tithika
English

Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग गुरु 26 जनवरी 2023

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

षष्ठी

शुक्ल पक्ष · 04:40 शुक्र तक

फिर सप्तमी · 04:13 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:28 07:27 16:37अगला सूर्योदय 07:26 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:27–08:36शुभयमगण्ड में
  • 08:36–09:44रोगअशुभ
  • 09:44–10:53उद्वेगअशुभ
  • 10:53–12:02चरसामान्य
  • 12:02–13:10लाभशुभ
  • 13:10–14:19अमृतराहु काल में
  • 14:19–15:28कालअशुभ
  • 15:28–16:37शुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:37–18:28अमृतशुभ
  • 18:28–20:19चरसामान्य
  • 20:19–22:10रोगअशुभ
  • 22:10–00:01 शुक्रकालअशुभ
  • 00:01–01:52 शुक्रलाभशुभ
  • 01:52–03:44 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:44–05:35 शुक्रशुभ
  • 05:35–07:26 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 26 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:28–06:28, शुभ
  • शुभ, 07:27–08:36
  • रोग, अशुभ, 08:36–09:44
  • उद्वेग, अशुभ, 09:44–10:53
  • चर, सामान्य, 10:53–12:02
  • लाभ, शुभ, 12:02–13:10
  • अमृत, शुभ, 13:10–14:19
  • काल, अशुभ, 14:19–15:28
  • शुभ, 15:28–16:37
  • अमृत, शुभ, 16:37–18:28
  • चर, सामान्य, 18:28–20:19
  • रोग, अशुभ, 20:19–22:10
  • काल, अशुभ, 22:10–00:01 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:01–01:52 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:52–03:44 शुक्र
  • शुभ, 03:44–05:35 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:35–07:26 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:27–08:36, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:44–10:53, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:30–11:07, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:43–12:20, शुभ
  • राहु काल, 13:10–14:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:10–14:47, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:27 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 26 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 60.8° आगे था: शुक्ल षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 60.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 60.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:27। पञ्चमी उससे पहले 05:58 पर समाप्त हुई। षष्ठी 04:40 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 21 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?

नई दिल्ली में पञ्चमी है, Myjava में षष्ठी।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी गुरु 26 जनवरी सुबह शुक्र 27 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+1 10:28 05:58 09:10 04:40 07:12 पञ्चमी 07:11 षष्ठी 07:27 षष्ठी 07:26 सप्तमी
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी गुरु 26 जनवरी सुबह शुक्र 27 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Myjava UTC+1 10:28 05:58 09:10 04:40 07:12 पञ्चमी 07:11 षष्ठी 07:27 षष्ठी 07:26 सप्तमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:12, पञ्चमी की समाप्ति 10:28 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है।

Myjava · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 07:27, पञ्चमी की समाप्ति 05:58 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।

गुरु 26 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:28–06:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:28–06:28।

सूर्यास्त 16:35 बुध सूर्योदय 07:27 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 25 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:35 बुध सूर्योदय 07:27 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 25 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 25 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:35 बुध से सूर्योदय 07:27 तक थी, 14 घं 52 मि। इसे 59 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 26 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:43–12:20

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:43–12:20।

गुरु 26 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:30–11:07

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:30–11:07 और 14:10–14:47।

गुरु 26 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:10–14:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:30–11:07 और 14:10–14:47।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:27 से 16:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 36 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:30–11:07 और 14:10–14:47।

गुरु 26 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:27–08:36 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:27 से 16:37, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:37 से 07:26 शुक्र, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 26 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:10–14:19

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:10–14:19।

गुरु 26 जनवरी को यमगंड कब है? 07:27–08:36

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:27–08:36।

गुरु 26 जनवरी को गुलिक काल कब है? 09:44–10:53

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:44–10:53।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:27 से 16:37 तक है, 9 घं 10 मि। इसे 1 घं 8 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 26 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:27

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:27, सूर्यास्त 16:37, 9 घं 10 मि का दिन।

गुरु 26 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:27, सूर्यास्त 16:37, 9 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 09:59
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 09:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 26 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 342.6° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 342.6° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 342.6° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 340° पर उसके पद 3 में आया। वह 14:26 को निकलेगा, रेवती में।

गुरु 26 जनवरी को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 624.4° थे, एक चक्कर और 264.4°: शिव।

सूर्य 281.8° + चंद्रमा 342.6° = 624.4° एक चक्कर + 264.4° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 281.8° + चंद्रमा 342.6° = 624.4° एक चक्कर + 264.4° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 281.8° + 342.6° = 624.4°, एक पूरा चक्कर और 264.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 10:58 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

गुरु 26 जनवरी को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 60.8° थी: षष्ठी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 60.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° कौलव 60°–66° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 60.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण षष्ठी 60°–72° कौलव 60°–66° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 17:13 तक है, जब बढ़त 66° होगी; तैतिल 04:40 शुक्र तक।

गुरु 26 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:27, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:27 से 07:26 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 26 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 21 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 20 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

गुरु 26 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 26 जनवरी पूर्णिमा 7 जन॰ अमावस्या 21 जन॰ पूर्णिमा 5 फ़र॰ अमावस्या 20 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 26 जनवरी पूर्णिमा 7 जन॰ अमावस्या 21 जन॰ पूर्णिमा 5 फ़र॰ अमावस्या 20 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

गुरु 26 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 26 जनवरी सूर्य 281.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 26 जनवरी सूर्य 281.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 08:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 294.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 26 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:59

चंद्रमा यहाँ 09:59 पर उदय होता है।

गुरु 26 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:45

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 09:59
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 16:37 सूर्योदय 07:26 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 09:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:59 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:45 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:59 पर उदय हुआ; वह फिर 22:45 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।