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Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग शुक्र 4 नवंबर 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 13:38 तक

फिर द्वादशी · 12:37 शनि तक

व्रत

देवउठनी एकादशी

पारण समय
06:42⁠–⁠12:37 शनि
शनि 5 नवंबर
व्रत आरंभ
06:40

देवउठनी एकादशी शुक्र 4 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शुक्र 4 नवंबर क्यों?

देवउठनी एकादशी: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:40 16:24अगला सूर्योदय 06:42 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:40–07:53चरसामान्य
  • 07:53–09:06लाभगुलिक काल में
  • 09:06–10:19अमृतशुभ
  • 10:19–11:32कालअशुभ
  • 11:32–12:45शुभ
  • 12:45–13:58रोगअशुभ
  • 13:58–15:11उद्वेगअशुभ
  • 15:11–16:24चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 16:24–18:12रोगअशुभ
  • 18:12–19:59कालअशुभ
  • 19:59–21:46लाभशुभ
  • 21:46–23:33उद्वेगअशुभ
  • 23:33–01:20 शनिशुभ
  • 01:20–03:08 शनिअमृतशुभ
  • 03:08–04:55 शनिचरसामान्य
  • 04:55–06:42 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:43, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:40–07:53
  • लाभ, शुभ, 07:53–09:06
  • अमृत, शुभ, 09:06–10:19
  • काल, अशुभ, 10:19–11:32
  • शुभ, 11:32–12:45
  • रोग, अशुभ, 12:45–13:58
  • उद्वेग, अशुभ, 13:58–15:11
  • चर, सामान्य, 15:11–16:24
  • रोग, अशुभ, 16:24–18:12
  • काल, अशुभ, 18:12–19:59
  • लाभ, शुभ, 19:59–21:46
  • उद्वेग, अशुभ, 21:46–23:33
  • शुभ, 23:33–01:20 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:20–03:08 शनि
  • चर, सामान्य, 03:08–04:55 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:55–06:42 शनि
  • गुलिक काल, 07:53–09:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:37–09:16, अशुभ
  • राहु काल, 10:19–11:32, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:13–11:52, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:52–12:31, अशुभ
  • यमगण्ड, 13:58–15:11, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:45 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में देवउठनी एकादशी शुक्र 4 नवंबर को क्यों है?

देवउठनी एकादशी शुक्र 4 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी 06:39 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 3 नवंबर अरुणोदय 05:03–06:39
दशमी 06:39 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 गुरु 3 नवंबर अरुणोदय 05:03–06:39
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 4 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:40: शुक्र 4 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 15:00 गुरु पर, उससे (05:04–06:40) पहले, समाप्त हुई।

देवउठनी एकादशी: Myjava में हर तारीख़

शुक्र 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 128.3° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 128.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 128.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:40। दशमी उससे पहले 15:00 गुरु पर समाप्त हुई। एकादशी 13:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 25 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शुक्र 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:43

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:43।

सूर्यास्त 16:26 गुरु सूर्योदय 06:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 3 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:26 गुरु सूर्योदय 06:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 3 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:26 गुरु से सूर्योदय 06:40 तक थी, 14 घं 14 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:13–11:52

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:13–11:52।

शुक्र 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:37–09:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:37–09:16 और 11:52–12:31।

शुक्र 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:52–12:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:37–09:16 और 11:52–12:31।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:40 से 16:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:37–09:16 और 11:52–12:31।

शुक्र 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:40–07:53 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:40 से 16:24, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:24 से 06:42 शनि, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:19–11:32

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:19–11:32।

शुक्र 4 नवंबर को यमगंड कब है? 13:58–15:11

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 13:58–15:11।

शुक्र 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:53–09:06

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:53–09:06।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:40 से 16:24 तक है, 9 घं 44 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 16:24, 9 घं 44 मि का दिन।

शुक्र 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 16:24, 9 घं 44 मि का दिन।

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:50 शनि चंद्रोदय 15:08
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:50 शनि चंद्रोदय 15:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 325.9° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 325.9° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 325.9° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 323°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:42 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

शुक्र 4 नवंबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 523.5° थे, एक चक्कर और 163.5°: व्याघात।

सूर्य 197.6° + चंद्रमा 325.9° = 523.5° एक चक्कर + 163.5° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 197.6° + चंद्रमा 325.9° = 523.5° एक चक्कर + 163.5° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 197.6° + 325.9° = 523.5°, एक पूरा चक्कर और 163.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 22:44 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

शुक्र 4 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 128.3° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 128.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 128.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 02:17 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 13:38 तक है।

शुक्र 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:40, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:40 से 06:42 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 25 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 23 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शुक्र 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 4 नवंबर पूर्णिमा 9 अक्टू॰ अमावस्या 25 अक्टू॰ पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 23 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल शुक्र 4 नवंबर पूर्णिमा 9 अक्टू॰ अमावस्या 25 अक्टू॰ पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 23 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

शुक्र 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 4 नवंबर सूर्य 197.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 4 नवंबर सूर्य 197.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 08:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 210.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:08

चंद्रमा यहाँ 15:08 पर उदय होता है।

शुक्र 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:50 शनि

सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:50 शनि चंद्रोदय 15:08
सूर्योदय 06:40 सूर्यास्त 16:24 सूर्योदय 06:42 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:50 शनि चंद्रोदय 15:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:08 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:50 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:08 पर उदय हुआ; वह फिर 02:50 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।