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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 23 नवंबर 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 14:35 तक

फिर चतुर्दशी · 11:19 रवि तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:06⁠–⁠00:06 रवि
निशीथ काल 23:06⁠–⁠00:06 रवि

मासिक शिवरात्रि शनि 23 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 23 नवंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:09 07:10 16:01अगला सूर्योदय 07:11 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:10–08:16कालअशुभ
  • 08:16–09:23शुभ
  • 09:23–10:29रोगअशुभ
  • 10:29–11:35उद्वेगअशुभ
  • 11:35–12:42चरसामान्य
  • 12:42–13:48लाभयमगण्ड में
  • 13:48–14:54अमृतशुभ
  • 14:54–16:01कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:01–17:55लाभशुभ
  • 17:55–19:48उद्वेगअशुभ
  • 19:48–21:42शुभ
  • 21:42–23:36अमृतशुभ
  • 23:36–01:30 रविचरसामान्य
  • 01:30–03:24 रविरोगअशुभ
  • 03:24–05:17 रविकालअशुभ
  • 05:17–07:11 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 23 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–06:09, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:10–08:16
  • शुभ, 08:16–09:23
  • रोग, अशुभ, 09:23–10:29
  • उद्वेग, अशुभ, 10:29–11:35
  • चर, सामान्य, 11:35–12:42
  • लाभ, शुभ, 12:42–13:48
  • अमृत, शुभ, 13:48–14:54
  • काल, अशुभ, 14:54–16:01
  • लाभ, शुभ, 16:01–17:55
  • उद्वेग, अशुभ, 17:55–19:48
  • शुभ, 19:48–21:42
  • अमृत, शुभ, 21:42–23:36
  • चर, सामान्य, 23:36–01:30 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:30–03:24 रवि
  • काल, अशुभ, 03:24–05:17 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:17–07:11 रवि
  • गुलिक काल, 07:10–08:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:10–07:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:45–08:21, अशुभ
  • राहु काल, 09:23–10:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:18–11:53, शुभ
  • यमगण्ड, 12:42–13:48, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–06:11 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में मासिक शिवरात्रि शनि 23 नवंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि शनि 23 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

चतुर्दशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 शनि 23 नवंबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:06–00:06 रवि
चतुर्दशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 शनि 23 नवंबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:06–00:06 रवि
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 23 नवंबर को 14:35 से रवि 24 नवंबर को 11:19 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (23:06–00:06 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़

शनि 23 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 331.8° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 331.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:10। द्वादशी उससे पहले 17:25 शुक्र पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 14:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 10 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 23 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:09–06:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:09–06:09।

सूर्यास्त 16:02 शुक्र सूर्योदय 07:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 22 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:02 शुक्र सूर्योदय 07:10 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 22 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 22 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:02 शुक्र से सूर्योदय 07:10 तक थी, 15 घं 8 मि। इसे 1 घं 0 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 23 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:18–11:53

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:18–11:53।

शनि 23 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:10–07:45

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:10–07:45 और 07:45–08:21।

शनि 23 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:45–08:21

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:10–07:45 और 07:45–08:21।

सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:10 से 16:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 35 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:10–07:45 और 07:45–08:21।

शनि 23 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:10–08:16 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:10 से 16:01, 1 घं 6 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:01 से 07:11 रवि, 1 घं 53 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 23 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:23–10:29

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:23–10:29।

शनि 23 नवंबर को यमगंड कब है? 12:42–13:48

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:42–13:48।

शनि 23 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:10–08:16

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:10–08:16।

सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:10 से 16:01 तक है, 8 घं 51 मि। इसे 1 घं 6 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 23 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:10

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 16:01, 8 घं 51 मि का दिन।

शनि 23 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 16:01, 8 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:35 चंद्रोदय 06:04 रवि
सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:35 चंद्रोदय 06:04 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 23 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 188.5° पर था: स्वाती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 188.5° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 188.5° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 186°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:53 रवि को निकलेगा, विशाखा में।

शनि 23 नवंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 405.2° थे, एक चक्कर और 45.2°: सौभाग्य।

सूर्य 216.7° + चंद्रमा 188.5° = 405.2° एक चक्कर + 45.2° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 216.7° + चंद्रमा 188.5° = 405.2° एक चक्कर + 45.2° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 216.7° + 188.5° = 405.2°, एक पूरा चक्कर और 45.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 19:37 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

शनि 23 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 331.8° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 331.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 04:04 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 14:35 तक है।

शनि 23 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:10, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:10 से 07:11 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 23 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 26 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 25 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शनि 23 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 23 नवंबर अमावस्या 26 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 9 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 23 नवंबर अमावस्या 26 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 9 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

शनि 23 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 23 नवंबर सूर्य 216.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 23 नवंबर सूर्य 216.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 00:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 227.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 23 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:04 रवि

चंद्रमा यहाँ 06:04 रवि पर उदय होता है।

शनि 23 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:35

सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:35 चंद्रोदय 06:04 रवि
सूर्योदय 07:10 सूर्यास्त 16:01 सूर्योदय 07:11 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:35 चंद्रोदय 06:04 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:04 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:35 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:04 रवि पर उदय होगा।