Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 9 सितंबर 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत सोम 9 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 9 सितंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Myjava में हर तारीख़9 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 9 सितंबर
- 04:49–05:33ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:17 से
- 06:17–07:54अमृत चौघड़िया
- 09:32–11:09शुभ चौघड़िया
- 12:46–13:12अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:39–17:38लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:38–19:15अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:15 के बाद
- 23:24–00:47 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:10–03:33 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:33–04:56 मंगलअमृत चौघड़िया
-
04:43–06:17 मंगलअमृत कालधनिष्ठा में
- 04:50–05:34 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:17–07:54अमृतशुभ
- 07:54–09:32कालअशुभ
- 09:32–11:09शुभ
- 11:09–12:46रोगअशुभ
- 12:46–14:23उद्वेगअशुभ
- 14:23–16:00चरसामान्य
- 16:00–17:38लाभशुभ
- 17:38–19:15अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:15–20:38चरसामान्य
- 20:38–22:01रोगअशुभ
- 22:01–23:24कालअशुभ
- 23:24–00:47 मंगललाभशुभ
- 00:47–02:10 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:10–03:33 मंगलशुभ
- 03:33–04:56 मंगलअमृतशुभ
- 04:56–06:18 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 9 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:33, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:17–07:54
- काल, अशुभ, 07:54–09:32
- शुभ, 09:32–11:09
- रोग, अशुभ, 11:09–12:46
- उद्वेग, अशुभ, 12:46–14:23
- चर, सामान्य, 14:23–16:00
- लाभ, शुभ, 16:00–17:38
- अमृत, शुभ, 17:38–19:15
- चर, सामान्य, 19:15–20:38
- रोग, अशुभ, 20:38–22:01
- काल, अशुभ, 22:01–23:24
- लाभ, शुभ, 23:24–00:47 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:47–02:10 मंगल
- शुभ, 02:10–03:33 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:33–04:56 मंगल
- चर, सामान्य, 04:56–06:18 मंगल
- राहु काल, 07:54–09:32, अशुभ
- यमगण्ड, 11:09–12:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:20–13:12, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:12–14:04, अशुभ
- गुलिक काल, 14:23–16:00, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:47–16:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:50–05:34 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में प्रदोष व्रत सोम 9 सितंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत सोम 9 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 9 सितंबर को 03:02 से मंगल 10 सितंबर को 01:27 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:15–21:28) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 9 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 145.7° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:17। द्वादशी उससे पहले 03:02 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 01:27 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 29 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Myjava में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:03, द्वादशी की समाप्ति 06:32 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:57 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 06:17, द्वादशी की समाप्ति 03:02 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
सोम 9 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:49–05:33
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:49–05:33।
रवि 8 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:17 रवि से सूर्योदय 06:17 तक थी, 11 घं 0 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 9 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:20–13:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:20–13:12।
सोम 9 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:12–14:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:12–14:04 और 15:47–16:39।
सोम 9 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:47–16:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:12–14:04 और 15:47–16:39।
यहाँ दिन, 06:17 से 19:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:12–14:04 और 15:47–16:39।
सोम 9 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:17–07:54 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:17 से 19:15, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:15 से 06:18 मंगल, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 9 सितंबर को राहुकाल कब है? 07:54–09:32
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:54–09:32।
सोम 9 सितंबर को यमगंड कब है? 11:09–12:46
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:09–12:46।
सोम 9 सितंबर को गुलिक काल कब है? 14:23–16:00
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:23–16:00।
यहाँ दिन 06:17 से 19:15 तक है, 12 घं 58 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 9 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 19:15, 12 घं 58 मि का दिन।
सोम 9 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 19:15, 12 घं 58 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 9 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 288° पर था: श्रवण, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:31 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
सोम 9 सितंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 430.3° थे, एक चक्कर और 70.3°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 142.3° + 288° = 430.3°, एक पूरा चक्कर और 70.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 22:04 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
सोम 9 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 145.7° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 14:13 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 01:27 मंगल तक।
सोम 9 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:17, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:17 से 06:18 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 9 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 29 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 27 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
सोम 9 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
सोम 9 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 00:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 153.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 9 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:45
चंद्रमा यहाँ 17:45 पर उदय होता है।
सोम 9 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:35 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:45 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:35 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:45 पर उदय हुआ; वह फिर 04:35 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।