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:57 से
- 11:07–12:51लाभ चौघड़िया
- 12:23–12:51अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:51–14:34अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:17–18:01शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:44 के बाद
- 21:01–22:18लाभ चौघड़िया
- 23:34–23:50शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:31–00:51 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:51–02:08 बुधअमृत चौघड़िया
-
01:55–03:25 बुधअमृत कालज्येष्ठा में
- 04:36–05:17 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:57–07:40रोगअशुभ
- 07:40–09:24उद्वेगअशुभ
- 09:24–11:07चरसामान्य
- 11:07–12:51लाभशुभ
- 12:51–14:34अमृतगुलिक काल में
- 14:34–16:17कालअशुभ
- 16:17–18:01शुभराहु काल में
- 18:01–19:44रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:44–21:01कालअशुभ
- 21:01–22:18लाभशुभ
- 22:18–23:34उद्वेगअशुभ
- 23:34–00:51 बुधशुभ
- 00:51–02:08 बुधअमृतशुभ
- 02:08–03:25 बुधचरसामान्य
- 03:25–04:42 बुधरोगअशुभ
- 04:42–05:58 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 26 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:16, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:57–07:40
- उद्वेग, अशुभ, 07:40–09:24
- चर, सामान्य, 09:24–11:07
- लाभ, शुभ, 11:07–12:51
- अमृत, शुभ, 12:51–14:34
- काल, अशुभ, 14:34–16:17
- शुभ, 16:17–18:01
- रोग, अशुभ, 18:01–19:44
- काल, अशुभ, 19:44–21:01
- लाभ, शुभ, 21:01–22:18
- उद्वेग, अशुभ, 22:18–23:34
- शुभ, 23:34–00:51 बुध
- अमृत, शुभ, 00:51–02:08 बुध
- चर, सामान्य, 02:08–03:25 बुध
- रोग, अशुभ, 03:25–04:42 बुध
- काल, अशुभ, 04:42–05:58 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:42–09:38, अशुभ
- यमगण्ड, 09:24–11:07, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:18, शुभ
- गुलिक काल, 12:51–14:34, अशुभ
- राहु काल, 16:17–18:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:50–00:31 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:17 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 26 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 95° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। सप्तमी उससे पहले 09:19 सोम पर समाप्त हुई। अष्टमी 07:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 18 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नवमी क्षय क्यों है?
नवमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन नवमी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। नवमी 07:51 को शुरू हुई और 05:52 बुध को समाप्त, 05:57 और 05:58 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को अष्टमी है और बुधवार को दशमी: नवमी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 26 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:36–05:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:36–05:16।
सोम 25 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:46 सोम से सूर्योदय 05:57 तक थी, 10 घं 11 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 26 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:18
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:18।
मंगल 26 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:42–09:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:42–09:38, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:50–00:31 बुध।
मंगल 26 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:50–00:31 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:42–09:38, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:50–00:31 बुध।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:42–09:38 और 23:50–00:31 बुध।
मंगल 26 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:57–07:40 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:57 से 19:44, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:44 से 05:58 बुध, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 26 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:17–18:01
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:17–18:01।
मंगल 26 अगस्त को यमगंड कब है? 09:24–11:07
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:24–11:07।
मंगल 26 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:51–14:34
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:51–14:34।
यहाँ दिन 05:57 से 19:44 तक है, 13 घं 47 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 26 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:44, 13 घं 47 मि का दिन।
मंगल 26 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:44, 13 घं 47 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 26 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 223.4° पर था: अनुराधा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 223°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:32 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
मंगल 26 अगस्त को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 351.9° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 128.5° + 223.4° = 351.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 19:01 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
मंगल 26 अगस्त को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 95° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 20:39 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 07:51 तक है।
मंगल 26 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:58 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 26 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
18 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 अगस्त 06:32 सोम से 16 सितंबर 20:46 मंगल तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 17 सितंबर 11:19 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
मंगल 26 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।
मंगल 26 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 04:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 150.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 26 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:01
चंद्रमा यहाँ 15:01 पर उदय होता है।
मंगल 26 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:55
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:55 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:01 पर उदय हुआ; वह फिर 23:55 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।