Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग मंगल 12 सितंबर 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 12 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है। मंगल 12 सितंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Myjava में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 12 सितंबर को है: चतुर्दशी दोनों रात निशीथ काल को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है। मंगल 12 सितंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Myjava में हर तारीख़12 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 सितंबर
- 04:52–05:36ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:21 से
- 11:09–12:45लाभ चौघड़िया
- 12:19–12:45अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:45–14:21अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:57–17:33शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
17:43–19:31अमृत कालअश्लेशा में
- सूर्यास्त 19:09 के बाद
- 20:33–21:57लाभ चौघड़िया
- 23:22–23:38शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:23–00:46 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:46–02:10 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:53–05:37 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:21–07:57रोगअशुभ
- 07:57–09:33उद्वेगअशुभ
- 09:33–11:09चरसामान्य
- 11:09–12:45लाभशुभ
- 12:45–14:21अमृतगुलिक काल में
- 14:21–15:57कालअशुभ
- 15:57–17:33शुभराहु काल में
- 17:33–19:09रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:09–20:33कालअशुभ
- 20:33–21:57लाभशुभ
- 21:57–23:22उद्वेगअशुभ
- 23:22–00:46 बुधशुभ
- 00:46–02:10 बुधअमृतशुभ
- 02:10–03:34 बुधचरसामान्य
- 03:34–04:58 बुधरोगअशुभ
- 04:58–06:22 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:52–05:36, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:21–07:57
- उद्वेग, अशुभ, 07:57–09:33
- चर, सामान्य, 09:33–11:09
- लाभ, शुभ, 11:09–12:45
- अमृत, शुभ, 12:45–14:21
- काल, अशुभ, 14:21–15:57
- शुभ, 15:57–17:33
- रोग, अशुभ, 17:33–19:09
- काल, अशुभ, 19:09–20:33
- लाभ, शुभ, 20:33–21:57
- उद्वेग, अशुभ, 21:57–23:22
- शुभ, 23:22–00:46 बुध
- अमृत, शुभ, 00:46–02:10 बुध
- चर, सामान्य, 02:10–03:34 बुध
- रोग, अशुभ, 03:34–04:58 बुध
- काल, अशुभ, 04:58–06:22 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:55–09:46, अशुभ
- यमगण्ड, 09:33–11:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:19–13:11, शुभ
- गुलिक काल, 12:45–14:21, अशुभ
- राहु काल, 15:57–17:33, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:38–00:23 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:37 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में प्रदोष व्रत मंगल 12 सितंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 12 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 11 सितंबर को 20:22 से मंगल 12 सितंबर को 22:51 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: मंगल 12 सितंबर। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Myjava में मासिक शिवरात्रि मंगल 12 सितंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 12 सितंबर को है: चतुर्दशी दोनों रात निशीथ काल को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 12 सितंबर को 22:51 से गुरु 14 सितंबर को 01:19 तक है, और दोनों रात निशीथ काल का बराबर भाग घेरती है। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: मंगल 12 सितंबर। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 12 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 328.5° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:21। द्वादशी उससे पहले 20:22 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 22:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 31 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 12 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:52–05:36
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:52–05:36।
सोम 11 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:11 सोम से सूर्योदय 06:21 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 12 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:19–13:11
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:19–13:11।
मंगल 12 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:55–09:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:55–09:46, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:38–00:23 बुध।
मंगल 12 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:38–00:23 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:55–09:46, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:38–00:23 बुध।
यहाँ दिन, 06:21 से 19:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:55–09:46 और 23:38–00:23 बुध।
मंगल 12 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:21–07:57 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:21 से 19:09, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:09 से 06:22 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 12 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:57–17:33
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:57–17:33।
मंगल 12 सितंबर को यमगंड कब है? 09:33–11:09
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:33–11:09।
मंगल 12 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:45–14:21
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:45–14:21।
यहाँ दिन 06:21 से 19:09 तक है, 12 घं 48 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 12 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 19:09, 12 घं 48 मि का दिन।
मंगल 12 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 19:09, 12 घं 48 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 12 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा
सूर्योदय पर चंद्रमा 113.5° पर था: अश्लेशा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 113°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 19:31 को निकलेगा, मघा में।
मंगल 12 सितंबर को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 258.5° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 145° + 113.5° = 258.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 21:40 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
मंगल 12 सितंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 328.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:37 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 22:51 तक।
मंगल 12 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:21, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:21 से 06:22 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 12 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 16 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 15 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 12 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
मंगल 12 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 18:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 168.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 12 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:14 बुध
चंद्रमा यहाँ 04:14 बुध पर उदय होता है।
मंगल 12 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:40
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:14 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:14 बुध पर उदय होगा।