Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 18 सितंबर 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
त्योहार
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष आरंभ बुध 18 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं। बुध 18 सितंबर क्यों?
पितृ पक्ष आरंभ: Myjava में हर तारीख़18 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 18 सितंबर
- 04:58–05:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:30 से
- 06:30–08:03लाभ चौघड़िया
- 08:03–09:37अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:10–12:43शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:22–18:55लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:55 के बाद
- 20:22–21:49शुभ चौघड़िया
- 21:49–23:16अमृत चौघड़िया
-
00:21–01:45 गुरुअमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 03:38–05:05 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:59–05:45 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:30–08:03लाभशुभ
- 08:03–09:37अमृतयमगण्ड में
- 09:37–11:10कालअशुभ
- 11:10–12:43शुभगुलिक काल में
- 12:43–14:16रोगअशुभ
- 14:16–15:49उद्वेगअशुभ
- 15:49–17:22चरसामान्य
- 17:22–18:55लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:55–20:22उद्वेगअशुभ
- 20:22–21:49शुभ
- 21:49–23:16अमृतशुभ
- 23:16–00:43 गुरुचरसामान्य
- 00:43–02:10 गुरुरोगअशुभ
- 02:10–03:38 गुरुकालअशुभ
- 03:38–05:05 गुरुलाभशुभ
- 05:05–06:32 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 18 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:44, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:30–08:03
- अमृत, शुभ, 08:03–09:37
- काल, अशुभ, 09:37–11:10
- शुभ, 11:10–12:43
- रोग, अशुभ, 12:43–14:16
- उद्वेग, अशुभ, 14:16–15:49
- चर, सामान्य, 15:49–17:22
- लाभ, शुभ, 17:22–18:55
- उद्वेग, अशुभ, 18:55–20:22
- शुभ, 20:22–21:49
- अमृत, शुभ, 21:49–23:16
- चर, सामान्य, 23:16–00:43 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:43–02:10 गुरु
- काल, अशुभ, 02:10–03:38 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:38–05:05 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:05–06:32 गुरु
- यमगण्ड, 08:03–09:37, अशुभ
- गुलिक काल, 11:10–12:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:18–13:07, अशुभ
- राहु काल, 12:43–14:16, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:45 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में पितृ पक्ष आरंभ बुध 18 सितंबर को क्यों है?
पितृ पक्ष आरंभ बुध 18 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं।
पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा बुध 18 सितंबर को 04:34 से गुरु 19 सितंबर को 00:49 तक है, इसलिए केवल बुधवार का अपराह्न (13:57–16:26) उसके भीतर है। पितृ पक्ष आरंभ का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
बुध 18 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 181.1° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:30। पूर्णिमा उससे पहले 04:34 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 00:49 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 18 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?
नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Myjava में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:07, पूर्णिमा की समाप्ति 08:04 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 04:19 गुरु को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।
Myjava · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 06:30, पूर्णिमा की समाप्ति 04:34 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
बुध 18 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:58–05:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:58–05:44।
मंगल 17 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:57 मंगल से सूर्योदय 06:30 तक थी, 11 घं 33 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 18 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:18–13:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:18–13:07।
यहाँ दिन, 06:30 से 18:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:18–13:07: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 18 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:30–08:03 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:30 से 18:55, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:55 से 06:32 गुरु, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 18 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:43–14:16
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:43–14:16।
बुध 18 सितंबर को यमगंड कब है? 08:03–09:37
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:03–09:37।
बुध 18 सितंबर को गुलिक काल कब है? 11:10–12:43
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:10–12:43।
यहाँ दिन 06:30 से 18:55 तक है, 12 घं 25 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 18 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 18:55, 12 घं 25 मि का दिन।
बुध 18 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 18:55, 12 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 18 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 332.7° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:30 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
बुध 18 सितंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 484.3° थे, एक चक्कर और 124.3°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 151.6° + 332.7° = 484.3°, एक पूरा चक्कर और 124.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 19:58 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
बुध 18 सितंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 181.1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 14:42 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 00:49 गुरु तक।
बुध 18 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:30, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:30 से 06:32 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 18 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 3 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 2 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
बुध 18 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
बुध 18 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 20:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 156.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 18 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:08
चंद्रमा यहाँ 19:08 पर उदय होता है।
बुध 18 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:39
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:39 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:08 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:39 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:08 पर उदय होगा।