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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 31 अगस्त 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

तृतीया

शुक्ल पक्ष · 21:01 तक

फिर चतुर्थी · 19:08 रवि तक

त्योहार

हरतालिका तीज

हरतालिका पूजा मुहूर्त
06:04⁠–⁠08:46
प्रातःकाल 06:04⁠–⁠08:46

हरतालिका तीज शनि 31 अगस्त को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं। शनि 31 अगस्त क्यों?

हरतालिका तीज: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:41 06:04 19:34अगला सूर्योदय 06:06 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:04–07:46कालअशुभ
  • 07:46–09:27शुभ
  • 09:27–11:08रोगअशुभ
  • 11:08–12:49उद्वेगअशुभ
  • 12:49–14:30चरसामान्य
  • 14:30–16:11लाभयमगण्ड में
  • 16:11–17:52अमृतशुभ
  • 17:52–19:34कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:34–20:53लाभशुभ
  • 20:53–22:12उद्वेगअशुभ
  • 22:12–23:31शुभ
  • 23:31–00:50 रविअमृतशुभ
  • 00:50–02:09 रविचरसामान्य
  • 02:09–03:28 रविरोगअशुभ
  • 03:28–04:47 रविकालअशुभ
  • 04:47–06:06 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 31 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:22, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:04–07:46
  • शुभ, 07:46–09:27
  • रोग, अशुभ, 09:27–11:08
  • उद्वेग, अशुभ, 11:08–12:49
  • चर, सामान्य, 12:49–14:30
  • लाभ, शुभ, 14:30–16:11
  • अमृत, शुभ, 16:11–17:52
  • काल, अशुभ, 17:52–19:34
  • लाभ, शुभ, 19:34–20:53
  • उद्वेग, अशुभ, 20:53–22:12
  • शुभ, 22:12–23:31
  • अमृत, शुभ, 23:31–00:50 रवि
  • चर, सामान्य, 00:50–02:09 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:09–03:28 रवि
  • काल, अशुभ, 03:28–04:47 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:47–06:06 रवि
  • गुलिक काल, 06:04–07:46, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:04–06:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:58–07:52, अशुभ
  • राहु काल, 09:27–11:08, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:16, शुभ
  • यमगण्ड, 14:30–16:11, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:24 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में हरतालिका तीज शनि 31 अगस्त को क्यों है?

हरतालिका तीज शनि 31 अगस्त को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं।

तृतीया 06:04 05:00 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 शनि 31 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:04–08:46
तृतीया 06:04 05:00 07:00 09:00 शनि 31 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 06:04–08:46
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

हरतालिका तीज की पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। तृतीया शुक्र 30 अगस्त को 22:43 से शनि 31 अगस्त को 21:01 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रातःकाल (06:04–08:46) उसके भीतर है। हरतालिका तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

हरतालिका तीज: Myjava में हर तारीख़

शनि 31 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 27.9° आगे था: शुक्ल तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 27.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 27.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:04। द्वितीया उससे पहले 22:43 शुक्र पर समाप्त हुई। तृतीया 21:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 29 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 31 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:22

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:22।

सूर्यास्त 19:36 शुक्र सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:36 शुक्र सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 30 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:36 शुक्र से सूर्योदय 06:04 तक थी, 10 घं 28 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 31 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:16।

शनि 31 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:04–06:58

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:04–06:58 और 06:58–07:52।

शनि 31 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:58–07:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:04–06:58 और 06:58–07:52।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:04 से 19:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:04–06:58 और 06:58–07:52।

शनि 31 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:04–07:46 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:04 से 19:34, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:34 से 06:06 रवि, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 31 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:27–11:08

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:27–11:08।

शनि 31 अगस्त को यमगंड कब है? 14:30–16:11

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:30–16:11।

शनि 31 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:04–07:46

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:04–07:46।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:04 से 19:34 तक है, 13 घं 30 मि। इसे 1 घं 41 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 31 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 19:34, 13 घं 30 मि का दिन।

शनि 31 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 19:34, 13 घं 30 मि का दिन।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:09 चंद्रोदय 09:05
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:09 चंद्रोदय 09:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 31 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 161.5° पर था: हस्त, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 161.5° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 161.5° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:31 रवि को निकलेगा, चित्रा में।

शनि 31 अगस्त को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 295° थे: शुभ।

सूर्य 133.5° + चंद्रमा 161.5° = 295.0° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 133.5° + चंद्रमा 161.5° = 295.0° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 133.5° + 161.5° = 295°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 00:52 रवि को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

शनि 31 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 27.9° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 27.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° तैतिल 24°–30° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 27.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° तैतिल 24°–30° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 09:54 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 21:01 तक।

शनि 31 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:04, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:04 से 06:06 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 29 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 27 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शनि 31 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 31 अगस्त पूर्णिमा 13 अग॰ अमावस्या 29 अग॰ पूर्णिमा 11 सित॰ अमावस्या 27 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 31 अगस्त पूर्णिमा 13 अग॰ अमावस्या 29 अग॰ पूर्णिमा 11 सित॰ अमावस्या 27 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

शनि 31 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 31 अगस्त सूर्य 133.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 31 अगस्त सूर्य 133.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 00:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 144.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 31 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:05

चंद्रमा यहाँ 09:05 पर उदय होता है।

शनि 31 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:09

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:09 चंद्रोदय 09:05
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:09 चंद्रोदय 09:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:05 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:09 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:05 पर उदय हुआ; वह फिर 20:09 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।