Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 11 मार्च 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
11 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 11 मार्च
- 04:32–05:21ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:11 से
- 06:11–07:38लाभ चौघड़िया
- 07:38–09:05अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:05–09:25अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · ज्येष्ठा में
- 10:32–12:00शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:21–17:48लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:48 के बाद
- 19:21–20:53शुभ चौघड़िया
- 20:53–22:26अमृत चौघड़िया
- 03:04–04:36 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:30–05:20 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:11–07:38लाभशुभ
- 07:38–09:05अमृतयमगण्ड में
- 09:05–10:32कालअशुभ
- 10:32–12:00शुभगुलिक काल में
- 12:00–13:27रोगअशुभ
- 13:27–14:54उद्वेगअशुभ
- 14:54–16:21चरसामान्य
- 16:21–17:48लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:48–19:21उद्वेगअशुभ
- 19:21–20:53शुभ
- 20:53–22:26अमृतशुभ
- 22:26–23:58चरसामान्य
- 23:58–01:31 गुरुरोगअशुभ
- 01:31–03:04 गुरुकालअशुभ
- 03:04–04:36 गुरुलाभशुभ
- 04:36–06:09 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 11 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:21, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:11–07:38
- अमृत, शुभ, 07:38–09:05
- काल, अशुभ, 09:05–10:32
- शुभ, 10:32–12:00
- रोग, अशुभ, 12:00–13:27
- उद्वेग, अशुभ, 13:27–14:54
- चर, सामान्य, 14:54–16:21
- लाभ, शुभ, 16:21–17:48
- उद्वेग, अशुभ, 17:48–19:21
- शुभ, 19:21–20:53
- अमृत, शुभ, 20:53–22:26
- चर, सामान्य, 22:26–23:58
- रोग, अशुभ, 23:58–01:31 गुरु
- काल, अशुभ, 01:31–03:04 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:04–04:36 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:36–06:09 गुरु
- यमगण्ड, 07:38–09:05, अशुभ
- गुलिक काल, 10:32–12:00, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:36–12:23, अशुभ
- राहु काल, 12:00–13:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:20 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 11 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 268° आगे था: कृष्ण अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। सप्तमी उससे पहले 21:24 मंगल पर समाप्त हुई। अष्टमी 23:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 3 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 11 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:21
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:21।
मंगल 10 मार्च की रात सूर्यास्त 17:46 मंगल से सूर्योदय 06:11 तक थी, 12 घं 25 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 11 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:36–12:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:36–12:23।
यहाँ दिन, 06:11 से 17:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:36–12:23: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 11 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:11–07:38 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:11 से 17:48, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:48 से 06:09 गुरु, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 11 मार्च को राहुकाल कब है? 12:00–13:27
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:00–13:27।
बुध 11 मार्च को यमगंड कब है? 07:38–09:05
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:38–09:05।
बुध 11 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:32–12:00
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:32–12:00।
यहाँ दिन 06:11 से 17:48 तक है, 11 घं 37 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 11 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:48, 11 घं 37 मि का दिन।
बुध 11 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:48, 11 घं 37 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 11 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 234.4° पर था: ज्येष्ठा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 233°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:30 को निकलेगा, मूल में।
बुध 11 मार्च को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 560.8° थे, एक चक्कर और 200.8°: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 326.4° + 234.4° = 560.8°, एक पूरा चक्कर और 200.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 05:28 गुरु को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
बुध 11 मार्च को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 268° थी: अष्टमी का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 10:38 तक है, जब बढ़त 270° होगी; कौलव 23:49 तक।
बुध 11 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:09 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 11 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 17 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 19 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
बुध 11 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
बुध 11 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 11:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 341.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 11 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:59 गुरु
चंद्रमा यहाँ 02:59 गुरु पर उदय होता है।
बुध 11 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:16
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:16 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:59 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:16 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:59 गुरु पर उदय होगा।