tithika
English

Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग बुध 5 अक्टूबर 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 08:30 तक

फिर एकादशी · 06:11 गुरु तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

पापांकुशा एकादशी

पारण समय
11:37⁠–⁠18:18 गुरु
गुरु 6 अक्टूबर
व्रत आरंभ
06:54

स्मार्त परंपरा में पापांकुशा एकादशी बुध 5 अक्टूबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 6 अक्टूबर को व्रत रखते हैं। बुध 5 अक्टूबर क्यों?

पापांकुशा एकादशी: Myjava में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:14 06:54 18:20अगला सूर्योदय 06:56 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:54–08:20लाभशुभ
  • 08:20–09:46अमृतयमगण्ड में
  • 09:46–11:11कालअशुभ
  • 11:11–12:37शुभगुलिक काल में
  • 12:37–14:03रोगअशुभ
  • 14:03–15:29उद्वेगअशुभ
  • 15:29–16:54चरसामान्य
  • 16:54–18:20लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:20–19:55उद्वेगअशुभ
  • 19:55–21:29शुभ
  • 21:29–23:03अमृतशुभ
  • 23:03–00:38 गुरुचरसामान्य
  • 00:38–02:12 गुरुरोगअशुभ
  • 02:12–03:47 गुरुकालअशुभ
  • 03:47–05:21 गुरुलाभशुभ
  • 05:21–06:56 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 5 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:04, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:54–08:20
  • अमृत, शुभ, 08:20–09:46
  • काल, अशुभ, 09:46–11:11
  • शुभ, 11:11–12:37
  • रोग, अशुभ, 12:37–14:03
  • उद्वेग, अशुभ, 14:03–15:29
  • चर, सामान्य, 15:29–16:54
  • लाभ, शुभ, 16:54–18:20
  • उद्वेग, अशुभ, 18:20–19:55
  • शुभ, 19:55–21:29
  • अमृत, शुभ, 21:29–23:03
  • चर, सामान्य, 23:03–00:38 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:38–02:12 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:12–03:47 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:47–05:21 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:21–06:56 गुरु
  • यमगण्ड, 08:20–09:46, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:11–12:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:14–13:00, अशुभ
  • राहु काल, 12:37–14:03, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:05 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Myjava में पापांकुशा एकादशी बुध 5 अक्टूबर को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में पापांकुशा एकादशी बुध 5 अक्टूबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 6 अक्टूबर को व्रत रखते हैं।

दशमी 06:54 08:30 04:00 05:00 06:00 07:00 बुध 5 अक्टूबर स्मार्त अरुणोदय 05:18–06:54 एकादशी 08:30 से
दशमी 06:54 08:30 04:00 06:00 बुध 5 अक्टूबर स्मार्त अरुणोदय 05:18–06:54 एकादशी 08:30 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह बुध 5 अक्टूबर को 08:30 पर, उस सूर्योदय (06:54) के बाद, लगती है और गुरु 6 अक्टूबर को 06:11 पर, अगले सूर्योदय (06:56 गुरु) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 5 अक्टूबर।

पापांकुशा एकादशी: Myjava में हर तारीख़

बुध 5 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.1° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:54। नवमी उससे पहले 10:51 मंगल पर समाप्त हुई। दशमी 08:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 25 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 5 अक्टूबर सुबह गुरु 6 अक्टूबर सुबह Myjava UTC+2 08:30 06:11 06:54 दशमी 06:56 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 5 अक्टूबर सुबह गुरु 6 अक्टूबर सुबह Myjava UTC+2 08:30 06:11 06:54 दशमी 06:56 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 08:30 को शुरू हुई और 06:11 गुरु को समाप्त, 06:54 और 06:56 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को दशमी है और गुरुवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 5 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:04।

सूर्यास्त 18:22 मंगल सूर्योदय 06:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 4 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:22 मंगल सूर्योदय 06:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 4 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 4 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:22 मंगल से सूर्योदय 06:54 तक थी, 12 घं 32 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 5 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:14–13:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:14–13:00।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:54 से 18:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:14–13:00: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 5 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:54–08:20 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:54 से 18:20, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:20 से 06:56 गुरु, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 5 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 12:37–14:03

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:37–14:03।

बुध 5 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:20–09:46

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:20–09:46।

बुध 5 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:11–12:37

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:11–12:37।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:54 से 18:20 तक है, 11 घं 26 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 5 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:54, सूर्यास्त 18:20, 11 घं 26 मि का दिन।

बुध 5 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:54, सूर्यास्त 18:20, 11 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 गुरु चंद्रोदय 17:00
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 गुरु चंद्रोदय 17:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 5 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 286.9° पर था: श्रवण, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 286.9° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 286.9° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:45 को निकलेगा, धनिष्ठा में।

बुध 5 अक्टूबर को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 454.7° थे, एक चक्कर और 94.7°: धृति।

सूर्य 167.8° + चंद्रमा 286.9° = 454.7° एक चक्कर + 94.7° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 167.8° + चंद्रमा 286.9° = 454.7° एक चक्कर + 94.7° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 167.8° + 286.9° = 454.7°, एक पूरा चक्कर और 94.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 01:48 गुरु को समाप्त होता है, फिर शूल।

बुध 5 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.1° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 21:41 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 08:30 तक है।

बुध 5 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:54, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:54 से 06:56 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 5 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 25 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 5 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 5 अक्टूबर पूर्णिमा 10 सित॰ अमावस्या 25 सित॰ पूर्णिमा 9 अक्टू॰ अमावस्या 25 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 5 अक्टूबर पूर्णिमा 10 सित॰ अमावस्या 25 सित॰ पूर्णिमा 9 अक्टू॰ अमावस्या 25 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

बुध 5 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 5 अक्टूबर सूर्य 167.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 08:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 5 अक्टूबर सूर्य 167.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 08:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 180.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 5 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:00

चंद्रमा यहाँ 17:00 पर उदय होता है।

बुध 5 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:04 गुरु

सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 गुरु चंद्रोदय 17:00
सूर्योदय 06:54 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 06:56 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 गुरु चंद्रोदय 17:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:00 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:04 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:00 पर उदय हुआ; वह फिर 02:04 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।