Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शनि 19 अप्रैल 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
19 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 19 अप्रैल
- 04:30–05:10ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:50 से
- 07:42–09:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:21–13:17अभिजीत मुहूर्त
- 14:33–16:18लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:18–18:02अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:47 के बाद
- 19:47–21:02लाभ चौघड़िया
- 22:17–23:32शुभ चौघड़िया
- 23:32–00:48 रविअमृत चौघड़िया
-
03:13–04:54 रविअमृत कालपूर्वाषाढा में
- 04:33–05:49 रविलाभ चौघड़िया
- 04:28–05:08 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:50–07:35कालअशुभ
- 07:35–09:20शुभ
- 09:20–11:04रोगअशुभ
- 11:04–12:49उद्वेगअशुभ
- 12:49–14:33चरसामान्य
- 14:33–16:18लाभयमगण्ड में
- 16:18–18:02अमृतशुभ
- 18:02–19:47कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:47–21:02लाभशुभ
- 21:02–22:17उद्वेगअशुभ
- 22:17–23:32शुभ
- 23:32–00:48 रविअमृतशुभ
- 00:48–02:03 रविचरसामान्य
- 02:03–03:18 रविरोगअशुभ
- 03:18–04:33 रविकालअशुभ
- 04:33–05:49 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 19 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:10, शुभ
- काल, अशुभ, 05:50–07:35
- शुभ, 07:35–09:20
- रोग, अशुभ, 09:20–11:04
- उद्वेग, अशुभ, 11:04–12:49
- चर, सामान्य, 12:49–14:33
- लाभ, शुभ, 14:33–16:18
- अमृत, शुभ, 16:18–18:02
- काल, अशुभ, 18:02–19:47
- लाभ, शुभ, 19:47–21:02
- उद्वेग, अशुभ, 21:02–22:17
- शुभ, 22:17–23:32
- अमृत, शुभ, 23:32–00:48 रवि
- चर, सामान्य, 00:48–02:03 रवि
- रोग, अशुभ, 02:03–03:18 रवि
- काल, अशुभ, 03:18–04:33 रवि
- लाभ, शुभ, 04:33–05:49 रवि
- गुलिक काल, 05:50–07:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:50–06:46, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:46–07:42, अशुभ
- राहु काल, 09:20–11:04, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:21–13:17, शुभ
- यमगण्ड, 14:33–16:18, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:08 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 19 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 247.7° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:50। पञ्चमी उससे पहले 13:37 शुक्र पर समाप्त हुई। षष्ठी 14:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 13 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 19 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:10
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:10।
शुक्र 18 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:45 शुक्र से सूर्योदय 05:50 तक थी, 10 घं 5 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 19 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:21–13:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:21–13:17।
शनि 19 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 05:50–06:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:50–06:46 और 06:46–07:42।
शनि 19 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:46–07:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:50–06:46 और 06:46–07:42।
यहाँ दिन, 05:50 से 19:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:50–06:46 और 06:46–07:42।
शनि 19 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:50–07:35 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:50 से 19:47, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:47 से 05:49 रवि, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 19 अप्रैल को राहुकाल कब है? 09:20–11:04
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:20–11:04।
शनि 19 अप्रैल को यमगंड कब है? 14:33–16:18
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:33–16:18।
शनि 19 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 05:50–07:35
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:50–07:35।
यहाँ दिन 05:50 से 19:47 तक है, 13 घं 57 मि। इसे 1 घं 44 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 19 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:47, 13 घं 57 मि का दिन।
शनि 19 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:47, 13 घं 57 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 19 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 252.8° पर था: मूल, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:51 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शनि 19 अप्रैल को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 257.9° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 5.1° + 252.8° = 257.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 21:22 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
शनि 19 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 247.7° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 02:19 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 14:52 तक है।
शनि 19 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:50, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:50 से 05:49 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 19 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 29 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
शनि 19 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
शनि 19 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 11:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 20.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 19 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:40 रवि
चंद्रमा यहाँ 02:40 रवि पर उदय होता है।
शनि 19 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:06
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:40 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:40 रवि पर उदय होगा।