Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 15 मार्च 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
शुक्ल पक्ष · 07:43 शुक्र तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें प्रतिपदा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
नव संवत्सर
नव संवत्सर गुरु 15 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2086 आरंभ होता है। गुरु 15 मार्च क्यों?
नव संवत्सर: Myjava में हर तारीख़15 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 15 मार्च
- 04:25–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:02 से
- 06:02–07:31शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:35–12:22अभिजीत मुहूर्त
- 11:58–13:27लाभ चौघड़िया
- 13:27–14:56अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:26–17:55शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:55 के बाद
- 17:55–19:25अमृत चौघड़िया
- 23:57–01:28 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:59–04:29 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:29–06:00 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:23–05:12 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:02–07:31शुभयमगण्ड में
- 07:31–09:00रोगअशुभ
- 09:00–10:29उद्वेगअशुभ
- 10:29–11:58चरसामान्य
- 11:58–13:27लाभशुभ
- 13:27–14:56अमृतराहु काल में
- 14:56–16:26कालअशुभ
- 16:26–17:55शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:55–19:25अमृतशुभ
- 19:25–20:56चरसामान्य
- 20:56–22:27रोगअशुभ
- 22:27–23:57कालअशुभ
- 23:57–01:28 शुक्रलाभशुभ
- 01:28–02:59 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:59–04:29 शुक्रशुभ
- 04:29–06:00 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 15 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:14, शुभ
- शुभ, 06:02–07:31
- रोग, अशुभ, 07:31–09:00
- उद्वेग, अशुभ, 09:00–10:29
- चर, सामान्य, 10:29–11:58
- लाभ, शुभ, 11:58–13:27
- अमृत, शुभ, 13:27–14:56
- काल, अशुभ, 14:56–16:26
- शुभ, 16:26–17:55
- अमृत, शुभ, 17:55–19:25
- चर, सामान्य, 19:25–20:56
- रोग, अशुभ, 20:56–22:27
- काल, अशुभ, 22:27–23:57
- लाभ, शुभ, 23:57–01:28 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:28–02:59 शुक्र
- शुभ, 02:59–04:29 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:29–06:00 शुक्र
- यमगण्ड, 06:02–07:31, अशुभ
- गुलिक काल, 09:00–10:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:00–10:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:22, शुभ
- राहु काल, 13:27–14:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:45–15:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:12 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में नव संवत्सर गुरु 15 मार्च को क्यों है?
नव संवत्सर गुरु 15 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2086 आरंभ होता है।
विक्रम संवत् 2086 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: गुरु 15 मार्च, 06:02 पर। प्रतिपदा 07:43 शुक्र तक है।
गुरु 15 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 0.3° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। अमावस्या उससे पहले 05:19 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 07:43 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 15 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
प्रतिपदा यहाँ गुरु 15 और शुक्र 16 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 05:19 को, सूर्योदय 06:02 से पहले, शुरू हुई और 07:43 शुक्र को, अगले सूर्योदय 06:00 शुक्र के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन प्रतिपदा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Myjava में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:30, अमावस्या की समाप्ति 09:49 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 06:02, अमावस्या की समाप्ति 05:19 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
गुरु 15 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:14।
बुध 14 मार्च की रात सूर्यास्त 17:53 बुध से सूर्योदय 06:02 तक थी, 12 घं 9 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 15 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:22।
गुरु 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 10:00–10:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:00–10:47 और 14:45–15:32।
गुरु 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:45–15:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:00–10:47 और 14:45–15:32।
यहाँ दिन, 06:02 से 17:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:00–10:47 और 14:45–15:32।
गुरु 15 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:02–07:31 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:02 से 17:55, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:55 से 06:00 शुक्र, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 15 मार्च को राहुकाल कब है? 13:27–14:56
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:27–14:56।
गुरु 15 मार्च को यमगंड कब है? 06:02–07:31
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:02–07:31।
गुरु 15 मार्च को गुलिक काल कब है? 09:00–10:29
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:00–10:29।
यहाँ दिन 06:02 से 17:55 तक है, 11 घं 53 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 15 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 17:55, 11 घं 53 मि का दिन।
गुरु 15 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 17:55, 11 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 15 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 331° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:49 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
गुरु 15 मार्च को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 661.6° थे, एक चक्कर और 301.6°: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 330.6° + 331° = 661.6°, एक पूरा चक्कर और 301.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 15:28 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
गुरु 15 मार्च को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 0.3° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 18:30 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 07:43 शुक्र तक।
गुरु 15 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:00 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
15 मार्च और 13 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 05:19 से 13 अप्रैल 23:40 शुक्र तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 14 अप्रैल 00:24 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
गुरु 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।
गुरु 15 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 05:19। तब से सूर्य तारों के बीच 0° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 15 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:57 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 05:57 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 15 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:35
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:57 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:35 पर, रात में, अस्त होता है; वह फिर 05:57 शुक्र पर उदय होगा।