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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 27 अक्टूबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:37 06:28 16:38अगला सूर्योदय 06:29 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:28–07:44रोगअशुभ
  • 07:44–09:00उद्वेगअशुभ
  • 09:00–10:16चरसामान्य
  • 10:16–11:33लाभशुभ
  • 11:33–12:49अमृतगुलिक काल में
  • 12:49–14:05कालअशुभ
  • 14:05–15:21शुभराहु काल में
  • 15:21–16:38रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:38–18:21कालअशुभ
  • 18:21–20:05लाभशुभ
  • 20:05–21:49उद्वेगअशुभ
  • 21:49–23:33शुभ
  • 23:33–01:17 बुधअमृतशुभ
  • 01:17–03:01 बुधचरसामान्य
  • 03:01–04:45 बुधरोगअशुभ
  • 04:45–06:29 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 27 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:33, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:28–07:44
  • उद्वेग, अशुभ, 07:44–09:00
  • चर, सामान्य, 09:00–10:16
  • लाभ, शुभ, 10:16–11:33
  • अमृत, शुभ, 11:33–12:49
  • काल, अशुभ, 12:49–14:05
  • शुभ, 14:05–15:21
  • रोग, अशुभ, 15:21–16:38
  • काल, अशुभ, 16:38–18:21
  • लाभ, शुभ, 18:21–20:05
  • उद्वेग, अशुभ, 20:05–21:49
  • शुभ, 21:49–23:33
  • अमृत, शुभ, 23:33–01:17 बुध
  • चर, सामान्य, 01:17–03:01 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:01–04:45 बुध
  • काल, अशुभ, 04:45–06:29 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:30–09:10, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:00–10:16, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:12–11:53, शुभ
  • गुलिक काल, 11:33–12:49, अशुभ
  • राहु काल, 14:05–15:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:10–23:06, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:34 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 194.2° आगे था: कृष्ण द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 194.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 194.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। प्रतिपदा उससे पहले 02:32 पर समाप्त हुई। द्वितीया 23:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?

नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Myjava में द्वितीया।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया मंगल 27 अक्टूबर सुबह बुध 28 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+1 07:02 02:32 04:07 23:37 06:29 प्रतिपदा 06:30 तृतीया 06:28 द्वितीया 06:29 तृतीया
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया मंगल 27 अक्टूबर सुबह बुध 28 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+1 07:02 02:32 04:07 23:37 06:29 प्रतिपदा 06:30 तृतीया 06:28 द्वितीया 06:29 तृतीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:29, प्रतिपदा की समाप्ति 07:02 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है। द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले, 04:07 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता: वह क्षय है।

Myjava · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 06:28, प्रतिपदा की समाप्ति 02:32 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।

मंगल 27 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:33

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:33।

सूर्यास्त 16:39 सोम सूर्योदय 06:28 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 26 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:39 सोम सूर्योदय 06:28 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 26 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 26 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 16:39 सोम से सूर्योदय 06:28 तक थी, 13 घं 49 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 27 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:12–11:53

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:12–11:53।

मंगल 27 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:30–09:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:30–09:10, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:10–23:06।

मंगल 27 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:10–23:06

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:30–09:10, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:10–23:06।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:28 से 16:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:30–09:10 और 22:10–23:06।

मंगल 27 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:28–07:44 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:28 से 16:38, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:38 से 06:29 बुध, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 27 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:05–15:21

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:05–15:21।

मंगल 27 अक्टूबर को यमगंड कब है? 09:00–10:16

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:00–10:16।

मंगल 27 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:33–12:49

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:33–12:49।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:28 से 16:38 तक है, 10 घं 10 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 27 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 16:38, 10 घं 10 मि का दिन।

मंगल 27 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 16:38, 10 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:18 चंद्रोदय 16:48
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:18 चंद्रोदय 16:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 23.8° पर था: भरणी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 23.8° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 23.8° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:09 को निकलेगा, कृत्तिका में।

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 213.4° थे: व्यतीपात।

सूर्य 189.6° + चंद्रमा 23.8° = 213.4° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 189.6° + चंद्रमा 23.8° = 213.4° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 189.6° + 23.8° = 213.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 02:48 बुध को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 194.2° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 194.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° तैतिल 192°–198° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 194.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° तैतिल 192°–198° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 13:06 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 23:37 तक।

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:29 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 27 अक्टूबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 27 अक्टूबर अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

मंगल 27 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 27 अक्टूबर सूर्य 189.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 27 अक्टूबर सूर्य 189.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 215.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 27 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:48

चंद्रमा यहाँ 16:48 पर उदय होता है।

मंगल 27 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:18

सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:18 चंद्रोदय 16:48
सूर्योदय 06:28 सूर्यास्त 16:38 सूर्योदय 06:29 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:18 चंद्रोदय 16:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:18 पर अस्त हुआ; वह फिर 16:48 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:18 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 16:48 पर उदय होगा।