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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग रवि 14 अक्टूबर 2029

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

अष्टमी

शुक्ल पक्ष · 00:58 सोम तक

फिर नवमी · 01:08 मंगल तक

त्योहार

दुर्गा अष्टमी

दुर्गा अष्टमी रवि 14 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है। रवि 14 अक्टूबर क्यों?

दुर्गा अष्टमी: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:23 07:08 18:01अगला सूर्योदय 07:10 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:08–08:30उद्वेगअशुभ
  • 08:30–09:51चरसामान्य
  • 09:51–11:13लाभशुभ
  • 11:13–12:35अमृतशुभ
  • 12:35–13:56कालअशुभ
  • 13:56–15:18शुभ
  • 15:18–16:40रोगअशुभ
  • 16:40–18:01उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:01–19:40शुभ
  • 19:40–21:18अमृतशुभ
  • 21:18–22:57चरसामान्य
  • 22:57–00:35 सोमरोगअशुभ
  • 00:35–02:14 सोमकालअशुभ
  • 02:14–03:53 सोमलाभशुभ
  • 03:53–05:31 सोमउद्वेगअशुभ
  • 05:31–07:10 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 14 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:16, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:08–08:30
  • चर, सामान्य, 08:30–09:51
  • लाभ, शुभ, 09:51–11:13
  • अमृत, शुभ, 11:13–12:35
  • काल, अशुभ, 12:35–13:56
  • शुभ, 13:56–15:18
  • रोग, अशुभ, 15:18–16:40
  • उद्वेग, अशुभ, 16:40–18:01
  • शुभ, 18:01–19:40
  • अमृत, शुभ, 19:40–21:18
  • चर, सामान्य, 21:18–22:57
  • रोग, अशुभ, 22:57–00:35 सोम
  • काल, अशुभ, 00:35–02:14 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:14–03:53 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:53–05:31 सोम
  • शुभ, 05:31–07:10 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:13–12:56, शुभ
  • यमगण्ड, 12:35–13:56, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:18–16:40, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:34–17:18, अशुभ
  • राहु काल, 16:40–18:01, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:17 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में दुर्गा अष्टमी रवि 14 अक्टूबर को क्यों है?

दुर्गा अष्टमी रवि 14 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है।

अष्टमी 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 14 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:08
अष्टमी 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 14 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:08
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

दुर्गा अष्टमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अष्टमी रवि 14 अक्टूबर को 01:29 से सोम 15 अक्टूबर को 00:58 तक है, इसलिए वह केवल रवि 14 अक्टूबर के सूर्योदय (07:08) पर है। दुर्गा अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

दुर्गा अष्टमी: Myjava में हर तारीख़

रवि 14 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 86.9° आगे था: शुक्ल अष्टमी।

सूर्य अमावस्या 0° 86.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 86.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:08। सप्तमी उससे पहले 01:29 पर समाप्त हुई। अष्टमी 00:58 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 7 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 14 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:23–06:16

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:23–06:16।

सूर्यास्त 18:03 शनि सूर्योदय 07:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 13 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:03 शनि सूर्योदय 07:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 13 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 13 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:03 शनि से सूर्योदय 07:08 तक थी, 13 घं 5 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 14 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:13–12:56

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:13–12:56।

रवि 14 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:34–17:18

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:34–17:18।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:08 से 18:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:34–17:18।

रवि 14 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:08–08:30 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:08 से 18:01, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:01 से 07:10 सोम, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 14 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 16:40–18:01

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:40–18:01।

रवि 14 अक्टूबर को यमगंड कब है? 12:35–13:56

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:35–13:56।

रवि 14 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 15:18–16:40

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:18–16:40।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:08 से 18:01 तक है, 10 घं 53 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 14 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 18:01, 10 घं 53 मि का दिन।

रवि 14 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 18:01, 10 घं 53 मि का दिन।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:39 चंद्रोदय 14:27
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:39 चंद्रोदय 14:27
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 14 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 263.8° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 263.8° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 263.8° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:19 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

रवि 14 अक्टूबर को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 440.7° थे, एक चक्कर और 80.7°: सुकर्मा।

सूर्य 176.9° + चंद्रमा 263.8° = 440.7° एक चक्कर + 80.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 176.9° + चंद्रमा 263.8° = 440.7° एक चक्कर + 80.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 176.9° + 263.8° = 440.7°, एक पूरा चक्कर और 80.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 04:36 सोम को समाप्त होता है, फिर धृति।

रवि 14 अक्टूबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 86.9° थी: अष्टमी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 86.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° विष्टि 84°–90° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 86.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° विष्टि 84°–90° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 13:08 तक है, जब बढ़त 90° होगी; बव 00:58 सोम तक।

रवि 14 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:08, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:08 से 07:10 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 14 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 7 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 6 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

रवि 14 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल रवि 14 अक्टूबर पूर्णिमा 22 सित॰ अमावस्या 7 अक्टू॰ पूर्णिमा 22 अक्टू॰ अमावस्या 6 नव॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल रवि 14 अक्टूबर पूर्णिमा 22 सित॰ अमावस्या 7 अक्टू॰ पूर्णिमा 22 अक्टू॰ अमावस्या 6 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

रवि 14 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951

विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 05:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 14 अक्टूबर सूर्य 176.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 05:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 14 अक्टूबर सूर्य 176.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 05:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 206.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 14 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:27

चंद्रमा यहाँ 14:27 पर उदय होता है।

रवि 14 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:39

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:39 चंद्रोदय 14:27
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 07:10 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:39 चंद्रोदय 14:27
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:27 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:39 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:27 पर उदय हुआ; वह फिर 23:39 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।