Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 24 फ़रवरी 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
आमलकी एकादशी
स्मार्त परंपरा में आमलकी एकादशी शनि 24 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव रवि 25 फ़रवरी को व्रत रखते हैं। शनि 24 फ़रवरी क्यों?
आमलकी एकादशी: Myjava में हर तारीख़24 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 फ़रवरी
- 04:54–05:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:40 से
- 08:06–09:22शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:42–12:14अमृत कालराहु काल छोड़कर · आर्द्रा में
- 11:41–12:24अभिजीत मुहूर्त
- 13:23–14:44लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:44–16:04अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:25 के बाद
- 17:25–19:04लाभ चौघड़िया
- 20:43–22:22शुभ चौघड़िया
- 22:22–00:02 रविअमृत चौघड़िया
- 04:59–06:39 रविलाभ चौघड़िया
- 04:53–05:46 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:40–08:01कालअशुभ
- 08:01–09:22शुभ
- 09:22–10:42रोगअशुभ
- 10:42–12:03उद्वेगअशुभ
- 12:03–13:23चरसामान्य
- 13:23–14:44लाभयमगण्ड में
- 14:44–16:04अमृतशुभ
- 16:04–17:25कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:25–19:04लाभशुभ
- 19:04–20:43उद्वेगअशुभ
- 20:43–22:22शुभ
- 22:22–00:02 रविअमृतशुभ
- 00:02–01:41 रविचरसामान्य
- 01:41–03:20 रविरोगअशुभ
- 03:20–04:59 रविकालअशुभ
- 04:59–06:39 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:47, शुभ
- काल, अशुभ, 06:40–08:01
- शुभ, 08:01–09:22
- रोग, अशुभ, 09:22–10:42
- उद्वेग, अशुभ, 10:42–12:03
- चर, सामान्य, 12:03–13:23
- लाभ, शुभ, 13:23–14:44
- अमृत, शुभ, 14:44–16:04
- काल, अशुभ, 16:04–17:25
- लाभ, शुभ, 17:25–19:04
- उद्वेग, अशुभ, 19:04–20:43
- शुभ, 20:43–22:22
- अमृत, शुभ, 22:22–00:02 रवि
- चर, सामान्य, 00:02–01:41 रवि
- रोग, अशुभ, 01:41–03:20 रवि
- काल, अशुभ, 03:20–04:59 रवि
- लाभ, शुभ, 04:59–06:39 रवि
- गुलिक काल, 06:40–08:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:40–07:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:23–08:06, अशुभ
- राहु काल, 09:22–10:42, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:24, शुभ
- यमगण्ड, 13:23–14:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:46 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में आमलकी एकादशी शनि 24 फ़रवरी को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में आमलकी एकादशी शनि 24 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव रवि 25 फ़रवरी को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 24 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:40: शनि 24 फ़रवरी।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 120.6° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:40। दशमी उससे पहले 05:34 पर समाप्त हुई। एकादशी 04:41 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 13 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Myjava में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:51, दशमी की समाप्ति 10:04 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।
Myjava · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 06:40, दशमी की समाप्ति 05:34 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
शनि 24 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:54–05:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:54–05:47।
शुक्र 23 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:23 शुक्र से सूर्योदय 06:40 तक थी, 13 घं 17 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 24 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:24।
शनि 24 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:40–07:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:40–07:23 और 07:23–08:06।
शनि 24 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:23–08:06
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:40–07:23 और 07:23–08:06।
यहाँ दिन, 06:40 से 17:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:40–07:23 और 07:23–08:06।
शनि 24 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:40–08:01 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:40 से 17:25, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:25 से 06:39 रवि, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 24 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 09:22–10:42
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:22–10:42।
शनि 24 फ़रवरी को यमगंड कब है? 13:23–14:44
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:23–14:44।
शनि 24 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 06:40–08:01
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:40–08:01।
यहाँ दिन 06:40 से 17:25 तक है, 10 घं 45 मि। इसे 1 घं 20 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 24 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 17:25, 10 घं 45 मि का दिन।
शनि 24 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 17:25, 10 घं 45 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 72.2° पर था: आर्द्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:40 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 383.8° थे, एक चक्कर और 23.8°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 311.6° + 72.2° = 383.8°, एक पूरा चक्कर और 23.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 11:26 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 120.6° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:14 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 04:41 रवि तक।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:40, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:40 से 06:39 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 13 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 15 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
शनि 24 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 06:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 329.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 24 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:15
चंद्रमा यहाँ 12:15 पर उदय होता है।
शनि 24 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:35 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:15 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:35 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:15 पर उदय हुआ; वह फिर 04:35 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।