tithika
English

Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 15 जून 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 04:54 तक

फिर प्रतिपदा · 01:01 मंगल तक

यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानें

व्रत

अमावस्या

अमावस्या सोम 15 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 15 जून क्यों?

अमावस्या: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:42 04:45 20:54अगला सूर्योदय 04:45 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:45–06:46अमृतशुभ
  • 06:46–08:47कालअशुभ
  • 08:47–10:49शुभ
  • 10:49–12:50रोगअशुभ
  • 12:50–14:51उद्वेगअशुभ
  • 14:51–16:52चरसामान्य
  • 16:52–18:53लाभशुभ
  • 18:53–20:54अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:54–21:53चरसामान्य
  • 21:53–22:52रोगअशुभ
  • 22:52–23:51कालअशुभ
  • 23:51–00:50 मंगललाभशुभ
  • 00:50–01:49 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:49–02:47 मंगलशुभ
  • 02:47–03:46 मंगलअमृतशुभ
  • 03:46–04:45 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 15 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:42–04:14, शुभ
  • अमृत, शुभ, 04:45–06:46
  • काल, अशुभ, 06:46–08:47
  • शुभ, 08:47–10:49
  • रोग, अशुभ, 10:49–12:50
  • उद्वेग, अशुभ, 12:50–14:51
  • चर, सामान्य, 14:51–16:52
  • लाभ, शुभ, 16:52–18:53
  • अमृत, शुभ, 18:53–20:54
  • चर, सामान्य, 20:54–21:53
  • रोग, अशुभ, 21:53–22:52
  • काल, अशुभ, 22:52–23:51
  • लाभ, शुभ, 23:51–00:50 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:50–01:49 मंगल
  • शुभ, 01:49–02:47 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:47–03:46 मंगल
  • चर, सामान्य, 03:46–04:45 मंगल
  • राहु काल, 06:46–08:47, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:49–12:50, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:17–13:22, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:22–14:27, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:51–16:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:36–17:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:42–04:14 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में अमावस्या सोम 15 जून को क्यों है?

अमावस्या सोम 15 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 03:00 04:00 05:00 06:00 रवि 14 जून सूर्योदय 04:45
चतुर्दशी 03:00 04:00 05:00 06:00 रवि 14 जून सूर्योदय 04:45
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 14 जून को 08:50 से सोम 15 जून को 04:54 तक है, इसलिए वह केवल सोम 15 जून के सूर्योदय (04:45) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Myjava में हर तारीख़

सोम 15 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:45। चतुर्दशी उससे पहले 08:50 रवि पर समाप्त हुई। अमावस्या 04:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 31 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

प्रतिपदा क्षय क्यों है?

प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 15 जून सुबह मंगल 16 जून सुबह Myjava UTC+2 04:54 01:01 04:45 अमावस्या 04:45 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 15 जून सुबह मंगल 16 जून सुबह Myjava UTC+2 04:54 01:01 04:45 अमावस्या 04:45 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 04:54 को शुरू हुई और 01:01 मंगल को समाप्त, 04:45 और 04:45 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को अमावस्या है और मंगलवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 15 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:42–04:14

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:42–04:14।

सूर्यास्त 20:54 रवि सूर्योदय 04:45 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 14 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:54 रवि सूर्योदय 04:45 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 14 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 14 जून की रात सूर्यास्त 20:54 रवि से सूर्योदय 04:45 तक थी, 7 घं 51 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 15 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:17–13:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:17–13:22।

सोम 15 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 13:22–14:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:22–14:27 और 16:36–17:40।

सोम 15 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 16:36–17:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:22–14:27 और 16:36–17:40।

सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 04:45 से 20:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:22–14:27 और 16:36–17:40।

सोम 15 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:45–06:46 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:45 से 20:54, 2 घं 1 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:54 से 04:45 मंगल, 58 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 15 जून को राहुकाल कब है? 06:46–08:47

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:46–08:47।

सोम 15 जून को यमगंड कब है? 10:49–12:50

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–12:50।

सोम 15 जून को गुलिक काल कब है? 14:51–16:52

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:51–16:52।

सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 04:45 से 20:54 तक है, 16 घं 9 मि। इसे 2 घं 1 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 15 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:54, 16 घं 9 मि का दिन।

सोम 15 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:45, सूर्यास्त 20:54, 16 घं 9 मि का दिन।

सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00
सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 15 जून को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 59.7° पर था: मृगशिरा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 59.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 59.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 56°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 15:38 को निकलेगा, आर्द्रा में।

सोम 15 जून को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 119.5° थे: शूल।

सूर्य 59.8° + चंद्रमा 59.7° = 119.5° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 59.8° + चंद्रमा 59.7° = 119.5° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 59.8° + 59.7° = 119.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 05:25 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

सोम 15 जून को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.9° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 18:52 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 04:54 तक है।

सोम 15 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:45, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:45 से 04:45 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 15 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

16 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 मई 22:01 शनि से 15 जून 04:54 तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 09:22 को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

सोम 15 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 15 जून अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 30 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 15 जून अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 30 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।

सोम 15 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 15 जून सूर्य 59.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 15 जून सूर्य 59.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 85.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 15 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:00

चंद्रमा यहाँ 22:00 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00
सूर्योदय 04:45 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 04:45 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 22:00 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।