Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 3 जुलाई 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
त्योहार
गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा सोम 3 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 3 जुलाई क्यों?
गुरु पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा सोम 3 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 3 जुलाई क्यों?
पूर्णिमा: Myjava में हर तारीख़3 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 जुलाई
- 03:48–04:19ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:51 से
- 04:51–06:52अमृत चौघड़िया
- 08:52–10:53शुभ चौघड़िया
- 12:53–13:25अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:42–18:55लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:55–20:55अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:55 के बाद
- 23:54–00:54 मंगललाभ चौघड़िया
-
00:38–02:04 मंगलअमृत कालपूर्वाषाढा में
- 01:53–02:53 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:53–03:52 मंगलअमृत चौघड़िया
- 03:48–04:20 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:51–06:52अमृतशुभ
- 06:52–08:52कालअशुभ
- 08:52–10:53शुभ
- 10:53–12:53रोगअशुभ
- 12:53–14:54उद्वेगअशुभ
- 14:54–16:54चरसामान्य
- 16:54–18:55लाभशुभ
- 18:55–20:55अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:55–21:55चरसामान्य
- 21:55–22:54रोगअशुभ
- 22:54–23:54कालअशुभ
- 23:54–00:54 मंगललाभशुभ
- 00:54–01:53 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:53–02:53 मंगलशुभ
- 02:53–03:52 मंगलअमृतशुभ
- 03:52–04:52 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 3 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:48–04:19, शुभ
- अमृत, शुभ, 04:51–06:52
- काल, अशुभ, 06:52–08:52
- शुभ, 08:52–10:53
- रोग, अशुभ, 10:53–12:53
- उद्वेग, अशुभ, 12:53–14:54
- चर, सामान्य, 14:54–16:54
- लाभ, शुभ, 16:54–18:55
- अमृत, शुभ, 18:55–20:55
- चर, सामान्य, 20:55–21:55
- रोग, अशुभ, 21:55–22:54
- काल, अशुभ, 22:54–23:54
- लाभ, शुभ, 23:54–00:54 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:54–01:53 मंगल
- शुभ, 01:53–02:53 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:53–03:52 मंगल
- चर, सामान्य, 03:52–04:52 मंगल
- राहु काल, 06:52–08:52, अशुभ
- यमगण्ड, 10:53–12:53, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:21–13:25, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:25–14:30, अशुभ
- गुलिक काल, 14:54–16:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:38–17:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:48–04:20 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में गुरु पूर्णिमा सोम 3 जुलाई को क्यों है?
गुरु पूर्णिमा सोम 3 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
गुरु पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 2 जुलाई को 16:51 से सोम 3 जुलाई को 13:38 तक है, इसलिए वह केवल सोम 3 जुलाई के सूर्योदय (04:51) पर है। गुरु पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Myjava में पूर्णिमा सोम 3 जुलाई को क्यों है?
पूर्णिमा सोम 3 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 2 जुलाई को 16:51 से सोम 3 जुलाई को 13:38 तक है, इसलिए वह केवल सोम 3 जुलाई के सूर्योदय (04:51) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 3 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 174.9° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:51। चतुर्दशी उससे पहले 16:51 रवि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 13:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 18 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 3 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:48–04:19
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:48–04:19।
रवि 2 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:56 रवि से सूर्योदय 04:51 तक थी, 7 घं 55 मि। इसे 31 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 3 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:21–13:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:21–13:25।
सोम 3 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:25–14:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:30 और 16:38–17:42।
सोम 3 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:38–17:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:25–14:30 और 16:38–17:42।
यहाँ दिन, 04:51 से 20:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 4 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:25–14:30 और 16:38–17:42।
सोम 3 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:51–06:52 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:51 से 20:55, 2 घं 0 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:55 से 04:52 मंगल, 59 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 3 जुलाई को राहुकाल कब है? 06:52–08:52
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:52–08:52।
सोम 3 जुलाई को यमगंड कब है? 10:53–12:53
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:53।
सोम 3 जुलाई को गुलिक काल कब है? 14:54–16:54
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:54–16:54।
यहाँ दिन 04:51 से 20:55 तक है, 16 घं 4 मि। इसे 2 घं 0 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 3 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:51, सूर्यास्त 20:55, 16 घं 4 मि का दिन।
सोम 3 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:51, सूर्यास्त 20:55, 16 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 16 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 7 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 3 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 251.7° पर था: मूल, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:31 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
सोम 3 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 328.5° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 76.8° + 251.7° = 328.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 12:14 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
सोम 3 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 174.9° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 03:18 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 13:38 तक है।
सोम 3 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:51, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:51 से 04:52 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 3 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 18 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 17 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
सोम 3 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
सोम 3 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 18:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 100.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 3 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:42
चंद्रमा यहाँ 21:42 पर उदय होता है।
चंद्रमा 21:42 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।