Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 18 दिसंबर 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
18 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 दिसंबर
- 05:32–06:35ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:38 से
- 07:38–08:40अमृत चौघड़िया
- 09:42–10:44शुभ चौघड़िया
- 11:46–12:02अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:15–14:52लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 14:52–15:54अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 15:54 के बाद
-
20:44–22:23अमृत कालउत्तराषाढा में
- 21:48–23:46लाभ चौघड़िया
- 01:44–03:42 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:42–05:41 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:33–06:36 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:38–08:40अमृतशुभ
- 08:40–09:42कालअशुभ
- 09:42–10:44शुभ
- 10:44–11:46रोगअशुभ
- 11:46–12:48उद्वेगअशुभ
- 12:48–13:50चरसामान्य
- 13:50–14:52लाभशुभ
- 14:52–15:54अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 15:54–17:52चरसामान्य
- 17:52–19:50रोगअशुभ
- 19:50–21:48कालअशुभ
- 21:48–23:46लाभशुभ
- 23:46–01:44 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:44–03:42 मंगलशुभ
- 03:42–05:41 मंगलअमृतशुभ
- 05:41–07:39 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:35, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:38–08:40
- काल, अशुभ, 08:40–09:42
- शुभ, 09:42–10:44
- रोग, अशुभ, 10:44–11:46
- उद्वेग, अशुभ, 11:46–12:48
- चर, सामान्य, 12:48–13:50
- लाभ, शुभ, 13:50–14:52
- अमृत, शुभ, 14:52–15:54
- चर, सामान्य, 15:54–17:52
- रोग, अशुभ, 17:52–19:50
- काल, अशुभ, 19:50–21:48
- लाभ, शुभ, 21:48–23:46
- उद्वेग, अशुभ, 23:46–01:44 मंगल
- शुभ, 01:44–03:42 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:42–05:41 मंगल
- चर, सामान्य, 05:41–07:39 मंगल
- राहु काल, 08:40–09:42, अशुभ
- यमगण्ड, 10:44–11:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:29–12:02, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:02–12:35, अशुभ
- गुलिक काल, 12:48–13:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:42–14:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:36 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 18 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 26.9° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:38। द्वितीया उससे पहले 01:53 पर समाप्त हुई। तृतीया 02:14 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 16 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 18 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:32–06:35
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:32–06:35।
रवि 17 दिसंबर की रात सूर्यास्त 15:53 रवि से सूर्योदय 07:38 तक थी, 15 घं 45 मि। इसे 1 घं 3 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 18 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:29–12:02
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:29–12:02।
सोम 18 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:02–12:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:02–12:35 और 13:42–14:15।
सोम 18 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:42–14:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:02–12:35 और 13:42–14:15।
यहाँ दिन, 07:38 से 15:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 33 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:02–12:35 और 13:42–14:15।
सोम 18 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:38–08:40 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:38 से 15:54, 1 घं 2 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 15:54 से 07:39 मंगल, 1 घं 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 18 दिसंबर को राहुकाल कब है? 08:40–09:42
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:40–09:42।
सोम 18 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:44–11:46
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:44–11:46।
सोम 18 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:48–13:50
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:48–13:50।
यहाँ दिन 07:38 से 15:54 तक है, 8 घं 16 मि। इसे 1 घं 2 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 18 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:38, सूर्यास्त 15:54, 8 घं 16 मि का दिन।
सोम 18 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 15:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:38, सूर्यास्त 15:54, 8 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 8 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 15 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 18 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 269.5° पर था: उत्तराषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 266°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:23 मंगल को निकलेगा, श्रवण में।
सोम 18 दिसंबर को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 512.1° थे, एक चक्कर और 152.1°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 242.6° + 269.5° = 512.1°, एक पूरा चक्कर और 152.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 21:21 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
सोम 18 दिसंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 26.9° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 13:58 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 02:14 मंगल तक।
सोम 18 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:38, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:38 से 07:39 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 18 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 16 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 14 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
सोम 18 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
सोम 18 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 06:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 260.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 18 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:25
चंद्रमा यहाँ 09:25 पर उदय होता है।
सोम 18 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:31
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:25 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:31 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:25 पर उदय हुआ; वह फिर 18:31 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।