Myjava, स्लोवाकिया का पंचांग सोम 26 सितंबर 2022
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
त्योहार
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना सोम 26 सितंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। सोम 26 सितंबर क्यों?
शारदीय नवरात्रि: Myjava में हर तारीख़26 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 26 सितंबर
- 05:05–05:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:41 से
- 06:41–08:11अमृत चौघड़िया
- 09:41–11:10शुभ चौघड़िया
- 12:40–13:04अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:15–17:09लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:09–18:39अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:39 के बाद
-
20:41–22:18अमृत कालहस्त में
- 23:10–00:41 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:11–03:42 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:42–05:12 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:06–05:54 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:41–08:11अमृतशुभ
- 08:11–09:41कालअशुभ
- 09:41–11:10शुभ
- 11:10–12:40रोगअशुभ
- 12:40–14:10उद्वेगअशुभ
- 14:10–15:39चरसामान्य
- 15:39–17:09लाभशुभ
- 17:09–18:39अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:39–20:09चरसामान्य
- 20:09–21:40रोगअशुभ
- 21:40–23:10कालअशुभ
- 23:10–00:41 मंगललाभशुभ
- 00:41–02:11 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:11–03:42 मंगलशुभ
- 03:42–05:12 मंगलअमृतशुभ
- 05:12–06:43 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 26 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:05–05:53, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:41–08:11
- काल, अशुभ, 08:11–09:41
- शुभ, 09:41–11:10
- रोग, अशुभ, 11:10–12:40
- उद्वेग, अशुभ, 12:40–14:10
- चर, सामान्य, 14:10–15:39
- लाभ, शुभ, 15:39–17:09
- अमृत, शुभ, 17:09–18:39
- चर, सामान्य, 18:39–20:09
- रोग, अशुभ, 20:09–21:40
- काल, अशुभ, 21:40–23:10
- लाभ, शुभ, 23:10–00:41 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:41–02:11 मंगल
- शुभ, 02:11–03:42 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:42–05:12 मंगल
- चर, सामान्य, 05:12–06:43 मंगल
- राहु काल, 08:11–09:41, अशुभ
- यमगण्ड, 11:10–12:40, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:16–13:04, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:04–13:52, अशुभ
- गुलिक काल, 14:10–15:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:28–16:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:06–05:54 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Myjava में शारदीय नवरात्रि सोम 26 सितंबर को क्यों है?
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना सोम 26 सितंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा रवि 25 सितंबर को 23:54 से सोम 26 सितंबर को 23:38 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रातःकाल (06:41–09:05) उसके भीतर है।
सोम 26 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 3.4° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। अमावस्या उससे पहले 23:54 रवि पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 23:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 25 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 26 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:05–05:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:05–05:53।
रवि 25 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:41 रवि से सूर्योदय 06:41 तक थी, 12 घं 0 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 26 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:16–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:16–13:04।
सोम 26 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:04–13:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:52 और 15:28–16:15।
सोम 26 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:28–16:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:52 और 15:28–16:15।
यहाँ दिन, 06:41 से 18:39, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:04–13:52 और 15:28–16:15।
सोम 26 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:41–08:11 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:41 से 18:39, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:39 से 06:43 मंगल, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 26 सितंबर को राहुकाल कब है? 08:11–09:41
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:11–09:41।
सोम 26 सितंबर को यमगंड कब है? 11:10–12:40
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:10–12:40।
सोम 26 सितंबर को गुलिक काल कब है? 14:10–15:39
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:10–15:39।
यहाँ दिन 06:41 से 18:39 तक है, 11 घं 58 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 26 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 18:39, 11 घं 58 मि का दिन।
सोम 26 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 18:39, 11 घं 58 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 26 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 162.3° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:46 मंगल को निकलेगा, चित्रा में।
सोम 26 सितंबर को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 321.2° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 158.9° + 162.3° = 321.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 03:13 मंगल को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
सोम 26 सितंबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 3.4° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 11:49 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 23:38 तक।
सोम 26 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:43 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 25 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
सोम 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
सोम 26 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 08:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 171.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 26 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:58
चंद्रमा यहाँ 06:58 पर उदय होता है।
सोम 26 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:07
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:58 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:07 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:58 पर उदय हुआ; वह फिर 19:07 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।