Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 21 दिसंबर 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
21 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 दिसंबर
- 05:34–06:37ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:40 से
- 08:42–09:43लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:52–10:45अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:47–12:04अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:47–12:04शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:37–12:49शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 15:55 के बाद
-
17:56–19:39अमृत कालआर्द्रा में
- 19:51–21:49लाभ चौघड़िया
- 23:48–01:46 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:46–03:44 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:34–06:37 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:40–08:42चरसामान्य
- 08:42–09:43लाभगुलिक काल में
- 09:43–10:45अमृतशुभ
- 10:45–11:47कालअशुभ
- 11:47–12:49शुभ
- 12:49–13:51रोगअशुभ
- 13:51–14:53उद्वेगअशुभ
- 14:53–15:55चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 15:55–17:53रोगअशुभ
- 17:53–19:51कालअशुभ
- 19:51–21:49लाभशुभ
- 21:49–23:48उद्वेगअशुभ
- 23:48–01:46 शनिशुभ
- 01:46–03:44 शनिअमृतशुभ
- 03:44–05:42 शनिचरसामान्य
- 05:42–07:40 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:37, शुभ
- चर, सामान्य, 07:40–08:42
- लाभ, शुभ, 08:42–09:43
- अमृत, शुभ, 09:43–10:45
- काल, अशुभ, 10:45–11:47
- शुभ, 11:47–12:49
- रोग, अशुभ, 12:49–13:51
- उद्वेग, अशुभ, 13:51–14:53
- चर, सामान्य, 14:53–15:55
- रोग, अशुभ, 15:55–17:53
- काल, अशुभ, 17:53–19:51
- लाभ, शुभ, 19:51–21:49
- उद्वेग, अशुभ, 21:49–23:48
- शुभ, 23:48–01:46 शनि
- अमृत, शुभ, 01:46–03:44 शनि
- चर, सामान्य, 03:44–05:42 शनि
- रोग, अशुभ, 05:42–07:40 शनि
- गुलिक काल, 08:42–09:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:19–09:52, अशुभ
- राहु काल, 10:45–11:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:04, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:04–12:37, अशुभ
- यमगण्ड, 13:51–14:53, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:37 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 183.7° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:40। पूर्णिमा उससे पहले 23:46 गुरु पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 01:06 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 20 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 21 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:34–06:37
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:34–06:37।
गुरु 20 दिसंबर की रात सूर्यास्त 15:54 गुरु से सूर्योदय 07:40 तक थी, 15 घं 46 मि। इसे 1 घं 3 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 21 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:04।
शुक्र 21 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:19–09:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:19–09:52 और 12:04–12:37।
शुक्र 21 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:04–12:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:19–09:52 और 12:04–12:37।
यहाँ दिन, 07:40 से 15:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 33 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:19–09:52 और 12:04–12:37।
शुक्र 21 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:40–08:42 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:40 से 15:55, 1 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 15:55 से 07:40 शनि, 1 घं 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 21 दिसंबर को राहुकाल कब है? 10:45–11:47
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:45–11:47।
शुक्र 21 दिसंबर को यमगंड कब है? 13:51–14:53
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 13:51–14:53।
शुक्र 21 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:42–09:43
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:42–09:43।
यहाँ दिन 07:40 से 15:55 तक है, 8 घं 15 मि। इसे 1 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 21 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 15:55, 8 घं 15 मि का दिन।
शुक्र 21 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 15:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 15:55, 8 घं 15 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 69.1° पर था: आर्द्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 66°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:41 शनि को निकलेगा, पुनर्वसु में।
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 314.5° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 245.4° + 69.1° = 314.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 17:29 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 183.7° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 12:30 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 01:06 शनि तक।
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:40, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:40 से 07:40 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 5 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
शुक्र 21 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 05:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 274.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 21 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:32
चंद्रमा यहाँ 16:32 पर उदय होता है।
शुक्र 21 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:57
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:57 पर अस्त हुआ; वह फिर 16:32 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:57 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 16:32 पर उदय होगा।