Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 1 अगस्त 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
शुक्ल पक्ष · 05:54 बुध तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें द्वादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत का पारण
श्रावण पुत्रदा एकादशी
1 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 अगस्त
- 04:12–04:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:23 से
- 11:02–12:55लाभ चौघड़िया
- 12:25–12:55अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:55–14:48अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:41–18:34शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:27 के बाद
- 21:34–22:41लाभ चौघड़िया
- 23:48–00:02 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:38–00:56 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:56–02:03 बुधअमृत चौघड़िया
-
05:16–06:57 बुधअमृत कालमूल में
- 04:13–04:49 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:23–07:16रोगअशुभ
- 07:16–09:09उद्वेगअशुभ
- 09:09–11:02चरसामान्य
- 11:02–12:55लाभशुभ
- 12:55–14:48अमृतगुलिक काल में
- 14:48–16:41कालअशुभ
- 16:41–18:34शुभराहु काल में
- 18:34–20:27रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:27–21:34कालअशुभ
- 21:34–22:41लाभशुभ
- 22:41–23:48उद्वेगअशुभ
- 23:48–00:56 बुधशुभ
- 00:56–02:03 बुधअमृतशुभ
- 02:03–03:10 बुधचरसामान्य
- 03:10–04:17 बुधरोगअशुभ
- 04:17–05:24 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:47, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:23–07:16
- उद्वेग, अशुभ, 07:16–09:09
- चर, सामान्य, 09:09–11:02
- लाभ, शुभ, 11:02–12:55
- अमृत, शुभ, 12:55–14:48
- काल, अशुभ, 14:48–16:41
- शुभ, 16:41–18:34
- रोग, अशुभ, 18:34–20:27
- काल, अशुभ, 20:27–21:34
- लाभ, शुभ, 21:34–22:41
- उद्वेग, अशुभ, 22:41–23:48
- शुभ, 23:48–00:56 बुध
- अमृत, शुभ, 00:56–02:03 बुध
- चर, सामान्य, 02:03–03:10 बुध
- रोग, अशुभ, 03:10–04:17 बुध
- काल, अशुभ, 04:17–05:24 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:24–09:24, अशुभ
- यमगण्ड, 09:09–11:02, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:25–13:25, शुभ
- गुलिक काल, 12:55–14:48, अशुभ
- राहु काल, 16:41–18:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:02–00:38 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:49 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 1 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 132° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:23। एकादशी उससे पहले 05:21 पर समाप्त हुई। द्वादशी 05:54 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 22 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वादशी यहाँ मंगल 1 और बुध 2 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 05:21 को, सूर्योदय 05:23 से पहले, शुरू हुई और 05:54 बुध को, अगले सूर्योदय 05:24 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?
नई दिल्ली में एकादशी है, Myjava में द्वादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:42, एकादशी की समाप्ति 08:51 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।
Myjava · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 05:23, एकादशी की समाप्ति 05:21 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।
मंगल 1 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:47।
सोम 31 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:28 सोम से सूर्योदय 05:23 तक थी, 8 घं 55 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 1 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:25–13:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:25–13:25।
मंगल 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:24–09:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:24–09:24, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:02 बुध–00:38 बुध।
मंगल 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 00:02–00:38 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:24–09:24, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:02 बुध–00:38 बुध।
यहाँ दिन, 05:23 से 20:27, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:24–09:24 और 00:02 बुध–00:38 बुध।
मंगल 1 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:23–07:16 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:23 से 20:27, 1 घं 53 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:27 से 05:24 बुध, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 1 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:41–18:34
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:41–18:34।
मंगल 1 अगस्त को यमगंड कब है? 09:09–11:02
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:09–11:02।
मंगल 1 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:55–14:48
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:55–14:48।
यहाँ दिन 05:23 से 20:27 तक है, 15 घं 4 मि। इसे 1 घं 53 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 1 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:23
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 20:27, 15 घं 4 मि का दिन।
मंगल 1 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:27
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 20:27, 15 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 237.2° पर था: ज्येष्ठा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 236°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:42 को निकलेगा, मूल में।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 342.4° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 105.2° + 237.2° = 342.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 12:58 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 132° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:34 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 05:54 बुध तक।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:23, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:23 से 05:24 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 22 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 20 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 06:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 123.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 1 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:12
चंद्रमा यहाँ 18:12 पर उदय होता है।
मंगल 1 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:04 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:12 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:04 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:12 पर उदय हुआ; वह फिर 02:04 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।