Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 24 मार्च 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
24 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 24 मार्च
- 04:11–04:58ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:44 से
- 05:44–07:17अमृत चौघड़िया
- 08:50–10:23शुभ चौघड़िया
- 11:56–12:21अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:39–16:35लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:35–18:07अमृत चौघड़िया
-
18:05–19:42अमृत कालरेवती में
- सूर्यास्त 18:07 के बाद
- 22:28–23:55लाभ चौघड़िया
- 01:22–02:49 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:49–04:15 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:10–04:56 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:44–07:17अमृतशुभ
- 07:17–08:50कालअशुभ
- 08:50–10:23शुभ
- 10:23–11:56रोगअशुभ
- 11:56–13:29उद्वेगअशुभ
- 13:29–15:02चरसामान्य
- 15:02–16:35लाभशुभ
- 16:35–18:07अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:07–19:34चरसामान्य
- 19:34–21:01रोगअशुभ
- 21:01–22:28कालअशुभ
- 22:28–23:55लाभशुभ
- 23:55–01:22 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:22–02:49 मंगलशुभ
- 02:49–04:15 मंगलअमृतशुभ
- 04:15–05:42 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 24 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:11–04:58, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:44–07:17
- काल, अशुभ, 07:17–08:50
- शुभ, 08:50–10:23
- रोग, अशुभ, 10:23–11:56
- उद्वेग, अशुभ, 11:56–13:29
- चर, सामान्य, 13:29–15:02
- लाभ, शुभ, 15:02–16:35
- अमृत, शुभ, 16:35–18:07
- चर, सामान्य, 18:07–19:34
- रोग, अशुभ, 19:34–21:01
- काल, अशुभ, 21:01–22:28
- लाभ, शुभ, 22:28–23:55
- उद्वेग, अशुभ, 23:55–01:22 मंगल
- शुभ, 01:22–02:49 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:49–04:15 मंगल
- चर, सामान्य, 04:15–05:42 मंगल
- राहु काल, 07:17–08:50, अशुभ
- यमगण्ड, 10:23–11:56, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:21, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:21–13:10, अशुभ
- गुलिक काल, 13:29–15:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:49–15:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:56 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 24 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 12.9° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:44। प्रतिपदा उससे पहले 04:01 पर समाप्त हुई। द्वितीया 03:52 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 23 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Myjava में द्वितीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:21, प्रतिपदा की समाप्ति 08:31 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:44, प्रतिपदा की समाप्ति 04:01 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
सोम 24 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:11–04:58
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:11–04:58।
रवि 23 मार्च की रात सूर्यास्त 18:06 रवि से सूर्योदय 05:44 तक थी, 11 घं 38 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 24 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:21
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:21।
सोम 24 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:21–13:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:21–13:10 और 14:49–15:39।
सोम 24 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:49–15:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:21–13:10 और 14:49–15:39।
यहाँ दिन, 05:44 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:21–13:10 और 14:49–15:39।
सोम 24 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:44–07:17 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:44 से 18:07, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:07 से 05:42 मंगल, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 24 मार्च को राहुकाल कब है? 07:17–08:50
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:17–08:50।
सोम 24 मार्च को यमगंड कब है? 10:23–11:56
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:23–11:56।
सोम 24 मार्च को गुलिक काल कब है? 13:29–15:02
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:29–15:02।
यहाँ दिन 05:44 से 18:07 तक है, 12 घं 23 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 24 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 23 मि का दिन।
सोम 24 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 24 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 351.9° पर था: रेवती, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:30 को निकलेगा, अश्विनी में।
सोम 24 मार्च को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 691° थे, एक चक्कर और 331°: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 339.1° + 351.9° = 691°, एक पूरा चक्कर और 331°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 09:42 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
सोम 24 मार्च को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 12.9° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 15:52 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 03:52 मंगल तक।
सोम 24 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:44, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:44 से 05:42 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 24 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 23 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
सोम 24 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
सोम 24 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 04:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 1.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 24 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:54
चंद्रमा यहाँ 05:54 पर उदय होता है।
सोम 24 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:01
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:54 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:01 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:54 पर उदय हुआ; वह फिर 20:01 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।