Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 19 जून 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
19 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 19 जून
- 03:43–04:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:45 से
-
05:06–06:37अमृत कालअश्लेशा में
- 06:47–08:48लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:04–10:49अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:51–13:23अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:51–13:23शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 14:28–14:52शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 20:56 के बाद
- 22:53–23:52लाभ चौघड़िया
- 00:51–01:49 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:49–02:48 शनिअमृत चौघड़िया
-
03:36–04:46 शनिअमृत कालगुलिक काल छोड़कर · मघा में
- 03:43–04:14 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:45–06:47चरसामान्य
- 06:47–08:48लाभगुलिक काल में
- 08:48–10:49अमृतशुभ
- 10:49–12:51कालअशुभ
- 12:51–14:52शुभ
- 14:52–16:53रोगअशुभ
- 16:53–18:54उद्वेगअशुभ
- 18:54–20:56चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 20:56–21:54रोगअशुभ
- 21:54–22:53कालअशुभ
- 22:53–23:52लाभशुभ
- 23:52–00:51 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:51–01:49 शनिशुभ
- 01:49–02:48 शनिअमृतशुभ
- 02:48–03:47 शनिचरसामान्य
- 03:47–04:46 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 19 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:43–04:14, शुभ
- चर, सामान्य, 04:45–06:47
- लाभ, शुभ, 06:47–08:48
- अमृत, शुभ, 08:48–10:49
- काल, अशुभ, 10:49–12:51
- शुभ, 12:51–14:52
- रोग, अशुभ, 14:52–16:53
- उद्वेग, अशुभ, 16:53–18:54
- चर, सामान्य, 18:54–20:56
- रोग, अशुभ, 20:56–21:54
- काल, अशुभ, 21:54–22:53
- लाभ, शुभ, 22:53–23:52
- उद्वेग, अशुभ, 23:52–00:51 शनि
- शुभ, 00:51–01:49 शनि
- अमृत, शुभ, 01:49–02:48 शनि
- चर, सामान्य, 02:48–03:47 शनि
- रोग, अशुभ, 03:47–04:46 शनि
- गुलिक काल, 06:47–08:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:59–09:04, अशुभ
- राहु काल, 10:49–12:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:18–13:23, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:23–14:28, अशुभ
- यमगण्ड, 16:53–18:54, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:43–04:14 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 19 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 55.3° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:45। चतुर्थी उससे पहले 15:29 गुरु पर समाप्त हुई। पञ्चमी 13:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 15 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 19 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:43–04:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:43–04:14।
गुरु 18 जून की रात सूर्यास्त 20:55 गुरु से सूर्योदय 04:45 तक थी, 7 घं 50 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 19 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:18–13:23
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:18–13:23।
शुक्र 19 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:59–09:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:59–09:04 और 13:23–14:28।
शुक्र 19 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 13:23–14:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:59–09:04 और 13:23–14:28।
यहाँ दिन, 04:45 से 20:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:59–09:04 और 13:23–14:28।
शुक्र 19 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:45–06:47 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:45 से 20:56, 2 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:56 से 04:46 शनि, 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 19 जून को राहुकाल कब है? 10:49–12:51
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–12:51।
शुक्र 19 जून को यमगंड कब है? 16:53–18:54
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:53–18:54।
शुक्र 19 जून को गुलिक काल कब है? 06:47–08:48
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:47–08:48।
यहाँ दिन 04:45 से 20:56 तक है, 16 घं 11 मि। इसे 2 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 19 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:56, 16 घं 11 मि का दिन।
शुक्र 19 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:56, 16 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 19 जून को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा
सूर्योदय पर चंद्रमा 118.9° पर था: अश्लेशा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 116°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:37 को निकलेगा, मघा में।
शुक्र 19 जून को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 182.5° थे: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 63.6° + 118.9° = 182.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 11:23 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
शुक्र 19 जून को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 55.3° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 02:24 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 13:30 तक है।
शुक्र 19 जून को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 04:45, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:45 से 04:46 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 19 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 15 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 14 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शुक्र 19 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
शुक्र 19 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 89.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 19 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:51
चंद्रमा यहाँ 09:51 पर उदय होता है।
शुक्र 19 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:05 शनि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:51 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:05 शनि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:51 पर उदय हुआ; वह फिर 00:05 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।