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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 17 अप्रैल 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 08:48 तक

फिर पूर्णिमा · 05:20 गुरु तक

यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानें

त्योहार

हनुमान जयंती

हनुमान जयंती बुध 17 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 17 अप्रैल क्यों?

हनुमान जयंती: Myjava में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा बुध 17 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 17 अप्रैल क्यों?

पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:33 05:55 19:44अगला सूर्योदय 05:53 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:55–07:38लाभशुभ
  • 07:38–09:22अमृतयमगण्ड में
  • 09:22–11:06कालअशुभ
  • 11:06–12:49शुभगुलिक काल में
  • 12:49–14:33रोगअशुभ
  • 14:33–16:16उद्वेगअशुभ
  • 16:16–18:00चरसामान्य
  • 18:00–19:44लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:44–21:00उद्वेगअशुभ
  • 21:00–22:16शुभ
  • 22:16–23:32अमृतशुभ
  • 23:32–00:48 गुरुचरसामान्य
  • 00:48–02:04 गुरुरोगअशुभ
  • 02:04–03:20 गुरुकालअशुभ
  • 03:20–04:37 गुरुलाभशुभ
  • 04:37–05:53 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 17 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:14, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:55–07:38
  • अमृत, शुभ, 07:38–09:22
  • काल, अशुभ, 09:22–11:06
  • शुभ, 11:06–12:49
  • रोग, अशुभ, 12:49–14:33
  • उद्वेग, अशुभ, 14:33–16:16
  • चर, सामान्य, 16:16–18:00
  • लाभ, शुभ, 18:00–19:44
  • उद्वेग, अशुभ, 19:44–21:00
  • शुभ, 21:00–22:16
  • अमृत, शुभ, 22:16–23:32
  • चर, सामान्य, 23:32–00:48 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:48–02:04 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:04–03:20 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:20–04:37 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:37–05:53 गुरु
  • यमगण्ड, 07:38–09:22, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:06–12:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:22–13:17, अशुभ
  • राहु काल, 12:49–14:33, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:12 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में हनुमान जयंती बुध 17 अप्रैल को क्यों है?

हनुमान जयंती बुध 17 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 17 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:55
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 17 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:55
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

हनुमान जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 17 अप्रैल को 08:48 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 18 अप्रैल को 05:20 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 17 अप्रैल। हनुमान जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

हनुमान जयंती: Myjava में हर तारीख़

Myjava में पूर्णिमा बुध 17 अप्रैल को क्यों है?

पूर्णिमा बुध 17 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 17 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:55
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 17 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:55
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 17 अप्रैल को 08:48 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 18 अप्रैल को 05:20 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 17 अप्रैल। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़

बुध 17 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.3° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 166.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:55। त्रयोदशी उससे पहले 11:56 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 08:48 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 3 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा क्षय क्यों है?

पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 17 अप्रैल सुबह गुरु 18 अप्रैल सुबह Myjava UTC+2 08:48 05:20 05:55 चतुर्दशी 05:53 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा बुध 17 अप्रैल सुबह गुरु 18 अप्रैल सुबह Myjava UTC+2 08:48 05:20 05:55 चतुर्दशी 05:53 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 08:48 को शुरू हुई और 05:20 गुरु को समाप्त, 05:55 और 05:53 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को चतुर्दशी है और गुरुवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 17 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:33–05:14

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:33–05:14।

सूर्यास्त 19:42 मंगल सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 16 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:42 मंगल सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 16 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 16 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:42 मंगल से सूर्योदय 05:55 तक थी, 10 घं 13 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 17 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 12:22–13:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:22–13:17।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:55 से 19:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:22–13:17: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 17 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:55–07:38 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:55 से 19:44, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:44 से 05:53 गुरु, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 17 अप्रैल को राहुकाल कब है? 12:49–14:33

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:49–14:33।

बुध 17 अप्रैल को यमगंड कब है? 07:38–09:22

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:38–09:22।

बुध 17 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 11:06–12:49

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:06–12:49।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:55 से 19:44 तक है, 13 घं 49 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 17 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 19:44, 13 घं 49 मि का दिन।

बुध 17 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 19:44, 13 घं 49 मि का दिन।

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:34 गुरु चंद्रोदय 19:20
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:34 गुरु चंद्रोदय 19:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 17 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 169.2° पर था: हस्त, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 169.2° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 169.2° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:30 को निकलेगा, चित्रा में।

बुध 17 अप्रैल को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 172.1° थे: व्याघात।

सूर्य 2.9° + चंद्रमा 169.2° = 172.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 2.9° + चंद्रमा 169.2° = 172.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 2.9° + 169.2° = 172.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 07:41 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

बुध 17 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 166.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 166.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 22:25 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 08:48 तक है।

बुध 17 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:55, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:55 से 05:53 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 3 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 2 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

बुध 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 17 अप्रैल पूर्णिमा 19 मार्च अमावस्या 3 अप्रैल पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 17 अप्रैल पूर्णिमा 19 मार्च अमावस्या 3 अप्रैल पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

बुध 17 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 17 अप्रैल सूर्य 2.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 17 अप्रैल सूर्य 2.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 00:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 14° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 17 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:20

चंद्रमा यहाँ 19:20 पर उदय होता है।

बुध 17 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:34 गुरु

सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:34 गुरु चंद्रोदय 19:20
सूर्योदय 05:55 सूर्यास्त 19:44 सूर्योदय 05:53 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:34 गुरु चंद्रोदय 19:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:20 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:34 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:20 पर उदय हुआ; वह फिर 05:34 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।