Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 25 जून 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
निर्जला एकादशी
निर्जला एकादशी गुरु 25 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। गुरु 25 जून क्यों?
निर्जला एकादशी: Myjava में हर तारीख़25 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 25 जून
- 03:44–04:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:47 से
- 04:47–06:48शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:19–13:24अभिजीत मुहूर्त
- 12:52–14:53लाभ चौघड़िया
- 14:53–16:54अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:55–20:57शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:57 के बाद
- 20:57–21:55अमृत चौघड़िया
- 00:52–01:51 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:50–03:48 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 03:48–04:47 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 03:45–04:16 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:47–06:48शुभयमगण्ड में
- 06:48–08:49रोगअशुभ
- 08:49–10:51उद्वेगअशुभ
- 10:51–12:52चरसामान्य
- 12:52–14:53लाभशुभ
- 14:53–16:54अमृतराहु काल में
- 16:54–18:55कालअशुभ
- 18:55–20:57शुभ
रात का चौघड़िया
- 20:57–21:55अमृतशुभ
- 21:55–22:54चरसामान्य
- 22:54–23:53रोगअशुभ
- 23:53–00:52 शुक्रकालअशुभ
- 00:52–01:51 शुक्रलाभशुभ
- 01:51–02:50 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:50–03:48 शुक्रशुभ
- 03:48–04:47 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 25 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:44–04:16, शुभ
- शुभ, 04:47–06:48
- रोग, अशुभ, 06:48–08:49
- उद्वेग, अशुभ, 08:49–10:51
- चर, सामान्य, 10:51–12:52
- लाभ, शुभ, 12:52–14:53
- अमृत, शुभ, 14:53–16:54
- काल, अशुभ, 16:54–18:55
- शुभ, 18:55–20:57
- अमृत, शुभ, 20:57–21:55
- चर, सामान्य, 21:55–22:54
- रोग, अशुभ, 22:54–23:53
- काल, अशुभ, 23:53–00:52 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:52–01:51 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:51–02:50 शुक्र
- शुभ, 02:50–03:48 शुक्र
- अमृत, शुभ, 03:48–04:47 शुक्र
- यमगण्ड, 04:47–06:48, अशुभ
- गुलिक काल, 08:49–10:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:10–11:15, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:19–13:24, शुभ
- राहु काल, 14:53–16:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:38–17:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:45–04:16 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में निर्जला एकादशी गुरु 25 जून को क्यों है?
निर्जला एकादशी गुरु 25 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 25 जून को सूर्योदय पर है, 04:47: गुरु 25 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:42 बुध पर, उससे (03:11–04:47) पहले, समाप्त हुई।
गुरु 25 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 126.5° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:47। दशमी उससे पहले 14:42 बुध पर समाप्त हुई। एकादशी 16:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 15 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 25 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:44–04:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:44–04:16।
बुध 24 जून की रात सूर्यास्त 20:57 बुध से सूर्योदय 04:47 तक थी, 7 घं 50 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 25 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:19–13:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:19–13:24।
गुरु 25 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 10:10–11:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:10–11:15 और 16:38–17:43।
गुरु 25 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 16:38–17:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:10–11:15 और 16:38–17:43।
यहाँ दिन, 04:47 से 20:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:10–11:15 और 16:38–17:43।
गुरु 25 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:47–06:48 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:47 से 20:57, 2 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:57 से 04:47 शुक्र, 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 25 जून को राहुकाल कब है? 14:53–16:54
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:53–16:54।
गुरु 25 जून को यमगंड कब है? 04:47–06:48
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:47–06:48।
गुरु 25 जून को गुलिक काल कब है? 08:49–10:51
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:49–10:51।
यहाँ दिन 04:47 से 20:57 तक है, 16 घं 10 मि। इसे 2 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 25 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:47, सूर्यास्त 20:57, 16 घं 10 मि का दिन।
गुरु 25 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:47, सूर्यास्त 20:57, 16 घं 10 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 25 जून को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 195.9° पर था: स्वाती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:59 को निकलेगा, विशाखा में।
गुरु 25 जून को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 265.3° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 69.4° + 195.9° = 265.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 07:23 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
गुरु 25 जून को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 126.5° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 03:38 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 16:39 तक है।
गुरु 25 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 04:47, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:47 से 04:47 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 25 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 15 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 14 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
गुरु 25 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
गुरु 25 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 95.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 25 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:10
चंद्रमा यहाँ 17:10 पर उदय होता है।
गुरु 25 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:45 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:10 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:45 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:10 पर उदय हुआ; वह फिर 01:45 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।